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सार्वजनिक शौचालय में खड़े होकर पेशाब करेंगी महिलाएं, यहां दी जा रही ट्रेनिंग

ऑस्ट्रिया की एक संस्था महिलाओं को खड़े होकर पेशाब करने की ट्रेनिंग देगी. एक किट की मदद से महिलाएं सार्वजनिक शौचालयों में खड़े होकर पेशाब कर सकती हैं.

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सार्वजनिक शौचालय में खड़े होकर पेशाब करेंगी महिलाएं, यहां दी जा रही ट्रेनिंग

ऑस्ट्रिया में महिलाओं को खड़े होकर पेशाब करने की ट्रेनिंग दी जाएगी. तस्वीर: प्रतीकात्मक

खास बातें

  1. सार्वजनिक शौचालय के अभाव में महिलाओं को होती है परेशानी
  2. कई बार सार्वजनिक शौचालय गंदा होने की चलते महिलाओं को होती है मुश्किल
  3. महिलाओं को खड़े होकर पेशाब करने की दी जा रही ट्रेनिंग
नई दिल्ली: भारत को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए लोगों को घरों में शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इस अभियान को सफल बनाने के लिए सार्वजनिक जगहों पर भी बड़े पैमाने पर शौचालय बनवाए जा रहे हैं. हालांकि इसके बाद भी कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं जब पुरुष दीवारों पर या सड़क किनारे पेशाब करते दिख जाते हैं. ऐसे हालात में सबसे ज्यादा मुश्किल महिलाओं के साथ होती हैं. कई बार सार्वजनिक शौचालय मिल भी जाते हैं तो महिलाएं उसका इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं. यूपीआई की खबर के मुताबिक महिलाओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रिया में ग्रीन पार्टी नाम की स्थनीय संस्था महिलाओं को खड़े होकर पेशाब करने की ट्रेनिंग देगी. ग्रीन पार्टी समय-समय पर पर्चटोल्डसड्रॉफ (Perchtoldsdorf) शहर में नाश्ते के बहाने महिलाओं को एकत्र कर उन्हें राजनीतिक सामाजिक जैसे मुद्दों पर बात करने का मौका देती रहती है. शनिवार को हुई ऐसी ही एक बैठक में तय हुआ कि यह संस्था महिलाओं को सार्वजनिक शौचालय में खड़े होकर पेशाब करना सिखाएगी.

स्थानीय काउंसलर और ग्रीन पार्टी के सदस्य मार्था गुंजाल ने बताया कि बैठक में जब इस मुद्दे र बातचीत शुरू हुई तो लोग अचंभित थे. लेकिन आखिरकार सहमति बन गई.

बताया जा रहा है कि एक किट की मदद से महिलाएं खड़े होकर पेशाब कर पाएंगी. यह किट एक नली जैसी है. इसके इस्तेमाल के बाद महिलाएं इसे फेंक सकती हैं. इस किट का इस्तेमाल करने के बाद महिलाओं को गंदी शौचालय की सीट पर बैठने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

मालूम हो कि दुनिया के कुछ देशों में महिलाओं को खड़े होकर पेशाब करने की सुविधा प्रदान करने वाला किट पहले से इस्तेमाल होता रहा है, लेकिन विकासशील देशों में अभी इसका चलन नहीं के बराबर है. पिछले दिनों एक कंपनी ने भारत में भी इस किट को लाने की बात कही थी. कई घंटों तक पेशाब रोके रखने के चलते दुनिया की करोड़ों महिलाएं यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) से ग्रसित होती हैं. उम्मीद की जा रही है कि इस किट को अगर कम कीमत में और आसानी से उपलब्ध कराए जाएं तो महिलाओं की एक बड़ी समस्या दूर हो सकती है.


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