यह ख़बर 22 दिसंबर, 2014 को प्रकाशित हुई थी

बेंगलुरु : केक से बना संसद भवन और मंगलयान

बेंगलुरु : केक से बना संसद भवन और मंगलयान

बेंगलुरु:

'यह लगातार चालीसवां केक शो है इसलिए इस बार हम कुछ और अलग करना चाहते थे' कहना है रामचंद्रन का, जिन्होंने इस शो की शुरुआत 1974 में की थी

क्रिसमस और नए साल के मौके पर आयोजित होने वाले बेंगलुरु के इस केक शो को देखने दूर-दराज से लोग आते हैं। तक़रीबन तीन दशकों के बाद किसी पार्टी ने अपने बूते पर पहली बार केंद्र में सरकार बनाई तो उसे इस केक शो में संसद भवन बनाकर सराहा गया है।

वहीं केक से बना चंद्रयान यहां मौजूद है, क्योंकि इसकी सफलता ने दुनिया में भारत की अंतरिक्ष तकनीक को अलग पहचान दिलाई।

22 फीट के संसद भवन को बनाने में 5 टन मकई का आटा, अंडे और चीनी का इस्तेमाल किया गया है। इंस्टिट्यूट ऑफ बेकिंग एंड केक आर्ट के 40 छात्रों के साथ-साथ रामचंद्रन और उनके दो सहयोगियों ने 12 घंटे रोज मेहनतकर इसे दो महीने में तैयार किया है।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

इस शो की खूबसूरती का लुत्फ आप 4 जनवरी तक बेंगलुरु के सेंट जोसफ स्कूल ग्राउंड्स में उठा सकते हैं।

इसी तरह भारत की अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी का दुनिया में लोहा मनवाने वाले मंगलयान का केक रेप्लिका भी लोग काफी पसंद कर रहे हैं जबकि आधे टन केक से बना फ्लाइंग ड्रैगन बच्चों की पहली पसंद बनकर उभरा है, हालांकि केक वाइट टाइगर भी बच्चों को काफी पसंद आ रहा है।