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एक पार्क जहां मिलता है हीरा, अब तक 75, 000 लोग हो चुके हैं मालामाल

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एक पार्क जहां मिलता है हीरा, अब तक 75, 000 लोग हो चुके हैं मालामाल

अमेरिका के अरकांसास स्टेट में हीरे के खादान है, यहां किसी को जाने की इजाजत होती है. तस्वीर: सांकेतिक

खास बातें

  1. अमेरिका में एक ऐसी जगह है जहां यूं ही पड़ा रहता है हीरा
  2. यहां से कोई भी ढूंढकर ला सकता है हीरा, नहीं देना पड़ता कोई टैक्स
  3. अमेरिका के अरकांसास स्टेट में किसी को भी जाने की है इजाजत
वाशिंगटन: जरा सोचिए, आपसे कोई कहे कि दुनिया में एक ऐसी जगह है जहां हीरे यूं ही पड़े रहते हैं, तो शायद ही आप यकीन करें. आपको जानकर ताज्जुब होगा कि अमेरिका में एक ऐसी है जहां से कोई भी हीरा ला सकता है. इससे भी ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि यहां जिस शख्स को हीरा मिल जाए वह उसका मालिक हो जाता है. इसके लिए उसे सरकार या किसी और को कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है. दरअसल, अमेरिका के अरकांसास स्टेट में हीरे के खादान हैं, यहां किसी को जाने की इजाजत होती है. पहली नजर में अरकांसास नेशनल पार्क में मौजूद ये खदान किसी खेत की तरह दिखते हैं. 37.5 एकड़ में फैली इस खदान के पास जाएंगे तो यहां यूं ही आपको करोड़ों के हीरे पड़े हुए मिल जाएंगे.

सीएनएन की खबर के मुताबिक इसी साल मार्च में एक 14 वर्षीय युवक कालेल लैंडफोर्ड को 7.44 कैरेट को हीरा मिला था. इससे भी ज्यादा हैरत की बात यह है कि इतने बड़े हीरे को पाने के लिए युवक को महज 30 मिनट यानी आधे घंटे की मेहनत करनी पड़ी. कालेल ने बताया कि वह यहां से गुजर रहा था तभी उसकी नजर भूरे रंग के एक पत्थर पर पड़ी, लेकिन पास जाकर देखा तो लगा कोई खास चीज है. 

इनसे पहले अक्टूबर 2016 में डेन फ्रेडरिक और उनकी बेटी ने यहां से  2.03 कैरेट का हीरा ढूंढा था. ये दोनों भी यहां पहली बार आए थे. जून 2015  में यहां घूमने आए एक शख्स को  8.52 कैरेट का हीरा मिला था. अप्रैल 2015 में ही सुसी क्लार्क को यहां शाम को घुमने के दौरान 3.69 कैरेट का हीरा मिला था. इसके अलावा फरवरी 2015 में ही डीन फिलपुला को  2.01 कैरेट का हीरा मिला था. 

बताया जाता है कि अमेरिका के इस इलाके से अब तक 75, 000 हीरे मिल चुके हैं. पहली बार 1906 में यहां से हीरा मिला था. 1906 में जॉन हडलेस्टोन नामक आदमी को इसी जगह दो चमकते हुए क्रिस्टल मिले. दोनों क्रिस्टल की जांच करवाई गई तो पता चला कि ये कीमती हीरा हैं. इसके बाद इस जगह का नाम द क्रेटर ऑफ डायमंड रखा गया. इसके बाद जॉन ने अपनी 243 एकड़ जमीन डायमंड कंपनी को ऊंची कीमत पर बेच दिया. साल 1972 में यह जमीन नेशनल पार्क में आ गई. 1906 से ही इस जमीन को डायमंड उत्पादन क्षेत्र बनाने की कोशिशें की जाती रहीं, लेकिन इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया.


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