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अंतरिक्ष वैज्ञानिक


'अंतरिक्ष वैज्ञानिक' - 61 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • Chandrayaan 2: विक्रम लैंडर से संपर्क की खत्‍म हो रही उम्‍मीदों के बीच चंद्रयान-2 को लेकर आया इसरो प्रमुख का बड़ा बयान

    Chandrayaan 2: विक्रम लैंडर से संपर्क की खत्‍म हो रही उम्‍मीदों के बीच चंद्रयान-2 को लेकर आया इसरो प्रमुख का बड़ा बयान

    Chandrayaan 2: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) (ISRO) के अध्यक्ष के. सिवन ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) मिशन ने अपना 98 फीसदी लक्ष्य हासिल किया है जबकि वैज्ञानिक लैंडर ‘विक्रम’ (Vikram Lander) के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं.

  • NASA ने चंद्रयान-2 के लैंडिंग स्थल की तस्वीरें खींची, 21 सितंबर को करेगा ऐसा काम

    NASA ने चंद्रयान-2 के लैंडिंग स्थल की तस्वीरें खींची, 21 सितंबर को करेगा ऐसा काम

    चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर से फिर संपर्क स्थापित करने का समय नजदीक आने के साथ, नासा के मून ऑर्बिटर ने चांद के उस हिस्से की तस्वीरें खींची हैं. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बृहस्पतिवार को इसकी पुष्टि की है.

  • नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक का दावा, ISRO मून लैंडर समस्या को सही कर लेगा

    नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक का दावा, ISRO मून लैंडर समस्या को सही कर लेगा

    नोबेल पुरस्कार विजेता सर्जे हरोशे ने बुधवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के वैज्ञानिक निश्चित ही भारत के पहले मून लैंडर की समस्या को दूर करने की कोशिश करेंगे. हरोशे के अनुसार विज्ञान हमें हैरान करता रहता है-कभी इसमें असफलता मिलती है तो कभी सफलता.

  • DRDO के पूर्व वैज्ञानिक ने किया दावा, भारत अगले 10 बरसों में चंद्रमा पर अपना बेस स्थापित करेगा

    DRDO के पूर्व वैज्ञानिक ने किया दावा, भारत अगले 10 बरसों में चंद्रमा पर अपना बेस स्थापित करेगा

    पिल्लई ने कहा कि हीलियम-3 भविष्य की ऊर्जा का नया स्रोत है. हीलियम-3 एक गैर रेडियोसक्रिय पदार्थ है जो यूरेनियम की तुलना में 100 गुना अधिक ऊर्जा पैदा कर सकता है. डीडी न्यूज पर 'वार एंड पीस' कार्यक्रम में पिल्लई ने कहा, 'अंतरिक्ष कार्यक्रम में, हम उन चार देशों में शामिल हैं जिन्होंने प्रौद्योगिकी को लेकर महारत हासिल की है.' 

  • ISRO के वैज्ञानिक ने कहा, चंद्रयान-2 का 95 प्रतिशत सही-सलामत, ऑर्बिटर अभी भी काट रहा है चंद्रमा के चक्कर

    ISRO के वैज्ञानिक ने कहा, चंद्रयान-2 का 95 प्रतिशत सही-सलामत, ऑर्बिटर अभी भी काट रहा है चंद्रमा के चक्कर

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, "मिशन का सिर्फ पांच प्रतिशत -लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर- नुकसान हुआ है, जबकि बाकी 95 प्रतिशत -चंद्रयान-2 ऑर्बिटर- अभी भी चंद्रमा का सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है."

  • मिशन चंद्रयान 2 : क्या 'विक्रम' भेजेगा कोई संदेश, बची है कितनी उम्मीद?

    मिशन चंद्रयान 2  : क्या 'विक्रम' भेजेगा कोई संदेश, बची है कितनी उम्मीद?

    चंद्रयान-2 मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ इसरो अधिकारी ने शनिवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 'विक्रम' लैंडर और उसमें मौजूद 'प्रज्ञान' रोवर को संभवत: खो दिया है.  इससे पहले लैंडर जब चंद्रमा की सतह के नजदीक जा रहा था तभी निर्धारित सॉफ्ट लैंडिंग से चंद मिनटों पहले उसका पृथ्वी स्थित नियंत्रण केंद्र से सपंर्क टूट गया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के अध्यक्ष के़ सिवन ने कहा, 'विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक सामान्य तरीके से नीचे उतरा. इसके बाद लैंडर का धरती से संपर्क टूट गया.

  • मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन

    मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन

    चंद्रमा की सतह को छूने से चंद मिनट पहले लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने के बाद इसरो के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में सुरक्षित है. अधिकारी ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में पूरी तरह ठीक एवं सुरक्षित है और सामान्य तरीके से काम कर रहा है.’’ 2379 किलोग्राम ऑर्बिटर के मिशन का जीवन काल एक साल है. उल्लेखनीय है कि 3,840 किलोग्राम वजनी चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को जीएसएलवी एमके-3 एम1 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था. चंद्रयान-2 ने धरती की कक्षा छोड़कर चंद्रमा की तरफ अपनी यात्रा 14 अगस्त को इसरो द्वारा ‘ट्रांस लूनर इन्सर्शन’ नाम की प्रक्रिया को अंजाम दिये जाने के बाद शुरू की थी. यह प्रक्रिया अंतरिक्ष यान को ‘लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्ट्री’ में पहुंचाने के लिये अपनाई गई. अंतरिक्ष यान 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया था. चंद्रयान-2 के ‘ऑर्बिटर’ में चंद्रमा की सतह का मानचित्रण करने और पृथ्वी के इकलौते उपग्रह के बाह्य परिमंडल का अध्ययन करने के लिए आठ वैज्ञानिक उपकरण हैं. इसरो ने दो सितंबर को ऑर्बिटर से लैंडर को अलग करने में सफलता पाई थी, लेकिन शनिवार तड़के विक्रम का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था. इसरो ने कहा है कि वह आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है.

  • Chandrayaan-2 : किसान के बेटे और सरकारी स्कूल से पढ़े वैज्ञानिक ने दिया मिशन चंद्रयान-2 को अंजाम

    Chandrayaan-2 : किसान के बेटे और सरकारी स्कूल से पढ़े वैज्ञानिक ने दिया मिशन चंद्रयान-2 को अंजाम

    चांद पर पहुंचने के भारत के सपने के पीछे जो ख़ास लोग हैं उनमें प्रमुख हैं डॉ के सिवन जो एक किसान के बेटे और एक कामयाब ऐरोनॉटिकल इंजीनियर हैं. डॉ के सिवन इसरो के चेयरमैन होने के नाते इस अभियान की अगुवाई कर रहे हैं. उन्हें भारत का रॉकेट मैन भी कहा जाता है. अंतरिक्ष में एक साथ 104 सैटलाइट छोड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है. मिशन चंद्रयान-2 के हर पल पर नजर रख रहे के सिवन ने एनडीटीवी से कहा, मैं एक ग़रीब घर से आता हूं, मेरा परिवार किसानी करता है. मैं तमिल मीडियम में सरकारी स्कूल से पढ़ा हूं.  

  • ISRO को एक और कामयाबी, धरती की कक्षा से निकल आज चांद की ओर बढ़ चला चंद्रयान-2

    ISRO को एक और कामयाबी, धरती की कक्षा से निकल आज चांद की ओर बढ़ चला चंद्रयान-2

    Chandrayaan 2: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक इसे चंद्रपथ पर डालने के लिए कल सुबह एक महत्वपूर्ण अभियान प्रक्रिया को अंजाम देंगे.

  • भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई ने स्थापित किए थे ये 10 संस्थान

    भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई ने स्थापित किए थे ये 10 संस्थान

    भारत को अंतरिक्ष तक पहुंचाने वाले वैज्ञानिक विक्रम साराभाई का जन्म 12 अगस्त 1919 में अहमदाबाद में हुआ था. पूरा देश उन्हें और उनके कार्यों को कभी भुला नहीं सकता. डॉ.साराभाई भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक के रूप में जाने जाते हैं. भारत ने आज तक अंतरिक्ष के क्षेत्र में जो कुछ भी हासिल किया है उसके पीछे साराभाई (Vikram Sarabhai) का बेहद खास योगदान है. 

  • '8 साल बाद पृथ्वी से टकराएगा एक खगोलीय पिंड', नासा के वैज्ञानिक ने खुलासा कर सबको कर दिया सन्न, लेकिन...

    '8 साल बाद पृथ्वी से टकराएगा एक खगोलीय पिंड', नासा के वैज्ञानिक ने खुलासा कर सबको कर दिया सन्न, लेकिन...

    अंतरिक्ष से धरती को खतरे जैसे विषय पर आयोजित सम्मेलन में नासा एक एक वैज्ञानिक ने एक खुलासा करते सभी को सन्न कर दिया. उन्होंने कहा कि एक एस्टेरॉएड (खगोलीय पिंड) 2019-PDC अगले 8 सालों में धरती से टकरा सकता है. नासा के 'सेंटर फॉर नीयर अर्थ आब्‍जेक्‍ट स्‍टडीज' (NASA's Center for Near-Earth Object Studies) के मैनेजर पॉल चडस ने यह दावा किया है. हालांकि उनका कहना था कि इसकी टकराने की आशंका सिर्फ 10 प्रतिशत ही है.

  • भारत के 'मिशन शक्ति' पर अमेरिका की पहली प्रतिक्रिया, पढ़ें- क्या कहा

    भारत के 'मिशन शक्ति' पर अमेरिका की पहली प्रतिक्रिया, पढ़ें- क्या कहा

    'मिशन शक्ति' (Mission Shakti) पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका ने कहा है कि वह भारत के साथ अंतरिक्ष में साझा हितों और सुरक्षा पर सहयोग सहित वैज्ञानिक व तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाना जारी रखेगा. अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा, ''हमनें उपग्रह रोधी मिसाइल परीक्षण से संबंधित पीएम मोदी के संबोधन को देखा.

  • पद्म पुरस्कार पर बोले पूर्व इसरो वैज्ञानिक नंबी नारायणन, खुश हूं कि आखिरकार...

    पद्म पुरस्कार पर बोले पूर्व इसरो वैज्ञानिक नंबी नारायणन, खुश हूं कि आखिरकार...

    इसरो के जाने माने वैज्ञानिक से लेकर जासूसी के आरोप का सामना कर चुके नंबी नारायण ने शनिवार को कहा कि वह खुश है कि भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में उनके काम को आखिरकार पहचाना गया. नारायणन (77) को इस बार गणतंत्र दिवस पर प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

  • चंद्रमा मिशन : NASA विशेष प्रकार के रोबोट के लिए डिजाइन आमंत्रित करेगा, चांद की सतह की जुटाएगा जानकारी

    चंद्रमा मिशन : NASA विशेष प्रकार के रोबोट के लिए डिजाइन आमंत्रित करेगा, चांद की सतह की जुटाएगा जानकारी

    रोबोट चंद्रमा की सतह के बारे में जानकारी जुटा सकेगा. अमेरिकी ‘‘नासा जॉनसन स्पेस सेंटर’’ से संबद्ध अंतरिक्ष केंद्र ह्यूस्टन नियमित रूप से आम लोगों से संपर्क के लिए कार्यक्रम चलाता है ताकि विभिन्न आयु वर्ग और अलग पृष्ठभूमि वाले लोगों को वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ा जा सके. 

  • ISRO ने शुक्र मिशन पर प्रयोग के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिकों से मांगे प्रस्ताव

    ISRO ने शुक्र मिशन पर प्रयोग के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिकों से मांगे प्रस्ताव

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक बयान में कहा कि यह आमंत्रण विदेशी अंतरिक्ष संगठनों, शोध प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों के पास शुक्र पर अध्ययन करने का एक सुनहरा मौका प्रदान कर रहा है. 

  • गुजराती वैज्ञानिक का आरोप, नाम और चेहरा 'हिंदुओं' जैसा नहीं लगा तो अमेरिका में गरबा कार्यक्रम में नहीं दिया जाने

    गुजराती वैज्ञानिक का आरोप, नाम और चेहरा 'हिंदुओं' जैसा नहीं लगा तो अमेरिका में गरबा कार्यक्रम में नहीं दिया जाने

    गुजरात के एक वैज्ञानिक ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके दोस्तों को अमेरिका के अटलांटा में 'गरबा' कार्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया गया. उनका आरोप है कि आयोजकों ने उनसे कहा कि उनका उपनाम और वह शक्ल से 'हिन्दू' नहीं लगते. वडोदरा के रहने वाले करन जानी (29) 'लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल वेव आब्जर्वेटरी' (एलआईजीओ) में अंतरिक्ष भौतिक विज्ञानी हैं. एलआईजीओ 'काल्टेक' और 'एमआईटी' द्वारा संचालित विशाल भौतिक विज्ञान परीक्षण एवं वेधशाला है, जिसमें अंतरिक्ष गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाया जाता है.

  • बृहस्पति के चंद्रमा 'यूरोपा' पर जीवन की तलाश हुई और मुश्किल, 15 मीटर ऊंची बर्फ की धारियों के होने की संभावना

    बृहस्पति के चंद्रमा 'यूरोपा' पर जीवन की तलाश हुई और मुश्किल, 15 मीटर ऊंची बर्फ की धारियों के होने की संभावना

    यह वहां जीवन की तलाश को मुश्किल बना सकती है. ब्रिटेन स्थित कार्डिफ विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने बताया कि पिछले अंतरिक्ष अभियानों में यूरोपा को हमारी सौर प्रणाली में जीवन के लिए सर्वाधिक अनुकूल गंतव्यों में एक पाया गया है.

  • ISRO ने आज ब्रिटेन के दो सैटेलाइट को लॉन्च किया, ये है इस प्रोजेक्ट का मकसद

    ISRO ने आज ब्रिटेन के दो सैटेलाइट को लॉन्च किया, ये है इस प्रोजेक्ट का मकसद

    दोनों उपग्रहों को लेकर पीएसएलवी-सी42 अंतरिक्षयान सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रात 10:08 बजे प्रथम लांचपैड से रवाना हुआ.