नई दिल्ली:
कांग्रेस ने मंगलवार को अन्ना हजारे पक्ष की सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को जंतर मंतर पर बुलाकर लोकपाल विधेयक पर अपना नजरिया रखने के प्रस्ताव पर रूख साफ करने से इनकार कर दिया। कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी से जब पूछा गया कि आमंत्रण मिलने पर क्या उनकी पार्टी के नेता वहां जाएंगे, उन्होंने कहा कि जब यह स्थिति सामने आएगी तब इस बारे में सोचा जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हजारे और उनकी टीम राजनीति में आ गई है लेकिन वे अराजनीतिक होने का दिखावा करते हैं। हजारे पक्ष ने सभी दलों के नेताओं को 11 दिसंबर को जंतर मंतर पर आमंत्रित किया है। इस दिन हजारे का एक दिन का अनशन करने की योजना है।
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