NDTV Khabar

हक्कानी नेटवर्क और लश्कर के खिलाफ अभियान में पाक ने की अमेरिका की मदद, मिलेंगे 70 करोड़ डॉलर

अमेरिका के रक्षा सचिव जिम मैटिस द्वारा प्रमाणित करने पर कि पाकिस्तान ने अपने यहां के हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ स्पष्ट कदम उठाए हैं, उसे 35 करोड़ डॉलर से लेकर 70 करोड़ डॉलर तक की सहायता मुहैया कराई जाएगी. 

58 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
हक्कानी नेटवर्क और लश्कर के खिलाफ अभियान में पाक ने की अमेरिका की मदद, मिलेंगे 70 करोड़ डॉलर

खास बातें

  1. हक्कानी नेटवर्क और लश्कर के खिलाफ पाकिस्‍तान ने की कार्रवाई
  2. 35 से लेकर 70 करोड़ डॉलर की दी जाएगी सहायता राशि
  3. पाक को दी जानेवाली सहायता पर रखी जाएगी नजर
वाशिंगटन: अमेरिकी कांग्रेस ने अफगानिस्तान में हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ चलाए जा रहे अमेरिकी अभियानों को समर्थन देने के एवज में पाकिस्तान को गठबंधन सहायता निधि (सीएसएफ) से 70 करोड़ डॉलर की सहायता प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया है्. डॉन की रिपोर्ट में बताया गया कि इस प्राधिकार को 2018 के राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (एनडीएए-2018) में सदन और सीनेट के संस्करणों में शामिल किया गया था, जिसे इस हफ्ते की शुरुआत में जारी किया गया. 

ऑस्‍कर विजेता पाकिस्तानी निर्देशक ने 'उत्‍पीड़न' पर किया ऐसा ट्वीट कि हो गईं Troll

इस समझौते वाले संस्करण में इसे शामिल किया गया है कि अमेरिका के रक्षा सचिव जिम मैटिस द्वारा प्रमाणित करने पर कि पाकिस्तान ने अपने यहां के हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ स्पष्ट कदम उठाए हैं, उसे 35 करोड़ डॉलर से लेकर 70 करोड़ डॉलर तक की सहायता मुहैया कराई जाएगी.  एनडीएए ने अमेरिकी रक्षा विभाग से गुजारिश की है कि वह पाकिस्तान को दी जानेवाली सहायता पर नजर रखे कि कहीं उसका इस्तेमाल आतंकवादी समूहों की मदद के लिए न हो सके.

Viral Video: पाकिस्‍तान की इस लड़की से सीखिए जिंदगी जीने का तरीका

इस समझौता संस्करण में पाकिस्तान में विभिन्न राजनीतिक या धार्मिक समूहों के कथित उत्पीड़न पर चिंता व्यक्त की गई है, जिसमें ईसाई, हिन्दू, अहमदिया, बलोच, सिंधी और हजारा समुदाय शामिल हैं. इस विधेयक में मैटिस से गुजारिश की गई है कि वे सुनिश्चित करें कि पाकिस्तान अमेरिका द्वारा प्रदान की गई सहायता का उपयोग अल्पसंख्यक समूहों पर जुल्म करने में नहीं करेगा. टोटो न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान नाटो ने कहा है कि पड़ोसी देशों की मदद के बिना अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता लाना संभव नहीं है. 

कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने दी पत्‍नी से मिलने की इजाजत


नाटो के अफगानिस्तान में वरिष्ठ नागरिक प्रतिनिधि राजदूत कर्नेलियस जिमरमान ने कहा, "अफगानिस्तान में तब तक शांति नहीं आ सकती, जब तक हम उसमें अफगानिस्तान के पड़ोसियों को शामिल नहीं करेंगे."
इनपुट : भाषा
 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement