प्रवीण तोगड़िया कैसे बने कैंसर सर्जन से कद्दावर नेता, जानिए

विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और पेशे से विख्यात कैंसर सर्जन प्रवीण तोगड़िया ने आईबी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. तोगडि़या ने कहा कि उनकी एनकाउंटर की साजिश रची गई.

प्रवीण तोगड़िया कैसे बने कैंसर सर्जन से कद्दावर नेता, जानिए

वीएचपी के महासचिव प्रवीण तोगड़िया का जन्म किसान परिवार में 12 दिसंबर 1956 को गुजरात के अमरेली जिसे के टिंबा गांव में हुआ.

खास बातें

  • प्रवीण तोगड़िया का जन्म 12 दिसंबर 1956 को गुजरात में हुआ.
  • 10 साल की उम्र में ही उन्होंने आरएसएस ज्वाइन कर लिया था.
  • एमबीबीएस करने के बाद उन्होंने एमएस की पढ़ाई की.
नई दिल्ली:

विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और पेशे से विख्यात कैंसर सर्जन प्रवीण तोगड़िया ने आईबी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. तोगड़िया ने कहा कि उनकी एनकाउंटर की साजिश रची गई. तोगड़िया सोमवार को एक पार्क में बेहोश मिले थे और उसके बाद उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. मीडिया के सामने तोगड़िया ने कहा कि कुछ समय से मेरी आवाज दबाने का हरदम प्रयास किया जाता रहा है. उनका नाम सबसे गद्दावर नेताओं में आता है. आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ खास बातें..

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10 साल की उम्र में जुड़े आरएसएस से
वीएचपी के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया का जन्म किसान परिवार में 12 दिसंबर 1956 को गुजरात के अमरेली जिसे के टिंबा गांव में हुआ. वो पटेल समुदाय से आते हैं. बचपन से ही वो संघ से जुड़ गए थे. 10 साल की उम्र में ही उन्होंने आरएसएस ज्वाइन कर लिया था. प्रवीण पढ़ाई में भी काफी तेज थे. एमबीबीएस करने के बाद उन्होंने एमएस की पढ़ाई की. 

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27 की उम्र में जुड़े विश्व हिंदू परिषद से
जब प्रवीण तोगड़िया 16 साल के थे तो वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बना दिए गए. उसके बाद 27 साल की उम्र में वो विश्व हिंदू परिषद से जुड़े. जिसके बाद उन्हें कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया, इसके पीछे राम मंदिर आंदोलन का बड़ा हाथ था. उनके कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद वीएचपी में कई सदस्य जुड़े. भारत से लेकर विदेश तक अब तक 68 लाख से ज्यादा सदस्य हो चुके हैं.