मिसाल: स्मोकिंग करने वालों को इस कॉलोनी से कर दिया जाता है बाहर

मिसाल: स्मोकिंग करने वालों को इस कॉलोनी से कर दिया जाता है बाहर

भोपाल की इस सोसाइटी के अंदर धूम्रपान पूरी तरीके से वर्जित है. तस्वीर: प्रतीकात्मक है.

खास बातें

  • यहां स्मोकिंग करते पकड़े जाने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है.
  • यहां रहने वाले लोगों ने ही इस नियम को सख्ती से लागू करवा रहे हैं.
  • लोगों के आपसी सहयोग से ही ग्रीन सोसाइटी में ये संभव हुआ है.
भोपाल:

भारत में सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान कानून वर्जित है, लेकिन शायद ही देश के किसी हिस्से में इसका सख्ती से पालन होता होगा. सरकार चाहकर भी धूम्रपान के लिए बने कानून को ठीक से लागू नहीं करा पाती है. ऐसे में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की ग्रीन सोसाइटी है, जो पूरी तरीके से स्मोकिंग फ्री जोन है. इस सोसाइटी के अंदर धूम्रपान पूरी तरीके से वर्जित है. प्रेरणादायक बात यह है कि यहां रहने वाले लोगों ने ही इस नियम को सख्ती से लागू करवा रहे हैं.

सोसाइटी के अध्यक्ष डॉक्टर महेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि यह सोसाइटी शुरू से ही स्मोकिंग फ्री है. पिछले कुछ समय से यहां रहने वाले कुछ लोग इस नियम को तोड़ रहे थे. इसलिए उनपर जुर्माना लगाया गया. उन्होंने कहा कि इस सोसाइटी में रहने के लिए स्मोकिंग छोड़ना जरूरी है. सोसाइटी के सचिव शेखर महेश्वरी ने कहा कि यहां रहने वाला कोई शख्स बाहर जाकर अगर स्मोकिंग करता होगा तो वह इसपर कुछ नहीं कर सकते, लेकिन सोसाइटी के अंदर स्मोकिंग किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाता है.

उन्होंने बताया कि यहां स्मोकिंग करते पकड़े जाने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है. सोसाइटी के दूसरे सदस्य कहते हैं कि धूम्रपान मुक्त कॉलोनी बनाने के लिए लोगों को खुद से प्रयास करना होगा, वरना यह संभव नहीं है. लोगों के आपसी सहयोग से ही ग्रीन सोसाइटी में ये संभव हुआ है.

 
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