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विकिलीक्स की लीक की हुई फाइल में था बालाकोट स्थित जैश के आतंकी ट्रेनिंग कैंप का जिक्र

31 जनवरी 2004 के इस दस्तावेज, जिस पर अमेरिकी थलसेना के मेजर जनरल जेफरी मिलर के दस्तखत थे, में कहा गया था कि रहमान ने पाकिस्तान के बालाकोट में प्रशिक्षण प्राप्त किया था.

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विकिलीक्स की लीक की हुई फाइल में था बालाकोट स्थित जैश के आतंकी ट्रेनिंग कैंप का जिक्र

बालाकोट एक प्रशिक्षण शिविर के ठिकाने के तौर पर जाना जाता है.

वॉशिंगटन/इस्लामाबाद:

विकिलीक्स की ओर से लीक की गई अमेरिकी रक्षा विभाग की एक गोपनीय फाइल से खुलासा हुआ था कि करीब 15 साल पहले की इस फाइल में पाकिस्तान (Pakistan) के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के बड़े आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर का जिक्र था. इस दस्तोवज में ग्वांतानामो बे में बंदी बनाकर रखे गए पाकिस्तानी नागरिक हाफिज के. रहमान का जिक्र है. पाकिस्तान के गुर्जर में पैदा हुआ 20 वर्षीय रहमान जिहादी बन गया था. 31 जनवरी 2004 के इस दस्तावेज, जिस पर अमेरिकी थलसेना के मेजर जनरल जेफरी मिलर के दस्तखत थे, में कहा गया था कि रहमान ने पाकिस्तान के बालाकोट (Balakot) में प्रशिक्षण प्राप्त किया था. 

बालाकोट एक ‘प्रशिक्षण शिविर के ठिकाने के तौर पर जाना जाता है जहां विस्फोटकों एवं आर्टिलरी पर बुनियादी और अत्याधुनिक आतंकवादी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है.' दस्तावेज के मुताबिक, रहमान ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हुए आतंकवादी हमले के बाद अमेरिका एवं इसके सहयोगी देशों के खिलाफ जिहाद का फैसला अपनी मर्जी से किया था. उसने जैश-ए-मोहम्मद से प्रशिक्षण लेने की बात भी कबूली थी. मिलर ने लिखा था कि जैश अमेरिका के खिलाफ जिहाद करता है और अल-कायदा से इसे सीधा समर्थन मिलता है.


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बता दें, पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उनकी कमर तोड़ दी है. पीओके के आतंकी कैंप पर भारतीय वायुसेना ने हवाई हमला किया और उसके सारे कैंपों को तबाह कर दिया. वायुसेना की इस बड़ी कार्रवाई में करीब 300 आतंकवादी मारे गए हैं और इसमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर का बहनोई यूसुफ अज़हर भी मारा गया है जो यह कैंप चला रहा था. भारतीय वायुसेना को इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने में 12 मिराज फाइटर जेट का सहारा लेना पड़ा. इतना ही नहीं, करीब 1000 किलो बम भी बरसाए गए. बता दें, 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, जिसकी जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.

(इनपुट- भाषा)

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