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उस 'आखिरी गेंद' से पहले कई बार टूटी थी उम्मीदें...

उस 'आखिरी गेंद' से पहले कई बार टूटी थी उम्मीदें...
उस 'आखिरी गेंद' से पहले कई बार टूटी थी उम्मीदें...
दूसरे टी-20 मैच में भारत 10 विकेट से जीत गया। लेकिन मैच का सस्पेंस बरकरार रहा। आखिरी गेंद पर भारत ने न सिर्फ मैच जीता, बल्कि सीरीज भी अपने नाम कर ली।
उस 'आखिरी गेंद' से पहले कई बार टूटी थी उम्मीदें...
जिम्बाब्वे के गेंदबाज़ों ने लगातार टीम इंडिया पर प्रेशर बनाए रखा। चिगुम्बुरा ने केवल एक बाउंड्री दी।
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कैप्टन धोनी भी खास कमाल नहीं दिखा पाए और केवल 9 रन बनाकर टिरिपानो की गेंद पर बोल्ड हो गए।
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जाधव भी बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में 19वें ओवर में टिरिपानो की गेंद पर चिगुम्बुरा को कैच थमा बैठे। उन्होंने अपनी पारी में 42 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और एक छक्का लगाया।
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अक्षर पटेल ने अंतिम ओवरों में 11 गेंदों में 20 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने अपनी पारी का इकलौता छक्का अंतिम ओवर में मारा।
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139 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम को जिताने की जिम्मेदारी पहले मैच के हीरो चिगुम्बुरा और मारूमा पर थी, लेकिन दोनों असफल रहे।
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टीम ने 17 के कुल स्कोर पर चामु चिबाबा (5) का विकेट गंवा दिया। इसके बाद हेमिल्टन मासाकाड़्जा (15) ने वुसिमुजी सिबांडा (28) के साथ दूसरे विकेट के लिए 40 रनों की साझेदारी कर टीम का स्कोर 57 रनों तक पहुंचाया।
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तीन रन बाद सिबांडा भी पवेलियन लौट गए। पीटर जोसेफ मूर (26) को 87 के कुल स्कोर पर चहल ने पवेलियन भेज जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। मैल्कम वालेर (10) भी सस्ते में पवेलियन लौट गए।
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जिम्बाब्वे को अंतिम ओवर में 21 रनों की जरूरत थी। कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी ने पिछले मैच के हीरो तेज गेंदबाज सरन को गेंद थमाई। टिमयसेन मारुमा (नाबाद 23) ने सरन की पहली गेंद पर मिडविकेट पर शानदार छक्का जड़ सभी की धड़कनें बढ़ा दी।
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आखिरी गेंद पर चार रनों की जरूरत थी, लेकिन चिगुम्बुरा कवर्स पर यजुवेन्द्र चहल को कैच थमा बैठे और जिम्बाब्वे की जीत का सपना अधूरा रह गया।
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केदार जाधव (58) को मैन ऑफ द मैच चुना गया। बरिंदर सरन को मैन ऑफ द सीरीज का खिताब दिया गया।

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