कोरोना वायरस के बीच अमेरिका की Space x कंपनी ने रचा इतिहास, दो इंसानों को भेजा अंतरिक्ष

एलन मस्क की स्पेसएक्स कंपनी द्वारा निर्मित रॉकेट यान ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) की तरफ बढ़ रहे नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों को फ्लोरिडा से शनिवार को सफलतापूर्वक कक्षा में भेजा गया.

कोरोना वायरस के बीच अमेरिका की Space x कंपनी ने रचा इतिहास, दो इंसानों को भेजा अंतरिक्ष

कोरोना वायरस के बीच अमेरिका की Space x कंपनी ने रचा इतिहास

वाशिंगटन:

एलन मस्क की स्पेसएक्स कंपनी द्वारा निर्मित रॉकेट यान ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) की तरफ बढ़ रहे नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों को फ्लोरिडा से शनिवार को सफलतापूर्वक कक्षा में भेजा. यह व्यावसायिक अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में नये अध्याय की शुरुआत है.

फ्लोरिडा के केनेडी अंतरिक्ष केंद्र से हुआ यह प्रक्षेपण इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह करीब एक दशक में पहली बार है जब अमेरिकी जमीं से मानवों को कक्षा में भेजा गया है.

नासा के अंतरिक्ष यात्री बॉब बेह्नकेन (49) और डोग हर्ले (53) को लेकर स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन अंतरिक्षयान ने नासा के केनेडी अंतरिक्ष केंद्र के प्रक्षेपण परिसर से कंपनी के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए तीन बजकर 22 मिनट पर उड़ान भरी.
इस प्रक्षेपण के साथ ही स्पेसएक्स पहली निजी कंपनी बन गई है जिसने मनुष्य को कक्षा में भेजा हो. इससे पहले केवल तीन सरकारों - अमेरिका, रूस और चीन को यह उपलब्धि हासिल है.

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फिर से इस्तेमाल हो सकने वाले, गमड्रॉप (कैंडी) आकार के इस यान का नाम क्रू ड्रैगन है जो अब अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र के 19 घंटे के सफर पर ले जाएगा. यह अंतरिक्षयान रविवार को सुबह 10 बजकर 29 मिनट पर आईएसएस पर होगा.

कोरोना वायरस के चलते पिछले तीन महीनों में एक लाख से अधिक देशवासियों को खो चुके अमेरिका के लिए यह सफल प्रक्षेपण खुशी का मौका लेकर आया है. इससे पहले पिछले हफ्ते खराब मौसम के चलते यह प्रक्षेपण टल गया था



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)