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आईएएस और आईपीएस अधिकारी


'आईएएस और आईपीएस अधिकारी' - 14 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू के लिए दो सलाहकार नियुक्त

    जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू के लिए दो सलाहकार नियुक्त

    केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार, खान और शर्मा की नियुक्तियां प्रभार ग्रहण करने के दिन से प्रभावी होंगी. दोनों सलाहकार प्रशासनिक कार्य में उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू की सहायता करेंगे. सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी फारूक खान और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी के के शर्मा पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार थे.

  • पुरानी भूमिका में ही रहेंगे जम्मू-कश्मीर कैडर के IAS और IPS अधिकारी

    पुरानी भूमिका में ही रहेंगे जम्मू-कश्मीर कैडर के IAS और IPS अधिकारी

    अधिनियम के अनुसार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFOS) के कैडर मौजूदा जम्मू और कश्मीर राज्य के लिए, पर और नियुक्ति तिथि (31 अक्टूबर) तक मौजूदा कैडरों पर कार्य करना जारी रखेंगे. 

  • MP Sex Scandal: जांच के घेरे में आरोपियों की विदेश यात्रा, 4 बैंक खाते भी किए गए सील

    MP Sex Scandal: जांच के घेरे में आरोपियों की विदेश यात्रा, 4 बैंक खाते भी किए गए सील

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर से 18 सितंबर की रात को गिरफ्तार किए गए सेक्स रैकेट की 2 आरोपियों को पुलिस हिरासत में इंदौर से भोपाल लाया गया, उन्हें आगे की जांच के लिये सागर और छतरपुर जिलों में भी ले जाया जाएगा.

  • मध्‍यप्रदेश हनी ट्रैप मामले को लेकर पुलिस महकमे के दो शीर्ष अधिकारी आमने-सामने

    मध्‍यप्रदेश हनी ट्रैप मामले को लेकर पुलिस महकमे के दो शीर्ष अधिकारी आमने-सामने

    मध्यप्रदेश में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का मामला बड़े नाम बाहर आने से पहले फिलहाल पुलिस महानिदेशक बनाम महानिदेशक स्तर के अधिकारी का बनता नज़र आ रहा है. राज्य में विशेष डीजी (एसटीएफ और साइबर सेल) पुरुषोत्तम शर्मा ने खुलकर मांग की है कि एसआईटी की निगरानी एक डीजी-रैंक का अधिकारी जो पुलिस मुख्यालय के बाहर का हो उसे करना चाहिये.

  • हाई-प्रोफाइल हनी-ट्रैप रैकेट : मास्टरमाइंड की निगाहें टिकी थीं दिल्ली पर, नेताओं-अफसरों से अंतरंगता

    हाई-प्रोफाइल हनी-ट्रैप रैकेट : मास्टरमाइंड की निगाहें टिकी थीं दिल्ली पर, नेताओं-अफसरों से अंतरंगता

    पिछले हफ्ते हाई-प्रोफाइल हनी-ट्रैप रैकेट (High-profile honey-trap racket) का पर्दाफाश होने के बाद गिरफ्तार पांच महिलाओं और उनके कार ड्राइवर ने खुलासा किया है कि रैकेट के मास्टरमाइंड की निगाहें दिल्ली पर टिकी थीं. वह केंद्र सरकार से अपने एनजीओ या अपने बड़े कॉर्पोरेट ग्राहकों, जिनमें से कुछ भारत के बाहर बसे हुए भी हो सकते हैं के लिए ठेके हासिल करना चाहता था. रैकेट का मास्टरमाइंड छत्तीसगढ़ में एक मेगा प्रोजेक्ट पर नज़र गड़ाए हुए था. वह छत्तीसगढ़ में नेताओं और नौकरशाहों से अपने संपर्कों का फायदा अपने बड़े कॉर्पोरेट ग्राहकों में से एक को दिलाना चाहता था.

  • पश्चिमी मध्‍यप्रदेश में बाढ़ से हालात बदतर, हजारों लोगों को बचाया गया

    पश्चिमी मध्‍यप्रदेश में बाढ़ से हालात बदतर, हजारों लोगों को बचाया गया

    2011 बैच के आईएएस अधिकारी, रतलाम जिला कलेक्टर रुचिका चौहान और 2010-बैच के युवा आईपीएस अधिकारी गौरव तिवारी की देखरेख में दो दिनों में NDRF और SDRF कर्मियों ने 10 नौकाओं में रतलाम जिले में और आसपास के 1000 ग्रामीणों को बचाया जिसमें बाजना, आलोट और डोडर गांव शामिल हैं. ग्राउंड जीरो पर तेज़ बहाव के खतरे के बीच रक्षा जैकेट में कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी गौरव तिवारी ने सामने से बचाव दल का नेतृत्व किया.

  • लद्दाख से दूरी, जम्मू-कश्मीर अफसरों की पहली पसंद; दोनों प्रदेशों के कैडर के लिए समिति गठित

    लद्दाख से दूरी, जम्मू-कश्मीर अफसरों की पहली पसंद; दोनों प्रदेशों के कैडर के लिए समिति गठित

    जम्मू-कश्मीर राज्य के दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के रूप में अस्तित्व में आने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन प्रदेशों के बीच मानव संसाधन के बंटवारे के लिए एक समिति का गठन कर दिया है. यह समिति दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के बीच मानव संसाधनों को विभाजित करने के सभी पहलुओं पर गौर करेगी. इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के बीच कैडर का आवंटन आसान नहीं है क्योंकि अधिकांश अधिकारी केवल जम्मू-कश्मीर कैडर चाहते हैं. बहुत कम लोग लद्दाख कैडर का चुनाव करना चाहते हैं. इसके पीछे विभिन्न कारण हैं.

  • Loksabha Election 2019: चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर के लिए तीन स्पेशल ऑब्सर्वर नियुक्त किये

    Loksabha Election 2019: चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर के लिए तीन स्पेशल ऑब्सर्वर नियुक्त किये

    चुनाव आयोग ने आगामी लोक सभा चुनाव के मद्देनजर जम्मू कश्मीर के लिए तीन पूर्व आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. आयोग से रविवार को मिली जानकारी के मुताबिक़ 1972 बैच के आईपीएस अधिकारी अमरजीत सिंह गिल, 1977 बैच के आईएएस अधिकारी नूर मोहम्मद और 1982 बैच के आईएएस अधिकारी रहे विनोद जुत्शी को जम्मू कश्मीर का विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है.

  • छत्तीसगढ़ में अमित शाह की मौजूदगी में पूर्व आईएएस और आईपीएस सहित 17 अधिकारियों ने थामा BJP का दामन

    छत्तीसगढ़ में अमित शाह की मौजूदगी में पूर्व आईएएस और आईपीएस सहित 17 अधिकारियों ने थामा BJP का दामन

    छत्तीसगढ़ में पूर्व आईएएस, आईपीएस और आईएफएस समेत 17 अधिकारियों ने आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में पार्टी का दामन थामा है. बीजेपी की सदस्यता लेने वालों में 10 से ज्यादा अधिकारी पुलिस विभाग से हैं. कुल 17 पूर्व अधिकारियों में एक पूर्व आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं.

  • पॉलिटिक्स के लिए क्यों IAS-IPS को लुभा रही बीजेपी, ओपी चौधरी से पहले ये भी थाम चुके हैं दामन

    पॉलिटिक्स के लिए क्यों IAS-IPS को लुभा रही बीजेपी, ओपी चौधरी से पहले ये भी थाम चुके हैं दामन

    दरअसल, सिर्फ हाल की ही ये दो घटनाएं इस बात की तस्दीक नहीं करती कि आईएएस अथवा आईपीएस अधिकारियों की पहली पसंद भारतयी जनता पार्टी है. बल्कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भी पूर्व आईएएस-आईपीएस अधिकारियों की एक लंबी फेहरिस्त है, जो बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़े हैं और आज भारतीय जनता पार्टी या मोदी सरकार में अहम ओहदे पर हैं. फिलहाल, रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी ने बीजेपी का दामन औपचारिक रूप से थाम लिया है और उम्मीद है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में खरसिया से चुनाव लड़ सकते हैं. यह सीट रायगढ़ जिले में कांग्रेस का गढ़ है और चौधरी का पैतृक नगर भी. तो चलिए एक नजर डालते हैं उन लोगों पर जो बीजेपी से पहले प्रशासनिक अधिकारी रहे और अब बीजेपी में अलग-अलग ओहदों पर काबिज हैं. 

  • CM बनते ही एक्‍शन में आए येदियुरप्‍पा, कई IAS और IPS के किए तबादले

    CM बनते ही एक्‍शन में आए येदियुरप्‍पा, कई IAS और IPS के किए तबादले

    सरकार ने एम लक्ष्मीनारायण को मुख्यमंत्री का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया है. इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि उनकी स्थिति गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के बराबर होगी. 

  • आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच 90 दिन के अंदर पूरी हो : सरकार

    आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच 90 दिन के अंदर पूरी हो : सरकार

    सरकार द्वारा तैयार किए गए नए नियमों के अनुसार भ्रष्टाचार और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के लिए आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ सारी विभागीय जांच अधिकतम 90 दिन के भीतर पूरी करनी होगी. इन नियमों का लक्ष्य दोषियों के लिए त्वरित सजा सुनिश्चित करना है.

  • बिहार : एससी-एसटी अधिकारियों से मिले सीएम मांझी

    बिहार : एससी-एसटी अधिकारियों से मिले सीएम मांझी

    हालांकि बिहार सरकार ने कहा कि ये बैठक अनुसूचित जाति और जनजाति कर्मचारी यूनियन की सिफ़ारिश पर बुलाई गई थी। इस बैठक में अधिकांश दलित आईएएस और आईपीएस शामिल हुए।

  • उत्तराखंड विधानसभा ने लोकायुक्त बिल किया पास

    लोकायुक्त की जद में सीएम, मंत्री, विधायक और सरकारी कर्मचारी सहित आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी आएंगे।

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