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Elisa Leonida Zamfirescu's Google Doodle: ये हैं दुनिया की पहली महिला इंजीनियर, जानिए 5 खास बातें

Elisa Leonida Zamfirescu दुनिया की पहली महिला इंजीनियर हैं. आज एलिसा लियोनिडा जैम्फिरेस्क्यू की 131वीं जयंती है. गूगल ने गूगल डूडल (Google Doodle Of Elisa Leonida Zamfirescu) के जरिए उनको श्रद्धांजलि दी.

Elisa Leonida Zamfirescu's Google Doodle: ये हैं दुनिया की पहली महिला इंजीनियर, जानिए 5 खास बातें

Elisa Leonida Zamfirescu की 131वीं जयंती है.

Elisa Leonida Zamfirescu दुनिया की पहली महिला इंजीनियर हैं. आज एलिसा लियोनिडा जैम्फिरेस्क्यू की 131वीं जयंती (Elisa Leonida Zamfirescu's 131 Birthday) है. गूगल ने गूगल डूडल (Google Doodle Of Elisa Leonida Zamfirescu) के जरिए उनको श्रद्धांजलि दी. वो जनरल एसोसिएशन ऑफ रोमेनियन इंजीनियर्स की पहली महिला सदस्य भी थीं. 10 नवंबर 1887 को रोमानिया के गलाटी शहर में उनका जन्म हुआ था. उस समय रोमेनिया में महिला को पढ़ाई करना काफी कठिन था. ऐसे में पढ़ाई करना और फिर करियर बनने के बीच उनको कई कठिनाइयों को सामना करना पड़ा था. लेकिन सभी परेशानियों का सामना करने के बाद वो दुनिया की पहली महिला इंजीनियर बनीं. आइए जानते हैं उनके बारे में 5 खास बातें....
 

Elisa Leonida Zamfirescu के बारे में 5 खास बातें...

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1. बुचारेस्ट में स्कूली पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने कई कॉलेज में अपलाई किया लेकिन भेदभाव के कारण उनका आवेदन रद्द कर दिया गया. जिसके बाद उन्होंने जर्मनी की रॉयल टेक्निकल एकेडमी में एडमिशन के लिए अपलाई किया. 1909 में उनकी एप्लीकेशन स्वीकार कर ली गई. 1912 में उन्होंने इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. 

2. दुनिया की पहली इंजीनियर ने बुचारेस्ट में काम की शुरुआत की. उन्होंने जिऑलॉजिकल इंस्टिट्यूट में असिस्टेंट के तौर पर काम किया. वहां से ही उन्होंने सफलता हासिल की. 

3. विश्व युद्ध के दौरान उनकी मुलाकात कॉन्सटैंटिन जमिफरसको से हुई. पहली मुलाकात में ही दोनों को प्यार हुआ और शादी हुई. जिससे उनकी दो बेटियां हुईं. 

4. एलिसा ने रोमानिया में कोयला, क्रोमियम, बॉक्साइट और कॉपर पर अध्ययन किया था. अपने लैब में वो मिनरल्स और कई चीजों के अध्ययन के लिए नई तकनीक का सहारा लिया. 

5. 25 नवंबर 1973 में बुचारेस्ट में उनका निधन हो गया. रोम सरकार ने उनके योगदान को याद करते हुए 1993 में एक गली का नाम उनके नाम पर रखा गया.