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ईमानदारी की मिसाल: दिल्ली मेट्रो में 11 दिन पहले खोया पर्स, कुछ इस तरह मिला

दिल्ली के गुरप्रीत ऐसे खुशनसीब लोगों में से हैं, जिनका खोया पर्स करीब 11 दिन बाद ठीक उसी तरह से उनके पास वापस लौट आया. 

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ईमानदारी की मिसाल: दिल्ली मेट्रो में 11 दिन पहले खोया पर्स, कुछ इस तरह मिला

गुरप्रीत के पर्स में मौजूद सारे सामान.

खास बातें

  1. दिल्ली मेट्रो में खोया पर्स वापस मिला.
  2. फेसबुक पोस्ट बना सहारा.
  3. 11 दिन बाद गुरप्रीत को मिले अपने सारे डॉक्यूमेंट्स.
नई दिल्ली:

जहां आपके चारों तरफ आपके लूटने वाले ही मौजदू हों, वहां आप इमानदारी की कल्पना भी करते हैं तो वह बेमानी ही है. लोग कहते हैं कि आज के समय में न ईमानदारी और भलाई  है, और न ही ईमानदार लोग. दिल्ली मेट्रों में हर रोज न जाने लाखों लोग सफर करते हैं और कितनों के ही वॉलेट और मोबाइल खो जाते हैं, मगर ऐसे विरले ही कोई खुशनसीब होते होंगे, जिन्हें उनका खोया पर्स मिल गया हो. हालांकि, दिल्ली के गुरप्रीत ऐसे ही खुशनसीब लोगों में से हैं, जिनका खोया पर्स करीब 11 दिन बाद ठीक उसी तरह से उनके पास वापस लौट आया. 

गुरप्रीत सिंह सच में भाग्यशाली इंसान हैं. 24 साल के गुरप्रीत दिल्ली मेट्रो में यात्रा के दौरान अपना पर्स खो बैठे, मगर अपने फेसबुक पोस्ट के जरिये वह घटना के 11 दिन बाद 15 मार्च को अपना पर्स वापस पाने में कामयाब रहे. उन्होंने इस घटना को लेकर एक फेसबुक पोस्ट लिखा था, जिसे काफी शेयर किया गया  और यही उनके लिए मददगार भी साबित हुआ. 

एनडीटीवी से गुरप्रीत ने कहा कि 'मैं केंद्रीय सचिवालय से  लाजपत नगर जा रहा था. जैसे ही मैं लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन से बाहर निकला, मुझे एहसास हुआ कि मेरे पॉकेट में मेरा पर्स तो है ही नहीं. '


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गुरप्रीत तुरंत मेट्रो में मौजूद कस्टमर केयर सेंटर पर गये और उन्हें बताया गया कि जब तक ट्रेन सरिता विहार यानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंचती तब तक कुछ मिनट तक प्रतीक्षा उन्हें इंतजार करना होगा. हालांकि, मेट्रो अधिकारी उनके वॉलेट को नहीं ढूंढ पाए.

गुरप्रीत ने कहा कि '26 मार्च को मुझे एक पार्सल मिला. जिसमें मेरा पर्स और एक लेटर था. गुरप्रीत ने आगे बताया कि भेजने वाले का नाम सिद्धार्थ मेहता है, उन्हें ही मेरा पर्स मिला था. उन्होंने न सिर्फ मेरे पर्स लौटाए, बल्कि उसमें मेरे पैसे और सारे कागजात भी मौजूद थे. '

वॉलेट के साथ सिद्धार्थ ने लेटर में लिखा था, 'दिल्ली मेट्रो में मुझे आपका वॉलेट मिला और मैं आपको ठीक उसी तरह वापस कर रहा हूं. आगे से ध्यान रखना भाई.' और आगे एक स्माइली भी बनी हुई थी. 

टिप्पणियां

उसके बाद गुरप्रीत ने फेसबुक पोस्ट पर सिद्धार्थ को धन्यवाद दिया और पोस्ट में सिद्धार्थ की काफी प्रशंसा की गई. कुछ कमेंट करने वालों ने लिखा- मानवता और इंसानियत आज भी जिंदा है भाई. कुछ ने लिखा- वाह शानदार, इंसानियत आज भी है. अब बताया जा रहा है कि ये दोनों एक दूसरे से मिलने भी वाले हैं. 

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