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Google Doodle on Friedlieb Ferdinand: जानिए कौन थे फ्रेडलीब फर्डिनेंड रुंज, पढ़ें 5 खास बातें

Google ने जर्मन कैमिस्ट फ्रेडलीब फर्डिनेंड रुंज (Friedlieb Ferdinand Runge) के 225वें जन्मदिन पर डूडल (Google Doodle) बनाया है.

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Google Doodle on Friedlieb Ferdinand: जानिए कौन थे फ्रेडलीब फर्डिनेंड रुंज, पढ़ें 5 खास बातें

Friedlieb Ferdinand Runge's 225th Birthday: जर्मन कैमिस्ट फ्रेडलीब फर्डिनेंड रुंज के 225वें जन्मदिन पर डूडल बनाया.

Google ने जर्मन कैमिस्ट फ्रेडलीब फर्डिनेंड रुंज (Friedlieb Ferdinand Runge) के 225वें जन्मदिन पर डूडल (Google Doodle) बनाया है. जर्मन के मशहूर कैमिस्ट फ्रेडलीब फर्डिनेंड रुंज (Friedlieb Ferdinand Runge's 225th Birthday) ने कैफीन की खोज की थी. जिसके बाद से वो दुनिया में मशहूर हो गए. उनका जन्म 8 फरवरी 1794 को हैम्बर्ग में हुआ था. कैफीन के साथ-साथ उन्होंने कोलतार डाई की भी खोज की थी. रुंज ने बर्लिन यूनिवर्सिटी (Berlin University) से डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की और 1831 तक ब्रेसलो यूनिवर्सिटी में पढ़ाया. आइए जानते हैं उनकी 5 खास बातें...

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Friedlieb Ferdinand Runge's 225th Birthday


 

1. फ्रेडलीब फर्डिनेंड रुंज को बचपन से ही कैमिस्ट्री से काफी लगाव था. उन्होंने किशोरवस्था में कई प्रयोग कर दिए थे. उन्होंने सबसे पहले बेल्डोना के पौधे के रस से आंख की पुतलियों के फैलने से जुड़ा था. एक बार रस उनके आंखों में चला गया था, जिसका असर उनको बाद में महसूस हुआ था.

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2. जब फ्रेडलीब फर्डिनेंड रुंज जेना यूनिवर्सिटी के कैमिस्ट जोहान वोल्फगैंग के अंडर पढ़ाई कर रहे थे तो उनको बेल्डोना पर फिर प्रयोग करने का कहा गया और कॉफी का विश्लेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया गया तो कुछ ही महीनों बाद उन्होंने कैफीन का आविष्कार किया. 

3. फ्रेडलीब फर्डिनेंड रुंज ने बर्लिन यूनिवर्सिटी (Berlin University) से डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की और 1831 तक ब्रेसलो यूनिवर्सिटी में पढ़ाया. 

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4. फ्रेडलीब फर्डिनेंड रुंज ने पेपर क्रोमैटोग्राफी के एक ऑरिजिनेटर के रूप में भी योगदान दिया. उन्होंने चुकंदर के रस से चीनी निकालने के लिए एक विधि तैयार की थी. 

5. वह कुनैन  (मलेरिया के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा) को अलग करने वाले पहले वैज्ञानिकों में से एक भी है. उनका निधन 25 मार्च 1867 को जर्मनी के ऑरेनियनबर्ग में हुआ था. 


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