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Netaji Love Story: खतों से यूं रोमांटिक अंदाज़ में बयां करते थे अपना प्यार, आखिरी सांस तक निभाया साथ

Netaji Subhash Chandra Bose Love Story: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जिंदगी का एक बेहद ही अहम पन्ना और भी है, जिससे ज्यादा लोग वाकिफ नही हो पाए. नेताजी के विचार क्रांतिकारी जरूर थे, लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसी महिला थी जिससे वे बेहद प्‍यार करते थे.

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Netaji Love Story: खतों से यूं रोमांटिक अंदाज़ में बयां करते थे अपना प्यार, आखिरी सांस तक निभाया साथ

Netaji Subhash Chandra Bose Love Story: 14 साल छोटी लड़की से हुआ प्यार, यूं निभाया मरते दम तक साथ और वो खत...

नई दिल्ली:

Netaji Subhash Chandra Bose Love Story: नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ. आज उनकी जयंती है. बचपन से ही पढ़ाई में तेज रहे नेताजी अपने क्रांतिकारी विचारों की वजह से जाने गए. लेकिन उनकी जिंदगी का एक बेहद ही अहम पन्ना और भी है, जिससे ज्यादा लोग वाकिफ नही हो पाए. जी हां, नेताजी के नाम से मशहूर सुभाष चंद्र बोस के विचार क्रांतिकारी जरूर थे, लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसी महिला थी जिससे वे बेहद प्‍यार करते थे. कहा जाता है कि उनकी पर्सनैलिटी काफी आकर्षक थी और लड़कियां उन्‍हें बहुत पंसद करती थीं.

खूबसूरत डील-डौल और तेज दिमाग की वजह से नेताजी जहां भी जाते थे छा जाते थे. उनके बारे में कहा जाता है कि कई लड़कियां और महिलाएं उन्‍हें प्रपोज कर चुकी थीं, लेकिन वो सबसे दूर ही रहते थे. उन्‍हें तो बस प्‍यार था उस महिला से जिसे वो टूटकर चाहते थे और जब तक जिंदा रहे उनके नाम खत लिखते रहे.

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की लव स्टोरी (Netaji Subhash Chandra Bose Love Story)

ये प्रेम कहानी शुरू होती है ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में. 1934 में सुभाष चंद्र अपना इलाज कराने विएना गए हुए थे. सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान जेल में बंद नेताजी की तबीयत बिगड़ने लगी. इसी वजह से उन्हें विदेश इलाज के लिए भेजा गया. बीच आंदोलन में विदेश जाना उन्हें मन ही मन अखर रहा था. इसीलिए उन्होंने विदेश में रह रहे भारतीयों को आंदोलन से जोड़ने के बारे में सोचा.

उन्होंने यूरोप में रह रहे भारतीय छात्रों को आज़ादी की लड़ाई के लिए एकजुट करने की योजना बनाई. इसी दौरान उन्हें 'द इंडियन स्ट्रगल' नाम की किताब लिखने का काम मिला, जिसके लिए उन्हें एक ऐसे सहयोगी की ज़रूरत थी जो अंग्रेजी टाइप करने में उनकी मदद कर सके. इसी खोज ने उन्हें एमिली शेंकल से मिलवाया. उस वक्त एमिली 23 साल की थी और सुभाष चंद्र बोस 37 साल के. 

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Subhash Chandra Bose Netaji Love Story

 
अपनी इस 14 साल छोटी सहयोगी के साथ काम करते-करते कब उन्हें उनसे प्यार हो गया, पता ही नहीं चला. कहा जाता है कि सुभाष चंद्र बोस और एमिली ने रहस्यमयी तरीके से शादी भी की. यह भी कहा जाता है कि इस रिश्ते कि शुरुआत सुभाष चंद्र की ओर से हुई और किसी बॉलीवुड फिल्म की ही तरह यहां भी लड़की के पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे. लेकिन जब एमिली के परिवार वाले सुभाष चंद्र बोस से मिले तो उनके व्‍यक्तित्‍व से इतने प्रभावित हुए कि वे शादी के लिए राजी हो गए. इन दोनों की प्रेम की निशानी के तौर 29 नवंबर, 1942 को बेटी का जन्म हुआ, जिसका नाम अनीता रखा गया.

सुभाष बेटी को देखने के लिए विएना पहुंचे और फिर उन्‍होंने खत लिखकर भाई शरत चंद्र बोस को अपनी शादी और बच्‍ची के बारे में बताया. बेटी के जन्म के कुछ ही समय बाद आठ जनवरी 1943 को सुभाष जर्मनी से जापान के लिए रवाना हो गए. यहीं एमिली और बेटी अनिता से उनकी आखिरी मुलाकात थी. इसके बाद 1945 में हवाई दुर्घटना में उनके निधन की खबर आई.

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शरत चंद्र बोस के पोते सुगाता बोस ने बाद में उन पर एक बॉयोग्राफी 'हिज़ मेजेस्टी अपोनेंट्स' लिखी. जिसमें उन्होंने लिखा है कि 1948 में शरत अपनी पत्नी, बेटे शिशिर और सुभाष की दोनों बहनों के साथ एमिली और अनिता से वियना में मिले. उन दिनों एमिली एक तार घर में काम कर रही थीं. एमिली अपने प्‍यार सुभाष चंद्र बोस की यादों के सहारे जिंदा और उन्‍होंने बेटी को पिता के बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी दी. वो किताबें दीं, जो सुभाष पर थीं. बेटी अनिता ने बाद में जर्मनी के आगसबर्ग यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मार्टिन से शादी कर ली. वह खुद भी उसी विश्वविद्यालय में इकोनॉमिक्स की प्रोफेसर बनीं. बाद में नौकरी छोड़कर राजनीति में कूदीं और अपने शहर की मेयर बनीं.
 
एमिली 1996 तक जीवित रहीं और मरते दम तक उन्‍होंने सुभाष चंद्र बोस के साथ किया हुआ अपना वादा निभाया. उन्‍होंने अपनी गोपनीय शादी की भनक किसी को नहीं लगने दी.

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