चीनी निवेश के लिए 'किले' में तब्‍दील हुआ पाकिस्‍तान का ग्‍वादर बंदरगाह

चीनी निवेश के लिए 'किले' में तब्‍दील हुआ पाकिस्‍तान का ग्‍वादर बंदरगाह

ग्‍वादर सिटी को चीन-पाकिस्‍तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का दक्षिणी हब माना जाता है।

ग्‍वादर (पाकिस्‍तान):

भारी पुलिस बल की मौजूदगी, सघन चौकसी, नए चेक प्‍वाइंट और सेना के सुदृढ़ीकरण ने पाकिस्‍तान के ग्‍वादर बंदरगाह को 'किले' में तब्‍दील कर दिया है। चीन से आने वाले अरबों डॉलर के निवेश को बनाए रखने के लिए पाकिस्‍तान में शक्तिशाली सेना ने यह बदलाव किया है।

46 बिलियन डॉलर की राशि जुटाना चुनौती
सड़क कॉरिडोर, रेलवे और उत्‍तर पूर्व चीन से पाकिस्‍तान के अरब सागर तक पाइप लाइन के लिए 46 बिलियन डॉलर की राशि जुटाना उस देश के लिए बड़ी चुनौती है जहां आतंकी और इस्‍लामी कट्टरपंथी लगातार खतरा बने हुए हैं। सशस्‍त्र बलों और आंतरिक मंत्रालय ने ग्‍वादर के लिए सैकड़ों अतिरिक्‍त सैनिक और पुलिस के जवान तैनात किए हैं। ग्‍वादर में क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी जाफर खान ने बताया, 'जल्‍द ही हम चीनियों की अलग से सुरक्षा के लिए 700 से 800 पुलिस के जवानों की व्‍यवस्‍था करेंगे। बाद में यहां पर नई सुरक्षा डिवीजन की तैनाती की जाएगी।'

विदेशी वर्करों-अधिकारियों की सुरक्षा पर खास ध्‍यान
करीब एक लाख लोगों के इस कस्‍बे के एक वरिष्‍ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए अस्‍थायी उपाय के तहत 400 से 500 अतिरिक्‍त सैनिकों की तैनाती की जा रही है। हाल की ग्‍वादर यात्रा के दौरान चीनी आगंतुकों की लेकर आने वाली एसयूवी को पुलिस की दो कार और सेना का एक वाहन अपने घेरे में लिए हुए थे। विदेशी कामगारों और अधिकारियों को ग्‍वादर में सुरक्षा प्रदान करने के लिए इस कवायद को समझा जा सकता है। गौरतलब है कि पिछले 15 सालों में पाकिस्‍तान में चीन के निवेश में खासा इजाफा हुआ है।
 

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