लॉकडाउन के दौरान बेंगलुरू का डेंटल क्लिनिक बना लेबर रूम, दांत के डॉक्टर ने कराया महिला की डिलीवरी

लॉकडाउन के कारण मजदूर की पत्नी ने डेंटल क्लिनिक में बच्चे को जन्म दिया.

लॉकडाउन के दौरान बेंगलुरू का डेंटल क्लिनिक बना लेबर रूम, दांत के डॉक्टर ने कराया महिला की डिलीवरी

नई दिल्ली:

लॉकडाउन के कारण एक गरीब मजदूर की पत्नी ने डेंटल क्लिनिक में एक बच्चे को जन्म दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक यह शख्स कैसे भी गांव से 7 किमी दूरू तय करते हुए अपनी गर्भवती पत्नी के साथ पास के डेंटल क्लिनिक में पहुंचा जहां पर दांत के डॉक्टरों ने महिला की डिलिवरी करवाई . इस मामले में जब डॉक्टरों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि महिला लेबर पेन में थी तो ऐसे में मां और बच्ची की जिंदगी बचाने के लिए हमें क्लिनिक में ही डिलिवरी कराने का फैसला किया. डेंटल सर्जन डॉ राम्या जिन्होंने महिला की डिलिवरी की वह बताती है, महिला ने आने के 10 मिनट के अंदर ही एक प्यारे से बच्चे को जन्म दिया. लेकिन सबसे परेशानी की बात यह थी महिला की उम्र कम होने के कारण उसे डिलिवरी के वक्त काफी ब्लिडिंग हुई और बच्चा प्री मैच्योर हुआ. डॉ राम्या आगे कहती हैं कि जन्म के तुरंत बाद बच्चे में किसी तरह की हलचल नहीं हो रही थी ऐसे में हमें यह लग रहा था कि दोनों में से कोई एक भी ठीक रहे. इसलिए हमने मां की जान बचाने के लिए हर तरफ से कोशिश शुरु की क्योंकि यह पूरी तरह से अनियोजित डिलवरी थी.

डॉ. राम्या ने कहा यह पूरी तरह से अनियोजित डिलवरी थी लेकिन तब भी हम मां और बच्चे दोनों की जिंदगी बचाने में कामयाब रहे सिर्फ इतना ही नहीं दोनो अभी खतरे से बाहर है. और बेंगलुरु के केसी चंद्रा सरकारी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं.

गौरतलब है कि कोरोनावायरस के कहर को रोकने के लिए प्रधानमंत्री के आदेश पर 21 दिन के लॉकडाउन को बढ़ाकर 3 मई तक कर दिया गया है. वहीं इस लॉकडाउन के कारण गरीब मजदूर लोगों की जिंदगी पूरी तरह से बर्बाद हो गई है.

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