जासूसी मुद्दे पर अमेरिका और जापान आमने-सामने

जासूसी मुद्दे पर अमेरिका और जापान आमने-सामने

प्रतीकात्मक चित्र

वाशिंगटन:

विकिलीक्स वेबसाइट के एक और खुलासे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। इस खुलासे के अनुसार अमेरिका ने जापान की जासूसी की थी।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान के हवाले से बताया है कि अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जो बिडेन ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे से टेलीफोन पर बात की है। बिडेन ने अबे से कहा कि अमेरिका अपने राष्ट्रपति के निर्देश के हिसाब से "अपना पूरा फोकस राष्ट्रीय सुरक्षा हितों से जुड़ी खुफिया जानकारियों को एकत्र करने पर रखता है।"

विकिलीक्स वेबसाइट ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी की कई रिपोर्ट की जानकारी दी है जिनसे पता चलता है कि अमेरिका के जासूसी रडार पर जापान के 35 लोग और ठिकाने थे। इनमें कैबिनेट दफ्तर, बैंक ऑफ जापान, वित्त और व्यापार मंत्रालय और कई कंपनियां शामिल हैं।

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जापान की संसद के ऊपरी सदन में एक विशेष कमेटी बैठक में प्रधानमंत्री अबे ने कहा कि जापान पहले तो यह पता लगा रहा है कि क्या जासूसी की बात सही है। अगर सही है तो फिर सहयोगी मित्र राष्ट्र का मकसद क्या था।

अबे ने कहा, "अगर विकिलीक्स की बात सच निकली तो फिर अमेरिका के एक सहयोगी की हैसियत से जापान को बहुत दुख और अफसोस होगा। हमने अमेरिका से सख्ती से कहा है कि वह मामले को देखे।"