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Johann Sebastian Bach Google Doodle: गूगल का पहला AI-powered डूडल, अब आप अपनी पसंद की बना सकते हैं धुन

Google doodle: जोहान सेबेस्टियन बाख (Johann Sebastian Bach) का ये अविष्कार 19वीं शताब्दी में चर्चा में आया, जब लोगों ने इस फोर-पार्ट हारमोनी (Four-Part Harmony) का संगीत सुना.

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Johann Sebastian Bach Google Doodle: गूगल का पहला AI-powered डूडल, अब आप अपनी पसंद की बना सकते हैं धुन

Johann Sebastian Bach Google Doodle: जोहान सेबेस्टियन बाख गूगल डूडल

खास बातें

  1. Google का पहला AI-powered Doodle
  2. संगीतकार Johann Sebastian Bach को किया याद
  3. फोर-पार्ट हारमोनी का किया अविष्कार
नई दिल्ली:

गूगल ने आज जर्मन संगीतकार सेबेस्टियन बाख (Musician Johann Sebastian Bach) के साथ पहला आर्टिफिशिल इंटैलिजेंस-पावर्ड डूडल (First Intelligence-Powered Doodle) बनाया है. पुराने जुलियन कैलेंडर के मुताबिक 21 मार्च 1685 के दिन संगीतकार जोहान सेबेस्टियन बाख (Johann Sebastian Bach) ने इस अल-पावर्ड (AI-powered) हार्मोनी बजाया था. खास बात ये इस डूडल से आप भी सेबेस्टियन बाख के स्टाइल में अपनी पसंद की धुन बना सकते हैं. 

इसके लिए डूडल (Google doodle) पर दाई तरफ बने प्रेस बटन को दबाएं और सेबेस्टियन बाख (Sebastian Bach) के सिग्नेचर म्यूज़िक स्टाइल में अपनी धुन बनाएं. 

जोहान सेबेस्टियन बाख (Johann Sebastian Bach) जर्मन के आइजिनाच शहर के संगीत परिवार से हैं. उनके पिता शहर के काफी बड़े संगीतकार थे, जो कई संगीत उपकरण बजाया करते थे. वहीं, बैच के बड़े भाई भी म्यूज़िशियन थे.

जोहान सेबेस्टियन बाख (Johann Sebastian Bach), सिर्फ हार्मोनी को बजाना ही नहीं बल्कि उन्हें रिपेयर करना भी जानते थे. 


जोहान सेबेस्टियन बाख (Johann Sebastian Bach) का ये अविष्कार 19वीं शताब्दी में चर्चा में आया, जब लोगों ने इस फोर-पार्ट हारमोनी का संगीत सुना. 

बता दें, इस डूडल (Google doodle) को गूगल मजेंदा और गूगल पेयर टीम की मदद से बनाया है. यह पहला ऐसा डूडल है जिसमें यूज़र खुद अपनी पसंद की धुन बना सकते हैं. इसके लिए गूगल टीम ने इस मॉडल में 306 बाख कोरले हार्मोनिसैशन (306 Bach chorale harmonifications) डाले गए. 

कौन थे जोहान सेबेस्टियन बाख?
31 मार्च 1685 में जन्मे जोहान सेबेस्टियन बाख बारोक काल के बहुत ही प्रसिद्ध संगीतकार थे. 10 साल की उम्र में ही जोहान सेबेस्टियन बाख के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई. 1700 में शुरूआत में उन्होंने चर्च ने गाया करते थे. उनकी आवाज़ बहुत मधुर थी, जिस वजह से उन्हें सेंट मिशेल स्कूल में स्कॉलरशिप मिली. इतना ही नहीं, बाख की आवाज़ को सुन स्वीडन के क्राउन प्रिंस इतने खुश हुए कि उन्होंने अपनी हीरे की अंगूठी तोहफे में दी. 1707 में वे ऑगैनिस्ट (Organist) बने. उहन्होंने राजाओं और चर्च में ही गाया. उनकी धुन और संगीत के लोग आज भी फैन हैं.  

 

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