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अखिलेश शर्मा


'अखिलेश शर्मा' - 121 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • पत्रकार परिसर के मुन्ना टेलर को नया जीवन दे गए जेटली

    पत्रकार परिसर के मुन्ना टेलर को नया जीवन दे गए जेटली

    दोनों में न कोई रिश्ता, न कोई बातचीत. फर्क यह कि आज जेटली नहीं रहे और मोहम्मद मुन्ना टेलर हंसी-खुशी अपने बच्चों के साथ जीवन काट रहा है. लेकिन जेटली नहीं होते तो शायद मोहम्मद मुन्ना आज का दिन नहीं देख पाता.

  • SP-BSP गठबंधन टूटने की खबरों पर BJP का तंज, यूपी के डिप्टी सीएम ने कही यह बात...

    SP-BSP गठबंधन टूटने की खबरों पर BJP का तंज, यूपी के डिप्टी सीएम ने कही यह बात...

    यूपी में बना महागठबंधन लोकसभा चुनावों में अपने लक्ष्य पाने में नाकाम रहा और उसके बाद अब वह टूटता नज़र आ रहा है. इसके लेकर बीजेपी ने तंज कसा है. मायावती (Mayawati) के फैसले के बाद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, 'चुनाव के पहले जो गठबंधन हुआ था हार के बाद आज वह अंतिम सांसे, अंतिम हिचकियां ले रहा है, एक तरह से वह वेंटिलेटर पर है, कभी भी, वेंटिलेटर पर जो हिचकियां है वह और बढ़ सकती है.'

  • आरएसएस पर मायावती का पैंतरा

    आरएसएस पर मायावती का पैंतरा

    क्या इस लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस बीजेपी और नरेंद्र मोदी के साथ वैसे खुलकर साथ नहीं आ रहा है जैसे कि पिछले लोकसभा चुनाव में आया था? क्या आरएसएस के स्वयंसेवक मोदी सरकार के कामकाज से खुश नहीं हैं? क्या आरएसएस के समर्थन के बिना मोदी की नैया डूब रही है? कम से कम बीएसपी प्रमुख मायावती का तो यही दावा है.

  • त्रिशंकु लोकसभा की आशंका को लेकर जुगाड़ में जुटे विपक्षी दल

    त्रिशंकु लोकसभा की आशंका को लेकर जुगाड़ में जुटे विपक्षी दल

    अभी लोकसभा चुनाव के दो चरण होने बाकी हैं. 23 मई को क्या होगा, यह कोई नहीं जानता, लेकिन कई विपक्षी पार्टियों ने सरकार बनाने के लिए अभी से जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया है, पर इन्हें एक डर है. वह यह कि त्रिशंकु लोकसभा के हालात में बीजेपी अगर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी तो कहीं राष्ट्रपति उसे सरकार बनाने के लिए न बुला लें. ऐसा 1996 में हो चुका है जब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ शंकर दयाल शर्मा ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बीजेपी को सरकार बनाने के लिए बुलाया था.

  • बीजेपी की नई रणनीति, हिंदुत्व का नया स्वरूप

    बीजेपी की नई रणनीति, हिंदुत्व का नया स्वरूप

    लोकसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान खत्म होते ही बीजेपी ने भी अपनी चुनावी रणनीति का दूसरा चरण शुरू कर दिया है. यह वह चरण है जिसमें बीजेपी अपने तरकश में मौजूद हर तीर का इस्तेमाल कर रही है. इसे हिंदुत्व 2.0 का नाम दिया गया है. यानी मोदी-शाह का वह हिंदुत्व जो वाजपेयी-आडवाणी के हिंदुत्व से बिल्कुल अलग है. तब मंदिर मंडल का दौर था तो इस दौर में मंदिर और मंडल को मिलाकर हिंदुत्व का नया रूप तैयार किया गया है. यह आक्रामक हिंदुत्व है जो खुलकर ध्रुवीकरण करता है.

  • BSP ने जारी की 11 उम्मीदवारों की लिस्ट, केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के खिलाफ सतबीर नागर को उतारा

    BSP ने जारी की 11 उम्मीदवारों की लिस्ट, केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के खिलाफ सतबीर नागर को उतारा

    उत्तर प्रदेश में मायावती (Mayawati) की बहुजन समाज पार्टी अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. इनके अलावा अजीत सिंह की पार्टी रालोद भी इस गठबंधन का हिस्सा है. बसपा 38, सपा (SP) 37 और रालोद तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

  • समाजवादी पार्टी ने जारी की एक और लिस्ट, अपर्णा यादव को नहीं मिला टिकट

    समाजवादी पार्टी ने जारी की एक और लिस्ट, अपर्णा यादव को नहीं मिला टिकट

    समाजवादी पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को पांच और उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी. सपा सूत्रों ने बताया कि सुरेन्द्र कुमार उर्फ मुन्नी शर्मा को गाजियाबाद सीट से प्रत्याशी बनाया गया है. वहीं, कैराना से रालोद की मौजूदा सांसद तबस्सुम हसन इस बार इसी सीट से सपा प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरेंगी. इसके अलावा पूर्व सांसद शफीक उर रहमान बर्क संभल से सपा के प्रत्याशी होंगे.

  • 'ऑपरेशन बालाकोट' में मरने वाले आतंकियों की संख्या पर सियासत!

    'ऑपरेशन बालाकोट' में मरने वाले आतंकियों की संख्या पर सियासत!

    एक सवाल देश में कई लोगों को बेहद परेशान कर रहा है. बालाकोट हमले में कितने आतंकवादी मारे गए? सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह संख्या तीन सौ है तो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कम से कम ढाई सौ आतंकवादियों के मरने की बात कही. कृषि मंत्री राधामोहन सिंह कह रहे हैं कि चार सौ आतंकवादी मारे गए. एक बात बिल्कुल साफ है. किसी भी ऑपरेशन की कामयाबी की पुष्टि तीन जरियों से ही हो सकती है. या तो वायुसेना कहे कि हमला सही निशाने पर किया गया. दूसरा जमीनी खुफिया जानकारी बताए कि हमला कितना कामयाब रहा और तीसरा जरिया तकनीक से जुटाई जानकारी, जिसमें निशाने पर हमले से पहले मौजूद लोगों की संख्या का आकलन हो ताकि हमले में उनके मरने की पुष्टि हो सके.

  • अपराधी को क्यों दें सबूत?

    अपराधी को क्यों दें सबूत?

    पुलवामा के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने में भारत को कामयाबी मिलती नजर आ रही है. न्यूजीलैंड की संसद ने पुलवामा आतंकी हमले की निंदा में एक प्रस्ताव पारित किया है. संसद में निंदा प्रस्ताव पारित करने वाला न्यूजीलैंड पहला देश बन गया है.

  • बीजेपी भी 'महागठबंधन' के सहारे!

    बीजेपी भी 'महागठबंधन' के सहारे!

    सोचिए अगर इस आम चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत न मिले. किसी गठबंधन को भी न मिले. त्रिशंकु संसद की हालत में क्या होगा? यह एक ऐसा सवाल है जो बार-बार पूछा जा रहा है. इसका एक जवाब यह भी है कि ऐसे हालात में राष्ट्रपति सबसे बड़ी पार्टी या फिर चुनाव पूर्व सबसे बड़े गठबंधन को सरकार बनाने के लिए बुला सकते हैं. ऐसा पहले भी हुआ है. हम यह बात इसलिए उठा रहे हैं कि चुनाव नजदीक आते ही बीजेपी ने न सिर्फ अपना कुनबा बढ़ाना शुरू कर दिया है.

  • ममता के बंगाल में दूसरे राज्यों के विपक्षियों को चुनाव प्रचार के लिए नो एंट्री?

    ममता के बंगाल में दूसरे राज्यों के विपक्षियों को चुनाव प्रचार के लिए नो एंट्री?

    क्या ममता बनर्जी के बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए दूसरे राज्यों और विपक्षी पार्टियों के नेताओं के लिए नो एंट्री है? यह सवाल इसलिए क्योंकि एक के बाद एक बीजेपी के नेताओं के या तो हैलीकॉप्टर को बंगाल में लैंड करने की अनुमति नहीं दी जा रही है या फिर सभाएं करने के लिए मैदान नहीं दिए जा रहे हैं.

  • बीमार के दीदार और सियासत के दांव

    बीमार के दीदार और सियासत के दांव

    'उनके देखे से जो आ जाती है मुंह पर रौनक, वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है.' वैसे रौनक तब आती है जब बीमार का दीदार रौनक लाने वाले शख्स से हो. लेकिन बीमार से कोई ऐसा शख्स मिल ले जो उसका तनाव और बढ़ा दे तो बात बिगड़ भी जाती है. बात हो रही है गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की जो एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं.

  • गरीबी पर राहुल गांधी का वादा...

    गरीबी पर राहुल गांधी का वादा...

    लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने एक बड़ा चुनावी वादा किया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनी तो देश के सभी गरीबों को न्यूनतम आमदनी की गारंटी दी जाएगी. उन्होंने यह ऐलान छत्तीसगढ़ में किया.

  • आखिर हो क्या रहा है एमपी में?

    आखिर हो क्या रहा है एमपी में?

    अभी एक महीना ही हुआ जब धूमधाम से पंद्रह साल बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी. एमपी कमल के हाथ से निकलकर कमलनाथ के हाथों में चला गया. लेकिन सिर्फ एक महीने में ही वहां से ऐसी गजब-गजब खबरें सामने आ रही हैं कि सब पूछने लगे हैं कि आखिर एमपी में हो क्या रहा है?

  • इस हफ्ते की पीएम उम्मीदवार- ममता बनर्जी

    इस हफ्ते की पीएम उम्मीदवार- ममता बनर्जी

    वैसे तो ममता बनर्जी बहुत पहले ही पीएम पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर चुकी थीं लेकिन इसकी विधिवत शुरुआत उन्होंने शनिवार को की. कोलकाता के परेड मैदान में एक बड़ी रैली कर उन्होंने अपनी ताकत दिखाई. उन्होंने यह भी दिखाया कि उनके बुलावे पर विपक्ष के वे तमाम नेता एक मंच पर आ सकते हैं जो त्रिशंकु संसद में सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.

  • गरीब सवर्णों के लिए आरक्षण पर पसोपेश में कांग्रेस!

    गरीब सवर्णों के लिए आरक्षण पर पसोपेश में कांग्रेस!

    सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को आर्थिक आधार पर सरकारी नौकरियों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में दस फीसदी आरक्षण देने के संविधान संशोधन बिल को लेकर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस का कहना है कि सरकार इस बिल को जल्दबाजी में लाई लिहाजा इसे संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी को भेजा जाए.

  • मराठा आरक्षण- मास्टर स्ट्रोक या जी का जंजाल?

    मराठा आरक्षण- मास्टर स्ट्रोक या जी का जंजाल?

    आम चुनावों से पहले राज्य के 30 फीसदी मराठाओं को लुभाने के लिए महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार ने एक बड़ा दांव चला है. इन्हें सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 16 फीसदी आरक्षण देने का बिल आज महाराष्ट्र विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. यह मौजूदा 52 फीसदी आरक्षण से अलग होगा यानी राज्य में अब आरक्षण बढ़ कर 68 फीसदी हो जाएगा.

  • राज्यपाल की 'ईमानदारी'  

    राज्यपाल की 'ईमानदारी'  

    क्या केंद्र सरकार सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनाने के लिए राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर दबाव डाल रही थी? क्या केंद्र की ओर से राज्यपाल को कहा गया था कि या तो लोन मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर विधानसभा भंग होगी? यह सवाल इसलिए क्योंकि खुद राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने ही कह डाला है कि अगर वे दिल्ली की तरफ देखते तो उन्हें सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनाना पड़ता और यह बेईमानी होती.