दिल्ली: दंगाइयों ने गर्भवती महिला के पेट में मारी लात, घर में लगाई आग, फिर भी दिया बच्चे को जन्म, लोग बोले- 'चमत्कारी बच्चा'

गर्भवती शबाना परवीन के लिए सोमवार की रात खौफभरी रात बन गई थी. उन्हीं के सामने उनके पति को पीटा जा रहा था, दंगाइयों ने शबाना के पेट पर भी लातें मारीं, उन्हें बचाने आईं उनकी सास पर भी हमला किया गया, और आखिरकार उनके घर को आग के हवाले कर खाक कर दिया गया.

दिल्ली: दंगाइयों ने गर्भवती महिला के पेट में मारी लात, घर में लगाई आग, फिर भी दिया बच्चे को जन्म, लोग बोले- 'चमत्कारी बच्चा'

Delhi Violence: दंगाइयों ने गर्भवती महिला के पेट पर मारी लातें, फिर भी स्वस्थ बच्चे को दिया जन्म

गर्भवती शबाना परवीन के लिए सोमवार की रात खौफभरी रात बन गई थी. उन्हीं के सामने उनके पति को पीटा जा रहा था, दंगाइयों ने शबाना के पेट पर भी लातें मारीं, उन्हें बचाने आईं उनकी सास पर भी हमला किया गया, और आखिरकार उनके घर को आग के हवाले कर खाक कर दिया गया- लेकिन इस सबके बावजूद एक चमत्कार हुआ, और इसी माहौल से निकलकर शबाना ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. 

दिल्ली हिंसा : कौन है जाफराबाद में पुलिसकर्मी पर पिस्टल तानने वाला शाहरुख

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर इलाके की रहने वाली शबाना परवीन के साथ जो कुछ हुआ, उसे चमत्कार ही कहा जा सकता है, इसलिए बच्चे के परिवार वाले उसे 'चमत्कारी बच्चा' कहकर पुकार रहे हैं. उस भयानक रात की दास्तान सुनाते हुए शबाना की सास नशीमा ने बताया कि सोमवार रात को वह, शबाना, शबाना के पति, और उनके दो बच्चे घर में सो रहे थे, तभी भीड़ अंदर घुस आई. 

देखें PHOTOS: दिल्ली हिंसा में दंगाइयों ने ब्लैकबोर्ड तोड़ा, लाइब्रेरी जलाई, डेस्क भी तोड़े, स्कूल को फूंक डाला

नशीमा के मुताबिक, "उन्होंने धार्मिक गालियां दीं, मेरे बेटे को मारा, कुछ दंगाइयों ने मेरी बहू को भी पेट पर मारा. जब मैं उसे बचाने गई, तो वे लोग मुझ पर भी लपके. हमने तो सोच लिया था कि हम अब नहीं बच पाएंगे, लेकिन अल्लाह की मेहरबानी थी कि हम दंगाइयों के हाथों से बच गए." उन्होंने कहा, "हम शबाना परवीन को पास के अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन डॉक्टरों ने हमें अल-हिन्द अस्पताल जाने के लिए कहा, जहां बुधवार को उसने बच्चे को जन्म दिया."

दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर होंगे एसएन श्रीवास्तव, शनिवार को संभालेंगे जिम्मेदारी

यह परिवार कई दशकों से इसी घर में रहता आया था, लेकिन अब वह घर और उसमें मौजूद सामान राख में तब्दील हो चुका है, लेकिन इस बच्चे के जन्म ने इस परिवार को तमाम तकलीफों के बाद भी मुस्कुराने की वजह दे दी है. नशीमा ने कहा कि उन्हें पता नहीं कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह कहां जाएंगी. उन्होंने कहा, "सब खाक हो गया. कुछ नहीं बचा. हो सकेगा, तो किसी रिश्तेदार के यहां जाएंगे और देखेंगे कि दोबारा ज़िन्दगी को कैसे पटरी पर लाएं."

Newsbeep

दोगुनी सज़ा मतलब अब ताहिर के साथ साथ उसके आका को भी सज़ा मिलनी चाहिये कड़ी से कड़ी : मनोज तिवारी

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


शबाना का बेटा छह-वर्षीय अली अपने एक दिन के भाई का हाथ पकड़े हुए उसके माथे को सहला रहा है, और कह रहा है, "मैं इसका हमेशा ख्याल रखूंगा, किसी भी मुसीबत से हमेशा उसकी हिफाज़त करूंगा."



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)