NDTV Khabar

कानपुर के इस चायवाले के कायल हुए वीवीएस लक्ष्‍मण, तारीफ में कही ये बात

वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) ने चाय की दुकान पर महबूब मलिक की फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'उनकी एक छोटी सी चाय की दुकान है और वह अपनी आय का 80 फीसदी बच्चों की शिक्षा पर खर्च कर देते हैं. वाकई प्रेरणास्‍पद है!' 

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
कानपुर के इस चायवाले के कायल हुए वीवीएस लक्ष्‍मण, तारीफ में कही ये बात

अपनी चाय की दुकान पर महबूब मलिक

खास बातें

  1. कानपुर में चाय की दुकान चलाते हैं मोहम्मद महबूब मलिक
  2. चाय की दुकान से होने वाली आय को गरीब बच्चों की पढ़ाई पर करते हैं खर्च
  3. वीवीएस लक्ष्मण ने महबूब मलिक को प्रेरणा बताते हुए किया ट्वीट
नई दिल्ली:

पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) ने बुधवार को ट्विटर पर एक शख्स के बारे में पोस्ट करते हुए उन्हें 'प्रेरणा' बताया. 45 वर्षीय लक्ष्मण ने अपनी पोस्ट में कानपुर के मोहम्मद महबूब मलिक के बारे में लिखा. आपको बता दें कि महबूब मलिक कानपुर में एक छोटी-सी चाय की दुकान चलाते हैं और इससे होने वाली आय से वह 40 बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाते हैं. इन बच्चों की शिक्षा पर वह अपनी आय का लगभग 80 फीसदी खर्च कर देते हैं. चाय की दुकान पर बैठे हुए महबूब मलिक की फोटो शेयर करते हुए वीवीएस लक्ष्मण ने लिखा, ''उनकी एक छोटी सी चाय की दुकान है और वह अपनी आय का 80 फीसदी बच्चों की शिक्षा पर खर्च कर देते हैं. वाकई प्रेरणास्‍पद है!'' 

बाथरूम से आ रही थीं अजीब आवाजें, शख्स ने अंदर देखा तो दांत निकालकर बैठा था ये खूंखार जानवर


खबर के अनुसार, मोहम्मद महबूब मलिक उत्तर प्रदेश के कानपुर के शारदा नगर में गरीब बच्चों के लिए एक स्कूल चलाते हैं. यह स्कूल 2015 में खुला था और इस वक्त इसमें 40 बच्चे फ्री में पढ़ते हैं. इसके साथ ही स्कूल बच्चों को ड्रेस, स्टेशनरी और किताबें आदि भी देता है. यह स्कूल गैर सरकारी संगठन 'मां तुझे सलाम फाउंडेशन' के अंतर्गत चलता है. बता दें, वीवीएस लक्ष्मण के इस ट्वीट को 23 हजार से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं और यूजर्स जमकर महबूब मलिक की प्रशंसा कर रहे हैं. 

टिप्पणियां

महिला वैज्ञानिक ने NASA के कार्यक्रम में पहनी बेहद चमकीली ड्रेस, फोटो हुई Viral

ट्वीट के वायरल होने के बाद महबूब मलिक ने बताया कि उन्होंने अपना बचपन बेहद गरीबी में बिताया था और वह केवल हाईस्कूल तक ही पढ़ाई कर सके थे. यही वजह है कि वे दूसरों को मुफ्त में शिक्षा हासिल करने में मदद करते हैं. 



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement