कुलदीप यादव से पहले ये 6 'चाइनामैन' बॉलर कर चुके हैं क्रिकेट में कमाल

कुलदीप यादव से पहले ये 6 'चाइनामैन' बॉलर कर चुके हैं क्रिकेट में कमाल

कुलदीप यादव एशिया महादेश के दूसरे चाइनामैन गेंदबाज हैं. तस्वीर: कुलदीप यादव , एएफपी

खास बातें

  • वेस्टइंडीज के एलिस अचोंग को पहला चाइनामैन गेंदबाज माना जाता है
  • ऑस्ट्रेलिया के ब्रेड हॉग सबसे सफल चाइनामैन गेंदबाज माने जाते हैं
  • कुलदीप से पहले एशिया में श्रीलंका के लक्षण रंगिका चाइनामैन रहे
धर्मशाला:

धर्मशाला टेस्ट मैच में भारत ने कुलदीप यादव के रूप में अपना पहला चाइनामैन गेंदबाज उतारा है. कुलदीप एशिया महादेश के दूसरे चाइनामैन गेंदबाज हैं. इनसे पहले श्रीलंका के लक्षण रंगिका ने जुलाई 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया था. चाइनामैन शब्द एक बार फिर से चर्चा में आने के साथ ही ट्विटर पर लोग इसके बारे में लगातार ट्वीट कर रहे हैं. इतना ही नहीं गूगल पर काफी संख्या में लोग What is chinaman bowler , chinaman bowler , chinaman bowlers , kuldeep yadav जैसे शब्द टाइप कर चाइनमैन बॉलिंग कला के बारे में जानकारी ढूंढ रहे हैं. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि क्रिकेट में चाइनामैन शब्द कहां से आया. साथ ही ये भी बता रहे हैं दुनिया में अब तक कितने चर्चित चाइनामैन बॉलर हुए हैं.

1930 में चाइनमैन शब्द प्रयोग में आया

क्रिकेट में चाइनमैन शब्द की शुरुआत पहली बार 1930 में आया. वहीं वेस्टइंडीज के एलिस अचोंग को पहला चाइनामैन गेंदबाज माना जाता है. मूल रूप से चीन के रहने वाले एलिस अचोंग बाएं हाथ के स्पिनर थे. इंग्लैंड के खिलाफ मेनचेस्टर में 1933 में वाल्टर रॉबिन्स को उन्होंने ऐसी गेंद की जिसने सभी को चकित कर दिया. एलिस ने कलाई के बल पर गेंद फेंकी जो दाएं हाथ के बल्लेबाज के ऑफ स्टंप पर पड़कर बाहर चली गई. रॉबिन्स ने आश्चर्यजनक गेंद करने के बाद पवेलियन लौटते समय अंपायर से कहा, 'ब्लडी चाइनामैन ने शानदार गेंदबाजी की.' यही से चाइनामैन शब्द लोकप्रिय हुआ और फिर आगे चलकर इन्हें चाइनामैन कहा जाने लगा. यानी एक लेफ्ट आर्म स्पिनर जब अपनी उंगलियों की बजाए कलाई से गेंद को घुमाता है तो वो चाइनामैन गेंदबाज कहा जाता है.

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ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स थे चाइनामैन बॉलर

वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर चाइनामैन बॉलर थे. सोबर्स बाएं हाथ से धीमी गेंद करते थे. वह कलाई के बल पर गूगली और चाइनामैन गेंदबाजी का सफल उपयोग करते थे. उन्होंने भारत के दौरे पर इसका काफी सफल प्रयोग भी किया.

भाग्य साथ देता तो जॉनी वार्ड्ले को याद करती दुनिया

कहते हैं इंग्लैंड के बॉलर जॉनी वार्ड्ले का अगर भाग्य ने साथ दिया होता तो वे दुनिया के नामी गेंदबाजों में शुमार किए जाते. वार्ड्ले ने सिर्फ 25 टेस्ट खेले. वार्ड्ले पारंपरिक बाएं हाथ की गेंदबाजी लॉक के समान भी कर लेते थे तो उनके पास चाइनामैन एक हथियार के रूप में मौजूद था. वह विशेषकर इसका प्रयोग इंग्लैंड में करते थे. वार्ड्ले ने 1956-57 दक्षिण अफ्रीका दौरे में चाइनामैन का भरपूर उपयोग किया  था. उन्होंने 4 टेस्ट में 26 विकेट चटकाए थे.
 

kuldeep yadav
भारत के पहले चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं.

पॉल एडम्स के एक्शन ने दुनिया को चौंकाया

क्रिकेट जगत में पॉल एडम्स को गेंदबाजी एक्शन के लिए जाना जाता है. पॉल ने 1995-96 में अपने एक्शन से सभी को चकित कर दिया था. चाइनामैन कला से बॉलिंग करने वाले पॉल एडम्स बल्लेबाजों को काफी परेशान किया, लेकिन चोट की वजह से उनका कॅरिअर लंबा नहीं खींच पाया. पॉल एडम्स ने 45 टेस्ट में 134 जबकि 24 वन-डे में 29 विकेट लिए.

चक फ्लीटवुड-स्मिथ थे अनोखे गेंदबाज

चाइनामैन गेंदबाजों में ऑस्ट्रेलिया के फ्लीटवुड-स्मिथ को भी याद किया जाता है. उन्होंने 1935-38 के बीच 10 टेस्ट में 42 विकेट लिए. फ्लीटवुड-स्मिथ ने 1937 की एशेज सीरीज में बड़ी भूमिका अदा की थी. उन्होंने डॉन ब्रैडमैन की टीम को सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद 3-2 से जीत दिलाई थी.

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ब्रैड हॉग को आती है चाइनामैन बॉलिंग की कला

ऑस्ट्रेलिया के ब्रैड हॉग को सबसे सफल चाइनामैन बॉलर कहा जाता है. उन्होंने 2003 और 2007 विश्व कप विजेता टीम के महत्वपूर्ण सदस्य थे. हॉग की गेंदबाजी को समझना बल्लेबाज के लिए काफी मुश्किल भरा होता है और 45 वर्ष के होने के बावजूद भी वह अपना कमाल कई टी20 प्रतियोगिताओं में दिखा रहे हैं.