NDTV Khabar

दहेज के 11 लाख रुपये लौटाने वाले CISF जवान की खूबसूरत Wedding Photos वायरल

राजस्थान (Rajasthan) के जयपुर (Jaipur) में सीआईएसएफ (CISF) के जवान की शादी धूमधाम से हुई. टीके के वक्त जब दुल्हन के पिता ने उन्हें 11 लाख रुपये का थाल दिया तो उन्होंने हाथ जोड़कर लौटा दिया.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
दहेज के 11 लाख रुपये लौटाने वाले CISF जवान की खूबसूरत Wedding Photos वायरल

दहेज के रुपये लौटाने वाले CISF जवान की शादी की खूबसूरत Wedding Photos वायरल.

राजस्थान (Rajasthan) के जयपुर (Jaipur) में सीआईएसएफ (CISF) के जवान की शादी धूमधाम से हुई. टीके के वक्त जब दुल्हन के पिता ने उन्हें 11 लाख रुपये का थाल दिया तो उन्होंने हाथ जोड़कर लौटा दिया. उनके इस कदम की हर जगह तारीफ हो रही है. सीआईएसएफ जवान जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) चाहते हैं कि भारत में दहेज प्रथा को जड़ से खत्म किया जाए. जितेंद्र के पिता राजेंद्र सिंह बहू को आगे पढ़ाना चाहते हैं और अफसर बनाना चाहते हैं. बता दें, जितेंद्र की दुल्हन चंचल एलएलबी और एलएलएम ग्रेजुएट है और पीएचडी कर रही है.

ये भी पढ़ें: CISF जवान को लड़की वालों ने दहेज में दिए 11 लाख रुपये तो बोला- 'मुझे पैसा नहीं बल्कि...'

देखें VIDEO:


दूल्हे के पिता राजेंद्र सिंह ने कहा, ''हमने टीके के 11 लाख रुपये लौटाकर अपने स्तर पर समाज की इस कुरीति को मिटाने के लिए एक छोटा सा प्रयास किया है. मेरी बहू; मेरी बेटी समान है. इसके गुण ही हमारे दहेज हैं. हम चाहते हैं कि ये खूब पढ़े और अपने लक्ष्य को हासिल करे. चंचल को पढ़ाने के लिए मेरा पूरा परिवार साथ है. मैं समाज के सभी परिवारों से कहना चाहता हूं कि आप भी अपनी बहुओं को अपने बच्चों की तरह समान अवसर दें. बहू भी आपके परिवार का नाम रौशन कर सकती है.''

ये भी पढ़ें: CISF Recruitment 2019: कॉन्स्टेबल के 914 पदों पर आवेदन की आखिरी तारीख कल, 10वीं पास यूं करें अप्लाई

देखें शादी की तस्वीरें...

3tgptq3

1. चंचल और जितेंद्र दुल्हन के भाई प्रदीप शेखावत और महिपाल सिंह करीरी के साथ...

u3ufi2k

2. चंचल अपनी 99 वर्षीय दादी के साथ.

0428bc5g

3. शादी के बाद चंचल और जितेंद्र सिंह ने क्लिक कराई फोटो.

दूल्हे जितेंद्र सिंह ने कहा, ''देश का सैनिक होने के नाते में कहना चाहता हूं कि देश का युवा दहेज को नकारे और इसका विरोध करे. दहेज के कारण लोग अपनी बेटियों को मार देते हैं. देश का युवा अगर एक स्टेप आगे बढ़ेगा तो इसे रोकने में सफलता मिलेगी. बेटे-बेटियों में फर्क न करें. बहू-बेटियों को पढ़ा-लिखाकर आगे बढ़ाएं.''

टिप्पणियां

ये भी पढ़ें: मेट्रो स्टेशन पर CISF की टीम ने पेश की मिसाल, एक लाख रुपये से भरा बैग शख्स को लौटाया

जितेंद्र और चंचल की शादी 8 नवंबर को सपन्न हुई. दुल्हन के पिता गोविंद सिंह शेखावत ने कहा, ''जैसे ही पैसे वापिस लौटा दिए गए तो मैं घबरा गया था. मुझे शुरुआत में लगा कि दूल्हे का परिवार कहीं शादी की व्यवस्था से नाखुश तो नहीं. लेकिन बाद में हमें पता चला कि परिवार दहेज के सख्त खिलाफ था.''



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement