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UN में हमास-फिलिस्तीन पर अमेरिका और अरब देशों में जोर-आजमाइश 

फिलिस्तनियों के संरक्षण के उपाय के लिए लाए गए अरब समर्थित संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के मसौदे पर अमेरिका ने वीटो कर दिया है.

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UN में हमास-फिलिस्तीन पर अमेरिका और अरब देशों में जोर-आजमाइश 

प्रतीकात्मक चित्र

खास बातें

  1. फिलिस्तनियों के संरक्षण के उपाय वाले मसौदे पर अमेरिका का वीटो
  2. अरब देशों की ओर से कुवैत ने रखा था मसौदा
  3. फलस्तीनी समूह हमास की निंदा वाला अमेरिका का प्रस्ताव अस्वीकार
संयुक्त राष्ट्र : गाजा से लगती सरहद पर इस्राइली सेना की गोलीबारी में 100 से ज्यादा फिलिस्तनियों के मारे जाने के बाद उनके संरक्षण के उपाय के लिए लाए गए अरब समर्थित संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के मसौदे पर अमेरिका ने वीटो कर दिया है.प्रस्ताव का यह मसौदा कल सुरक्षा परिषद में अरब देशों की ओर से कुवैत ने रखा था. इसके पक्ष में चीन, फ्रांस और रूस समेत दस देशों ने मतदान किया था, जबकि ब्रिटेन, इथोपिया, नीदरलैंड और पौलेंड गैर हाजिर रहे थे.15 सदस्य सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव के मसौदे को स्वीकार करने के लिए नौ मतों की आवश्यकता थी और पांच स्थायी देशों की ओर से वीटो भी नहीं होना चाहिए था. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी देश ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका हैं.अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने परिषद से कहा कि गाजा में हाल की हिंसा पर इस्राइल की निंदा के लिए लाये गए प्रस्ताव का मसौदा पूरी तरह से गलत है.

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इस प्रस्ताव के मसौदे की सामग्री कुवैत ने तैयार की है जो गाजा और कब्जाए गए पश्चिमी तट पर फलस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षण की गारंटी की मांग करता है.मतदान से पहले, गाजा सीमा बाड़ के पास इस्राइली सैनिकों ने फलस्तीन की युवती की गोली मारकर हत्या कर दी. इसी के साथ मार्च के अंत से अब तक इस्राइली सेना की गोलीबारी में मरने वालों की संख्या 123 हो गई है.दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गाजा में हाल में हुई हिंसा के लिए फलस्तीनी समूह हमास की निंदा करने वाले अमेरिका के प्रस्ताव के मसौदे को स्वीकार नहीं किया गया. सुरक्षा परिषद में कल इस प्रस्ताव के मसौदे के पक्ष में केवल अमेरिका ने वोट दिया. ग्यारह देश मतदान से दूर रहे जबकि बोलिविया , कुवैत और रूस ने इसका विरोध किया. (इनपुट - भाषा)

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