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UN की टीम ने कहा- रोंहिग्याओं के 'नरसंहार' के लिये म्यांमार के सेना प्रमुख पर चले मुकदमा, फेसबुक ने लगाया प्रतिबंध

संयुक्त राष्ट्र समर्थित मानवाधिकार परिषद के तहत काम करने वाले तीन सदस्यीय तथ्यान्वेषी दल ने अपनी रिपोर्ट में घर-बार छोड़ चुके सैकड़ो रोहिंग्याओं की दास्तान, सेटेलाइट फुटेज और अन्य सूचनाएं जुटायी हैं.

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UN की टीम ने कहा- रोंहिग्याओं के 'नरसंहार' के लिये म्यांमार के सेना प्रमुख पर चले मुकदमा, फेसबुक ने लगाया प्रतिबंध

यूएन की मानवाधिकार टीम ने सेना प्रमुख से तुरंत पद से हट जाने के लिये कहा है. (फाइल फोटो )

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवाधिकार निकाय के लिए काम करने वाले जांचकर्ताओं ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार को लेकर म्यांमार की सेना के शीर्ष अधिकारियों पर मुकदमा चलना चाहिए. जांचकर्ताओं की पहली रिपोर्ट के साथ यह आह्वान किया गया है. इसे संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों की अब तक की सबसे सख्त भाषाओं में एक माना जा रहा है. इन अधिकारियों ने म्यामांर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन की निंदा की है. पिछले अगस्त में रोहिंग्याओं के विरुद्ध खून-खराबा शुरू हुआ था.  संयुक्त राष्ट्र समर्थित मानवाधिकार परिषद के तहत काम करने वाले तीन सदस्यीय तथ्यान्वेषी दल ने अपनी रिपोर्ट में घर-बार छोड़ चुके सैकड़ो रोहिंग्याओं की दास्तान, सेटेलाइट फुटेज और अन्य सूचनाएं जुटायी हैं. शरणार्थी रोहिंग्याओं की दास्तान, सेटेलाइट फटेज के उपयोग के माध्यम टीम ने अपराधों का ब्योरा तैयार किया है जिसमें सामूहिक बलात्कार, गांवों को जलाया जाना, लोगों को दास बनाया जाना, बच्चों को उनके मां-बाप के सामने ही मार दिया जाना आदि शामिल है. टीम को म्यामां में पहुंच नहीं दी गयी और उसने इसकी निंदा की. 

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इस रिपोर्ट की प्रति म्यांमार सरकार को मिल गयी है. टीम ने एक अनुमान का हवाला दिया जिसके हिसाब से हिंसा में 10,000 लोगों की जान चली गयी. जांचकर्ताओं ने मुकदमा के लिए म्यांमार की सेना के छह शीर्ष अधिकारियों के नाम लिए हैं. 

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फेसबुक ने म्यांमार सेना प्रमुख को किया बैन 
फेसबुक ने म्यांमार के सेना प्रमुख तथा सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को संयुक्त राष्ट्र की जांच अनुशंसा के बाद प्रतिबंधित कर दिया हैय जांच अनुशंसा में कहा गया है कि रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई में जनसंहार के लिए उन पर अभियोग चलाया जाए. लंबे समय से सेना के शासन में रहे इस देश में फेसबुक खबर और सूचना प्राप्त करने का प्राथमिक स्रोत है. लेकिन यह मंच सेना और कट्टरपंथी बैद्धों के घृणा फैलाने वाले भाषणों तथा रोहिंग्याओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काने वाले पोस्ट करने का मंच भी बन गया है. संयुक्त राष्ट्र जांचकर्ताओं ने इस साल की शुरूआत में फेसबुक की आलोचना की थी. फेसबुक ने कहा ‘‘हम फेसबुक से बर्मा के 20 लोगों और संगठनों को बैन कर रहे हैं ,जिसमें सशस्त्र बलों के कमांडर इन चीफ सीनियर जनरल मिन ऑंग हलांइंग शामिल हैं.’’    साथ ही कहा कि वह इन्हें जातीय और धार्मिक तनाव को आगे बढ़ाने के लिए उसकी सेवा का इस्तेमाल करने से रोकना चाहता है. सेना प्रमुख के दो एक्टिव फेसबुक एकाउंट हैं. एक में इनके 13 लाख फॉलोवर हैं और दूसरे में 28 लाख. 

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नेशनल रिपोर्टर : रोहिंग्या कैंप से NDTV की ग्राउंड रिपोर्ट​
 

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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