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कभी सबसे गंदे रेलवे स्टेशन में आता था मधुबनी का नाम, देखें कैसे बना सबसे खूबसूरत स्टेशन

Madhubani रेलवे स्टेशन को दूसरे सबसे खूबसूरत स्टेशन का दर्जा मिला है. सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में मदुरै स्टेशन के साथ संयुक्त रूप से मधुबनी को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है.

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कभी सबसे गंदे रेलवे स्टेशन में आता था मधुबनी का नाम, देखें कैसे बना सबसे खूबसूरत स्टेशन

Madhubani रेलवे स्टेशन को दूसरे सबसे खूबसूरत स्टेशन का दर्जा मिला है.

खास बातें

  1. Madhubani रेलवे स्टेशन को दूसरे सबसे खूबसूरत स्टेशन का दर्जा मिला है.
  2. महाराष्ट्र के चंद्रपुर और बल्हारशाह रेलवे स्टेशन को पहला स्थान.
  3. गांधीधाम, सिकंदराबाद और कोटा को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ.
बिहार के Madhubani रेलवे स्टेशन को दूसरे सबसे खूबसूरत स्टेशन का दर्जा मिला है. सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में मदुरै स्टेशन के साथ संयुक्त रूप से मधुबनी को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है. महाराष्ट्र के चंद्रपुर और बल्हारशाह रेलवे स्टेशन को पहला स्थान प्राप्त हुआ. गांधीधाम, सिकंदराबाद और कोटा को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ. इसके लिए नगद राशि भी दी जाती है. पहले स्थान पर आने वाले स्टेशन को 10 लाख, दूसरे वाले को 5 लाख और तीसरे वाले को 3 लाख रुपये दिए जाते हैं. इन स्टेशन को इसलिए सबसे खूबसूरत चुना गया क्योंकि यहां इलाके की संस्कृति को दिखाया गया है. 

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कभी आता था सबसे गंदे स्टेशनों में नाम
मधुबनी रेलवे स्टेशन का नाम सबसे गंदे रेलवे स्टेशनों में आता था. लेकिन लोक कलाकारों ने इसको पूरी तरह चमका दिया और खूबसूरत मिथिला पेंटिंग से सजा दिया. बता दें, 10 दिन के अंदर मधुबनी स्टेशन की कायाकल्प बदल कर रख दी गई है. इस स्टेशन में पेटिंग की पूरी दुनिया में सराहना हो रही है. दीवारों से लेकर सीढ़ियों तक में पेटिंग की गई है. जो काफी खूबसूरत नजर आ रही है.

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बता दें, मधुबनी मिथिला पेंटिंग के लिए मशहूर है. यहां की चित्रकला देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया में जानी जाती है. जैसा मधुबनी रेवले स्टेशन को तैयार किया गया है ठीक वैसे ही गुजरात के गांधीधाम को सजाया गया है. यहां गुजरात की संस्कृति को दीवारों पर उकेरा गया है. राजकोट में भी ठीक ऐसा ही किया गया है. 


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