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मुंह से दुर्गंध आने का एक कारण डाइटिंग भी

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खास बातें

  1. शोधकर्ताओं का कहना है कि खाने के क्रम में कमी से मुंह में बनने वाली लार की मात्रा प्रभावित होती है, जबकि दुर्गंध पैदा करने वाले तत्वों को दूर करने के लिए लार बहुत उपयोगी होती है।
New Delhi:

छरहरी काया की खातिर की जाने वाली डाइटिंग मुंह से दुर्गंध आने का एक कारण भी बन सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि खाने के क्रम में कमी से मुंह में बनने वाली लार की मात्रा प्रभावित होती है, जबकि दुर्गंध पैदा करने वाले तत्वों को दूर करने के लिए लार बहुत उपयोगी होती है। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ मधु घई कहती हैं कि मुंह से आने वाली दुर्गंध एक आम समस्या है और हममें से कई लोग इसके शिकार हैं, लेकिन ज्यादातर को यह अहसास नहीं होता कि उनके मुंह से दुर्गंध आती है। बहरहाल, भीड़ में जाने पर या लोगों से मिलने पर यदि मुंह से दुर्गंध आए, तो बेहद शर्मिन्दगी की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। वह कहती हैं, ऐसा नहीं है कि यह समस्या लाइलाज है। नियमित अंतराल में पानी पीने से इस समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है। कुछ भी खाने के बाद दांत साफ करना बेहद जरूरी है, लेकिन हमारे देश में दुर्भाग्य से इस बात को लोग नहीं समझते। डाइटिंग भी मुंह से दुर्गंध आने का एक कारण होती है, क्योंकि लंबे समय तक कुछ न खाने से मुंह में बनने वाली लार की मात्रा कम हो जाती है। जबकि लार दुर्गंध पैदा करने वाले तत्वों को दूर करने के लिए बेहद जरूरी होती है। एक अन्य दंत रोग विशेषज्ञ डॉ राकेश शर्मा कहते हैं, डाइटिंग करने वालों को चाहिए कि वे इसके नुकसानदायक पहलुओं को भी देखें। ठोस नहीं तो कम से कम तरल आहार का नियमित क्रम में सेवन करके मुंह की दुर्गंध से बचा जा सकता है। नैचुरोपैथ डॉ केसी गर्ग कहते हैं कि बेहद मामूली सी सावधानी से मुंह की दुर्गंध से बचा जा सकता है। खाने के बाद भोजन के कुछ कण मुंह में रह जाते हैं, जिनकी सफाई न होने पर वहां बैक्टीरिया एकत्र हो जाते हैं और फिर दुर्गंध आने लगती है। लार की कमी भी दुर्गंध का कारण बनती है। तंबाकू के उत्पाद तो मुंह से दुर्गंध का मुख्य कारण होते ही हैं। इसके अलावा ब्रोंकाइटिस, मधुमेह, साइन्यूसाइटिस, पेट की समस्या, जिगर या गुर्दे की समस्या के कारण भी मुंह से दुर्गंध आ सकती है। वह कहते हैं, यह लाइलाज समस्या नहीं है। थोड़े से उपाय से इसका समाधान निकल सकता है। लेकिन सबसे पहले दांतों की सफाई की ओर ध्यान देना जरूरी है। डॉ घई कहती हैं, डाइटिंग करने वालों को अगर मुंह की दुर्गंध से बचना हो, तो उन्हें नियमित अंतराल के बाद तरल आहार लेते रहना चाहिए, ताकि लार ग्रंथि की कार्यप्रणाली बाधित न होने पाए और मुंह में दुर्गंध पैदा करने वाले तत्वों को दूर करने के लिए जरूरी लार का उत्पादन होता रहे।

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