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व्हाइट हाउस ने उत्तर कोरिया के खिलाफ 'युद्ध' के दावे को बताया बेतुका 

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच जारी वाकयुद्ध के बीच व्हाइट हाउस ने प्योंगयांग पर अमेरिका की ओर से युद्ध की घोषणा करने संबंधी किए गए दावों को 'बेतुका' बताया.

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व्हाइट हाउस ने उत्तर कोरिया के खिलाफ 'युद्ध' के दावे को बताया बेतुका 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. उ.कोरिया के विदेश मंत्री री योंग ने युद्ध की घोषणा का लगाया था आरोप
  2. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने युद्ध के दावे से किया इनकार
  3. हो न्यूयॉर्क में यूएन के वार्षिक महासभा सत्र में शामिल होने आए थे
वाशिंगटन: अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच जारी 'जुबानी जंग' के बीच व्हाइट हाउस ने प्योंगयांग पर युद्ध की घोषणा करने संबंधी किए गए दावों को 'बेतुका' बताया. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने इस संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, 'बिल्कुल नहीं. हमने उत्तर कोरिया पर युद्ध की घोषणा नहीं की है. सच कहूं तो इससे संबंधित बात बेतुकी है.' 

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री योंग ने युद्ध की घोषणा का लगाया था आरोप
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर उनके देश के खिलाफ युद्ध की घोषणा का आरोप लगाया था. हो कल न्यूयॉर्क में थे. उन्होंने यह भी कहा कि प्योंगयांग अमेरिकी बमवर्षक विमानों को मार गिराकर अपनी रक्षा करने के लिए तैयार है. उन्होंने न्यूयॉर्क में संवाददाताओं से कहा था, 'पूरी दुनिया को स्पष्ट रूप से यह याद रखना चाहिए कि पहले अमेरिका ने हमारे देश के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया है'. गौरतलब है कि उत्तर कोरिया का अमेरिका के साथ कोई राजनयिक संबंध नहीं है. हो न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक महासभा सत्र में शामिल होने आए थे.

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VIDEO:दस बातें : किम जोंग-उन

विमानों को मार गिराना उचित नहीं
हो ने कहा, अमेरिका ने हमारे देश पर युद्ध घोषित कर दिया है. ऐसे में हमारे पास इसका पूरा अधिकार होगा कि हम अमेरिकी बमवर्षक विमानों, भले ही वे हमारे देश की हवाई सीमा में नहीं हों, को मार गिराने सहित हर प्रतिरोधी कदम उठाएं. सारा ने कहा कि किसी भी देश की ओर से किसी अन्य देश के विमानों को मार गिराना उचित नहीं है, जब वे अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र के ऊपर हों. उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, हमारा लक्ष्य अब भी वही है. हम चाहते हैं कि कोरियाई प्रायद्वीप परमाणु हथियारों से मुक्त हो. हमारा इसी ओर ध्यान केंद्रित हैं. हम ऐसा अधिकतम आर्थिक एवं राजनयिक दबावों के जरिए करेंगे. 


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