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विजय माल्‍या मामला : पीएम मोदी ने भगोड़े आर्थिक अपराधियों के मामले में ब्रिटेन से मांगी मदद

विजय माल्या पिछले कई महीनों से ब्रिटेन में रह रहे हैं, उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है. ब्रिटेन से उनको भारत भेजने के मामले में लंदन की एक अदालत में सुनवाई चल रही है.

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विजय माल्‍या मामला : पीएम मोदी ने भगोड़े आर्थिक अपराधियों के मामले में ब्रिटेन से मांगी मदद

विजय माल्‍या (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. भारत व ब्रिटेन के बीच प्रत्‍यर्पण संधि है जिसपर 1992 में हस्ताक्षर हुए थे
  2. इस संधि के तहत अब तक केवल एक प्रत्यर्पण ही हो पाया है
  3. माल्या की भारत में तलाश है. वह मार्च 2016 से ही ब्रिटेन में हैं
हैम्‍बर्ग: भारत से भागे शराब कारोबारी विजय माल्या और इंडियन प्रीमियर क्रिकेट लीग के पूर्व प्रमुख ललित मोदी जैसों को देश वापस लाने के लिये किए की जा रही कड़ी कवायद के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे से अपील की कि वह भारत में आथर्कि अपराध के मामलों में कानूनी कार्वाई से बच कर ब्रिटेन भागे भारत के नागरिकों को वापस लाने में अपने देश का सहयोग सुनिश्चित करें. विजय माल्या पिछले कई महीनों से ब्रिटेन में रह रहे हैं, उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है. ब्रिटेन से उनको भारत भेजने के मामले में लंदन की एक अदालत में सुनवाई चल रही है. मोदी की जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन की प्रधानमंत्री के साथ अलग से बैठक हुई. इस बैठक में भगोड़े अभियुक्तों को भारत को सौंपने के मामलों में ब्रिटेन की मदद मांगी गई. दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत और ब्रिटेन के संबंधों पर चर्चा की.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बैठक के बाद ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री ने 'भागे हुये भारतीय आथर्कि अपराधियों को लौटाने में ब्रिटेन के सहयोग के लिये कहा.' यह पूछे जाने पर कि क्या यह अनुरोध केवल माल्या के मामले तक सीमित था या इसमें ललित मोदी का भी उल्लेख किया गया तो बागले का जवाब था, 'मैं विवरण में नहीं पड़ना चाहता पर ट्वीट में जो शब्दावली प्रयोग की गयी है उसमें भाग कर गए आथर्कि अपराधियों का उल्लेख है और यह बहुवचन में है.'

किंगफिशर एयरलाइंस के 9,000 करोड़ रुपये के ऋण को नहीं लाटाये जाने से जुड़े मामले में माल्या की भारत में तलाश है. वह मार्च 2016 से ही ब्रिटेन में हैं. भारत और ब्रिटेन के बीच प्रत्‍यर्पण संधि है जिसपर 1992 में हस्ताक्षर किये गये. हालांकि इस संधि के तहत अब तक केवल एक प्रत्यर्पण ही हो पाया है. संधि के तहत समीरभाई वीनूभाई पटेल को पिछले साल अक्टूबर में भारत को लौटा दिया गया ताकि उन पर 2002 में गुजरात में गोधरा कांड के बाद के दंगों के मामले में मुकदमा चलाया जा सके.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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