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अलगाववादी


'अलगाववादी' - 239 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • कश्मीर के 504 अलगाववादियों को 'अच्छे व्यवहार' के मुचलके पर रिहा किया गया : डीजीपी

    कश्मीर के 504 अलगाववादियों को 'अच्छे व्यवहार' के मुचलके पर रिहा किया गया : डीजीपी

    जम्मू कश्मीर पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि एक साल पहले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को निरस्त करने के बाद हिरासत में लिए गए 504 अलगाववादी नेताओं को ‘‘अच्छे व्यवहार’’ के मुचलके पर हस्ताक्षर करने के बाद रिहा कर दिया गया है. सिंह ने यह भी कहा कि दूसरे राज्यों में जेलों में भेजे गए 350 अलगाववादी नेता और पथराव करने वालों में से केवल 50-60 ही जेल में हैं और बाकी लागों को रिहा कर दिया गया है.

  • जम्मू-कश्मीर में कर्फ्यू हटाया गया, फारूक अब्दुल्ला ने आज कई दलों की बैठक बुलाई

    जम्मू-कश्मीर में कर्फ्यू हटाया गया, फारूक अब्दुल्ला ने आज कई दलों की बैठक बुलाई

    जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) प्रशासन ने मंगलवार की रात को 4 और 5 अगस्त के लिए लगाया गया दो दिवसीय कर्फ्यू (Curfew) तय अवधि से पहले ही हटा दिया. यह कर्फ्यू अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के निर्णय की पहली वर्षगांठ से पहले लगाया गया था. अलगाववादी और पाकिस्तान प्रायोजित समूहों  के 5 अगस्त को काला दिवस के रूप में मनाने की योजना बनाने की सूचना मिलने के बाद श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट ने कश्मीर घाटी में कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया था. इस पर आलोचना के बाद आए कर्फ्यू को हटाने का निर्णय लिया गया. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला ने 5 अगस्त को श्रीनगर में अपने निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए कई मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया है.

  • अनुच्छेद 370 हटाए जाने को एक साल पूरे होने पर केंद्र शासित प्रदेश कश्मीर में कर्फ्यू

    अनुच्छेद 370 हटाए जाने को एक साल पूरे होने पर केंद्र शासित प्रदेश कश्मीर में कर्फ्यू

    जिलाधिकारी ने कहा कि श्रीनगर के पुलिस अधीक्षक ने सूचना दी है कि पुख्ता जानकारी मिली है कि अलगाववादी और पाकिस्तान प्रायोजित समूह पांच अगस्त को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने, हिंसा और प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं., चौधरी ने कहा कि कोई भी बड़ा जमावड़ा कोविड-19 उन्मूलन की दिशा में किए गए कार्यों के लिए भी घातक सिद्ध होगा. 

  • NCERT ने किताब से 'अलगाववादी राजनीति' का पैराग्राफ हटाया, अनुच्छेद 370 हटाने का विषय जोड़ा

    NCERT ने किताब से 'अलगाववादी राजनीति' का पैराग्राफ हटाया, अनुच्छेद 370 हटाने का विषय जोड़ा

    राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने 12वीं कक्षा की राजनीतिक विज्ञान पुस्तक के एक पाठ में संशोधन करते हुए इसमें से जम्मू कश्मीर में अलगाववादी राजनीति पर पैराग्राफ को हटा दिया है और पिछले वर्ष प्रदेश के विशेष दर्जे को खत्म करने का संक्षिप्त उल्लेख किया है.  एनसीईआरटी ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिये पाठ्य पुस्तक में 'स्वतंत्रता के बाद भारत की राजनीति' पाठ में संशोधन किया है.  पाठ से 'अलगाववाद और उसके आगे' को हटा दिया गया है जबकि अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के विषय को 'क्षेत्रीय आकांक्षाओं' विषय के तहत शामिल किया गया है. गौरतलब है कि पिछले वर्ष 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर राज्य के विशेष दर्जे को समाप्त करते हुए प्रदेश को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित कर दिया था. 

  • जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता अशरफ सेहराई PSA के तहत गिरफ्तार

    जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता अशरफ सेहराई PSA के तहत गिरफ्तार

    सयैद अली गिलानी के इस्तीफे के बाद सेहराई हुर्रियत कांफ्रेंस का प्रमुख बनाया गया था. सैयद के इस्तीफे के बाद से अलगाववादी समूह को खासी फजीहतों का सामना करना पड़ रहा है. जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने रविवार को कहा कि अलगाववादी हुर्रियत नेता अशरफ सेहरई समेत प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के कुछ अन्य सदस्य हिरासत में लिए गए हैं जिनके खिलाफ सख्त जनसुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है. 

  • सरकार ने अमेरिका आधारित प्रतिबंधित संगठन एसएफजे से जुड़ी 40 वेबसाइट पर लगाई रोक

    सरकार ने अमेरिका आधारित प्रतिबंधित संगठन एसएफजे से जुड़ी 40 वेबसाइट पर लगाई रोक

    प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) से जुड़ी 40 वेबसाइट पर अलगाववादी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए सरकार द्वारा रोक लगा दी गई है.

  • सैयद अली शाह गिलानी ने आखिर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस को अलविदा क्यों कहा? यह है पर्दे के पीछे की कहानी

    सैयद अली शाह गिलानी ने आखिर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस को अलविदा क्यों कहा? यह है पर्दे के पीछे की कहानी

    अलगवादी हुर्रियत नेता सैयद अली गिलानी ने अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस 27 साल  बाद इसीलिए छोड़ी क्योंकि पाकिस्तान ने उन्हें बिलकुल दरकिनार कर दिया था. यह कहना है केंद्रीय गृह मंत्रालय का. 90 वर्षीय नेता ने कल कश्मीर घाटी के सबसे बड़े अलगाववादी संगठन से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश रचने और केंद्र द्वारा जम्मू और कश्मीर की विशेष स्थिति को खत्म करने के बाद वे अलगाववादी आंदोलन में विफल रहे.

  • अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से दिया इस्तीफा

    अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से दिया इस्तीफा

    '90 के दशक से कश्मीर घाटी में अलगाववादी आंदोलन का नेतृत्व करते आ रहे 90-वर्षीय सैयद अली शाह गिलानी हुर्रियत के आजीवन अध्यक्ष थे. वह वर्ष 2010 के बाद से अधिकतर समय घर में ही नज़रबंद रहे हैं. सैयद अली शाह गिलानी ने सोमवार सुबह जारी किए एक ऑडियो संदेश में कहा कि वह 'मौजूदा हालात' के चलते ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से इस्तीफा दे रहे हैं. उन्होंने कहा, "हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की मौजूदा स्थिति के मद्देनज़र, मैं इस मंच से पूरी तरह अलग हो जाने की घोषणा करता हूं... इस संदर्भ में मैं मंच के सभी घटकों को विस्तृत खत पहले ही भेज चुका हूं..."

  • करतारपुर वीडियो पर सूत्रों ने कहा- 'पाक सरकार से ज्यादा इस प्रोजेक्ट के पीछे बड़ी शक्तियों का हाथ'

    करतारपुर वीडियो पर सूत्रों ने कहा- 'पाक सरकार से ज्यादा इस प्रोजेक्ट के पीछे बड़ी शक्तियों का हाथ'

    करतारपुर कॉरिडोर पर एक पाकिस्तानी वीडियो ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं.  इसमें एक पोस्टर दिख रहा है जिस पर "खालिस्तान 2020"  लिखे होने के साथ तीन खालिस्तानी अलगाववादियों की तस्वीर दिखाई दे रही है.

  • लंदन में दीवाली पर भारतीय उच्चयोग के सामने पाक समर्थकों को प्रदर्शन की इजाजत नहीं

    लंदन में दीवाली पर भारतीय उच्चयोग के सामने पाक समर्थकों को प्रदर्शन की इजाजत नहीं

    दीपावली के दिन कश्मीर के मुद्दे पर लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के सामने प्रदर्शन की तैयारी कर रहे पाकिस्तान समर्थक अलगाववादियों को ब्रिटिश प्रशासन ने इसकी इजाजत देने से इनकार कर दिया है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बुधवार को हाउस ऑफ कॉमन में कहा था कि किसी प्रदर्शन में हिंसा पूरी तरह से अस्वीकार्य है. इसके एक दिन बाद लंदन महानगर पुलिस स्कॉटलैंड यार्ड ने पुष्टि की कि उसने विरोध मार्च निकालने के लिए आवेदन करने वाले समूह पर रोक लगा दी है.

  • ‘जनमत संग्रह 2020’ एक ‘बेकार का मुद्दा’ है: भारतीय राजदूत

    ‘जनमत संग्रह 2020’ एक ‘बेकार का मुद्दा’ है: भारतीय राजदूत

    श्रृंगला ने कहा कि पटल पर अब और मुद्दे नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘और जो मुद्दे हैं भी, (भारत) सरकार उनके लिए समुदाय के साथ मिलकर काम करने को पूरी तरह तैयार है.’ उन्होंने बताया कि समुदाय के जाने-माने सदस्यों के साथ मिलकर 12 नवंबर को भारतीय दूतावास गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व को मनाने की योजना बना रहा है.

  • Howdy Modi: ह्यूस्टन में ट्रंप के काफिले के सामने 'कश्मीरी अलगाववादी झंडे' लेकर खड़े थे ये लोग और फिर...

    Howdy Modi: ह्यूस्टन में ट्रंप के काफिले के सामने 'कश्मीरी अलगाववादी झंडे' लेकर खड़े थे ये लोग और फिर...

    'हाउडी मोदी' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शामिल होने के लिए जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काफिले को रविवार को भारत का विरोध करने वाले समूह के प्रदर्शन का सामना करना पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें विरोध स्वरूप झंडे दिखाए. एनआरजी स्टेडियम में कार्यक्रम को संबोधित कर हवाईअड्डा लौटने के दौरान ट्रंप को एक बार फिर कुछ प्रदर्शनकारियों का सामना करना पड़ा जिनके हाथों में कश्मीरी अलगाववादी झंडे थे.

  • हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता मीरवाइज फारूक ने अपनी रिहाई के लिए भरा बॉन्ड

    हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता मीरवाइज फारूक ने अपनी रिहाई के लिए भरा बॉन्ड

    वरिष्ठ अलगाववादी नेता और हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक नजरबंद किए गए उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने अपनी रिहाई के लिए अधिकारियों के समक्ष बॉन्ड भरा है. शीर्ष खुफिया सूत्रों ने श्रीनगर में आईएएनएस को बताया, 'यह करीब एक पखवाड़े पहले हुआ. अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक नजरबंद किए गए उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने अपनी रिहाई के लिए बॉन्ड भरा है.' सूत्रों ने बताया कि इन नेताओं के स्वीकारनामे में वर्णित है कि एक बार निवारक नजरबंदी हटने के बाद ये लोग घाटी में कानून व व्यवस्था को बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे.

  • जम्मू-कश्मीर में नेता और अलगाववादी नजरबंद, उधर गृहमंत्री अमित शाह का 'खास प्लान' शुरू

    जम्मू-कश्मीर में नेता और अलगाववादी नजरबंद, उधर गृहमंत्री अमित शाह का 'खास प्लान' शुरू

    जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर बड़ा दांव चलने वाली मोदी सरकार अब राज्य की जनता का विश्वास जीतने के लिए कई मोर्चे पर एक साथ काम कर रही है और मुख्य सचिव राजीव कंसल का दावा है कि 90 फीसदी पाबंदियां हटा ली गई हैं और स्थिति सामान्य हो रही है. लेकिन उनके दावे से उलट श्रीनगर के मेयर जुनैद आजिम मट्टू (Junaid Azim Mattu) ने कहा है कि भले ही कश्मीर की सड़कों पर लाशें ना दिख रही हों लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि सब सामान्य है. इन बयानबाजी से अलग केंद्र सरकार अपने प्लान के मुताबिक काम कर रही है.

  • जम्मू-कश्मीर से 30 कैदियों को आगरा जेल किया गया शिफ्ट : सूत्र

    जम्मू-कश्मीर से 30 कैदियों को आगरा जेल किया गया शिफ्ट : सूत्र

    जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाये जाने और एहतियातन बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक 30 लोगों को आगरा के जेल में शिफ्ट किया गया है, क्योंकि अब वहां की जेल में जगह नहीं है. हालांकि अभी ये कन्फर्म नहीं है कि इन 30 लोगों में से कितने आतंकी हैं और कितने अलगाववादी. 

  • यासीन मलिक की तबीयत बिल्कुल ठीक, अलगाववादी नेता की पत्नी के सवाल पर पुलिस ने दिया जवाब

    यासीन मलिक की तबीयत बिल्कुल ठीक, अलगाववादी नेता की पत्नी के सवाल पर पुलिस ने दिया जवाब

    गोयल का यह बयान तब आया है जब कुछ देर पहले मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने एक वीडियो संदेश में जेल में बंद जेकेएलएफ प्रमुख के स्वास्थ्य के संबंध में अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं. मलिक आतंकवाद के वित्त पोषण के मामलों के संबंध में जेल में है. 

  • सीमा पार से जारी आतंकी फंडिंग को लेकर NIA का जम्मू-कश्मीर में चार जगहों पर छापा

    सीमा पार से जारी आतंकी फंडिंग को लेकर NIA का जम्मू-कश्मीर में चार जगहों पर छापा

    आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए सीमा पार से जारी फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)ने उत्तरी कश्मीर के जिले  बारामुला में 4 जगहों पर छापे मारे हैं. सूत्रों के मुताबिक कुछ घरों की तलाशी का काम जारी है. आपको बता दें कि गृह मंत्रालय का पद संभालने के कुछ हफ्तों बाद ही अमित शाह ने कहा था कि सीमा पार से जारी फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया जाएगा. पिछले महीने ही एनआईए ने आतंकी फंडिंग मामले में पूछताछ के लिए अलगाववादी नेता मशरत आलम को जम्मू-कश्मीर की जेल से दिल्ली लेकर आई थी. 

  • जम्मू से श्रीनगर के लिए अमरनाथ यात्रा स्थगित, अलगाववादियों के बंद की वजह से लिया गया फैसला

    जम्मू से श्रीनगर के लिए अमरनाथ यात्रा स्थगित, अलगाववादियों के बंद की वजह से लिया गया फैसला

    अलगाववादियों द्वारा बंद का ऐलान करने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जम्मू से श्रीनगर जाने वाले तीर्थयात्रियों की आवाजाही आज स्थगित रहेगी. साल 1931 में डोगरा महाराजा की सेना द्वारा श्रीनगर सेंट्रल जेल के बाहर गोलीबारी में मारे गए लोगों की याद में जम्मू -कश्मीर में 13 जुलाई को शहीदी दिवस मनाया जाता है.  

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