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अमेरिकी उद्योग संगठन ने कहा, H-1B वीजा का विस्तार खत्म करना 'खराब नीति'

अमेरिका के उद्योग संगठन यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स ने शनिवार को कहा कि यह प्रतिभा आधारित आव्रजन व्यवस्था के लक्ष्यों के प्रतिकूल है.

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अमेरिकी उद्योग संगठन ने कहा, H-1B वीजा का विस्तार खत्म करना 'खराब नीति'

ट्रंप प्रशासन की इस योजना से करीब सात लाख भारतीयों को लौटना पड़ेगा

खास बातें

  1. एच-1बी वीजा का विस्तार खत्म करना खराब नीति
  2. इस योजना से करीब सात लाख भारतीयों को लौटना पड़ेगा
  3. यह प्रतिभा आधारित आव्रजन व्यवस्था के भी खिलाफ है
वाशिंगटन: अमेरिका के उद्योग संगठन यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स ने शनिवार को कहा कि एच-1बी वीजा का विस्तार समाप्त करना एक खराब नीति होगी और यह प्रतिभा आधारित आव्रजन व्यवस्था के लक्ष्यों के प्रतिकूल है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की इस योजना से करीब सात लाख भारतीयों को लौटना पड़ेगा.

एच-1बी वीजा कार्यक्रम के तहत उन क्षेत्रों के प्रतिभावान लोगों को अमेरिका का तात्कालिक वीजा मिलता है जिनमें अमेरिका में प्रतिभाओं की कमी होती है. इससे कंपनियों को विदेशी पेशेवर नियुक्त करने में मदद मिलती है. लेकिन ट्रंप ने पिछली जनवरी में कार्यालय संभालते ही इसे समाप्त करने की पहल शुरू कर दी थी.

यह भी पढ़ें - अमेरिका: एच-1बी वीजा धोखाधड़ी के मामले में भारतीय शिक्षक को सजा, 50 हजार डॉलर का जुर्माना भी

रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप द्वारा चुनावी अभियान में किये गये वादे ‘अमेरिकी खरीदो, अमेरिकी नियुक्त करो’ के तहत होमलैंड सिक्योरिटी विभाग कानून बनाने पर काम कर रहा है.

उद्योग संगठन के प्रवक्ता ने कहा, ‘यह बेहद बुरी नीति होगी कि अमेरिका में कई सालों से काम कर रहे और स्थायी नागरिकता के लिए आवेदन दे रहे लोगों को कहा जाए कि अब उनका यहां स्वागत नहीं है. इससे अमेरिकी कारोबार, अर्थव्यवस्था और देश को नुकसान होगा. यह प्रतिभा आधारित आव्रजन व्यवस्था के भी खिलाफ है.’

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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