NDTV Khabar

अनोखा शो रूम: यहां से कपड़े लेने पर नहीं देने होंगे पैसे, बच्चों से लेकर बुजुर्गों के मिलते हैं ड्रेस

173 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
अनोखा शो रूम: यहां से कपड़े लेने पर नहीं देने होंगे पैसे, बच्चों से लेकर बुजुर्गों के मिलते हैं ड्रेस

यह शो रूम गरीबों और जरूरतमंदों के लिए खोला गया है. तस्वीर: प्रतीकात्मक

खास बातें

  1. गरीबों और जरूरतमंदों के लिए इंदौर में खुला कपड़े का शोरूम
  2. ज्यादा गरीबों को मुफ्त में दिए जाएंगे यहां से कपड़े
  3. पुराने कपड़ों को धुलकर, अच्छे से पैकिंग कर दिए जा जाएंगे कपड़े
इंदौर: अगर आपसे कोई कहे कि शो रूम से कपड़े खरीदने पर कोई पैसे नहीं देने पड़ेंगे, तो शायद ही आप इस बात पर विश्वास करेंगे. मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ऐसा शो रूम खुला है जहां से कपड़े लेने पर कोई पैसे नहीं देने होंगे. दरअसल, यह शो रूम गरीबों और जरूरतमंदों के लिए खोला गया है. इस शोरूम को श्वेतांबर जैन समाज के लोगों ने शुरू किया है. मीडियो रिपोर्ट्स में मणिधारी मंडल सोसायटी के सुजान चोपड़ा के हवाले से कहा गया है कि श्वेतांबर जैन समाज के लोग हर महीने घरों से पुराने कपड़े एकत्र करते हैं. इन कपड़ों की अच्छे से धुलाई करने के बाद इस शोरूम में लाए जाएंगे, यहां से इसे गरीबों और जरूरतमंदों को दिया जाएगा.

सोसायटी के लोग पुराने कपड़ों को बच्चे, महिला, पुरुष, बुजुर्ग की श्रेणियों के हिसाब से अलग-अलग कर देते हैं. बताया जा रहा है कि इस अनोखे शो रूम में एक बार में दो जोड़ी से ज्यादा कपड़े नहीं दिए जाएंगे. जिन लोगों के पास थोड़े बहुत भी पैसे होंगे उन्हें इस शो रूम में 10, 20 और 50 रुपए प्रति जोड़ी कपड़े दिए जाएंगे.

भूखों का पेट भरता है रोटी बैंक

पिछले साल झारखंड के हजारीबाग में रोटी बैंक शुरू किया गया था. बैंक चलाने वाले तापस चक्रवर्ती और मोहमम्द खालिद ने बताया था कि उनका उद्देश्य भूखे लोगों को रोटी खिलाना है. इनका टर्नओवर रोज के हिसाब से करीब 3,000 रोटियों का है. हजारीबग ही नहीं पूरे झारखंड में इस अनूठे बैंक की चर्चा है. दूसरे शहरों को लोग भी इस तरह के बैंक को खोलने पर विचार कर रहे हैं. मोहम्मद खालिद के अनुसार सितंबर के पहले पखवाड़े में इस बैंक को शुरू किया गया, जिसमें 14 लोग शामिल हैं.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement