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सऊदी अरब में महिलाओं को मिला ड्राइविंग का अधिकार

यह आदेश जून 2018 से प्रभावी होगा. प्रतिबंध हटाने के फैसले की जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी सऊदी प्रेस और सरकारी टीवी ने मंगलवार देर शाम दी.

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सऊदी अरब में महिलाओं को मिला ड्राइविंग का अधिकार

प्रतीकात्मक चित्र

रियाद: सऊदी अरब में महिलाएं उन पर अब तक लगे वाहन चलाने के प्रतिबंध को हटाए जाने का जश्न मना रही हैं. सऊदी शाह सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सउद ने एक ऐतिहासिक आदेश जारी कर महिलाओं को वाहन चलाने की अनुमति दे दी है. इसके बाद बुधवार को इस फैसले का स्वागत महिलाओं ने जश्न मनाकर किया. यह आदेश जून 2018 से प्रभावी होगा. प्रतिबंध हटाने के फैसले की जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी सऊदी प्रेस और सरकारी टीवी ने मंगलवार देर शाम दी. इस फैसले का स्वागत सऊदी अरब के साथ ही अन्य देशों में भी हुआ है. सऊदी अरब में अब तक सिर्फ पुरुषों को ही वाहन चलाने का लाइसेंस जारी किया जाता था और महिलाओं द्वारा सार्वजनिक रूप से वाहन चलाए जाने पर उनके गिरफ्तार होने या उन पर जुर्माना लगने का जोखिम होता था.

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, वाहन चलाने के मामले में गिरफ्तार हो चुकीं 'वोमेन2ड्राइव' अभियान की आयोजक मनल अल-शरीफ ने ट्वीट कर फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि सऊदी अरब 'अब कभी भी पहले जैसा नहीं रहेगा.' 'आई एम माई ओन गार्डियन' और 'सऊदी वोमेन कैन ड्राइव' हैशटैग देखते ही देखते सोशल मीडिया वायरल हो गए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने के संदर्भ में इसे एक सकारात्मक कदम बताया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस कदम को सराहा है.

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साल 2014 में प्रतिबंध का उल्लंघन करने के आरोप में 73 दिनों तक हिरासत में रहीं सऊदी अरब की सामाजिक कार्यकर्ता लुजैन अल-हाथलौल ने ट्वीट किया, 'अल्लाह का शुक्रिया.' इस मुहिम में सक्रिय रहीं सहर नसीफ ने जेद्दा से बीबीसी से कहा कि 'मैं बेहद-बेहद खुश हूं, उछल कूद रहीं हूं, लगातार हंस रही हूं.'
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अमेरिका में सऊदी अरब के राजदूत शहजादा खालेद बिन सलमान ने इसे एक ऐतिहासिक और बड़ा दिन बताया और कहा कि यह सही समय पर सही फैसला है. मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी सऊदी के फैसले का स्वागत किया है. मध्य पूर्व एवं उत्तरी अफ्रीका में एमनेस्टी के रिसर्च व एडवोकेसी डायरेक्टर फिलिप लुथर ने कहा कि यह उन महिला कार्यकताओं की बहादुरी का प्रमाण है जिन्होंने ड्राइविंग का हक पाने के लिए सालों तक अभियान चलाया. (IANS)


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