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जानिए कौन थे सेंटीनल द्वीप में मारे गए John Allen Chau?

अंडमान एवं निकोबार द्वीप (andaman and nicobar) समूह के नॉर्थ सेन्टिनेल आईलैंड (North Sentinel Island) में एक अमेरिकी पर्यटक की हत्या करने का मामला सामने आया.

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जानिए कौन थे सेंटीनल द्वीप में मारे गए John Allen Chau?

अंडमान एवं निकोबार द्वीप (andaman and nicobar) समूह के नॉर्थ सेन्टिनेल आईलैंड (North Sentinel Island) में एक अमेरिकी पर्यटक की हत्या करने का मामला सामने आया. जिस पर्यटक की हत्या हुई उसकी पहचान जॉन एलेन चाऊ (john allen chau) के रूप में की गई. ये घटना 20 नवंबर को हुई. 27 वर्षीय अमेरिकी नागरिक चाऊ का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है. ऐसा माना जा रहा है कि शव को रेत में ही गाड़ दिया गया होगा. इस खबर ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है. क्योंकि अभी तक की जांच के मुताबिक हत्या का आरोप अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में संरक्षित जनजाति के लोगों पर लगा है. चाऊ का परिवार भी इस हादसे से बुरी तरह हिल गया है. चाऊ के परिवार ने इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर उनके निधन पर दुख जताया है. परिवार ने अपने बयान में कहा कि वह ईसाई मिशनरी थे. लेकिन वह एक फुटबॉल कोच और पर्वतारोही भी थे. वह दूसरों की मदद करने वाले थे. चाऊ को घूमने का बहुत शौक था. वो दुनिया की हर जगह घूमना चाहते थे.

अमेरिकी टूरिस्ट ने सेंटीनल द्वीप जाने के लिए दिए थे 25 हजार रुपए, एक बार हमले के बाद भी दोबारा गया​
 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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सेंटिनलीज जनजाति के बारे में जानना चाहता था जॉन एलेन चाऊ
अमेरिकी नागरिक जॉन चाऊ ने सेंटीनल द्वीप पर रहने वाली सेंटिनलीज जनजाति से मिलने की इच्छा जाहिर की थी. इसके बाद उसने 25 हजार रुपये किराए देकर पोर्ट ब्लेयर से 102 किलोमीटर दूर इस द्वीप पर जाने के लिए नाव किराए पर ली. एक मछुआरे ने पुलिस को बताया कि 14 नवंबर की रात वे इस द्वीप पर पहुंच गए थे. उन्होंने किनारे से 500 मीटर पहले ही अपनी नाव रोक दी. अगली सुबह तड़के ही चाऊ डोंगी से द्वीप पर चला गया. 

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अंडमान निकोबार के डीजीपी दीपेंद्र पाठक ने एनडीटीवी को बताया कि वह अपने साथ बाइबिल भी लेकर चल रहा था. मछुआरों ने तभी देखा कि सेंटिनलीज जनजाति के लोगों ने उस पर तीरों से हमला कर दिया, लेकिन वह फिर भी अंदर जाता रहा. इसके बाद वह उस दिन दोपहर में नाव पर वापस लौटा. वापस लौटा तो उसके शरीर पर तीर और कमान से चोट के निशान थे. नाव पर उसने उन जख्मों पर कुछ दवाई लगाई और खाना भी खाया. इसके बाद उसने अपनी डायरी में सेंटिनलीज जनजाति से अपनी पहली मुलाकात के बारे में बताया.

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आखिरी बार मछुआरों ने उसे तभी देखा था. फिर 17 नवंबर तड़के मछुआरों ने देखा सेंटिनलीज जनजाति के कुछ लोग एक शव को घसीट रहे हैं, जो कि चाऊ जैसा दिख रहा था. उन्होंने उसे रेत में दफना दिया. मछुआरे वापस पोर्ट प्लेयर लौट आए. उन्होंने पोर्ट ब्लेयर लौटकर इसकी जानकारी चाऊ के दोस्त को दी. जिसने इसके बारे में चाऊ के परिवार और अमेरिकी दूतावास को जानकारी दी. 


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