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आईएएस परीक्षा


'आईएएस परीक्षा' - 46 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • पिता का बेटे को IAS बनाने का सपना, चाचा के सहारे हुआ साकार

    पिता का बेटे को IAS बनाने का सपना, चाचा के सहारे हुआ साकार

    अपनी पहली कोशिश में ही इस बार की सिविल सर्विसेज परीक्षा में रैंक 26 लाकर आईएएस बनने वाले हिमांशु नागपाल की कहानी मुश्किलों से जूझते नौजवानों के लिए एक प्रेरणा है. साथ ही मौजूदा समाज के नाम एक संदेश भी कि कैसे एक चाचा ने आगे बढ़कर सहारा दिया और बेटे के लिए एक पिता के देखे सपने को सच किया.

  • सपना देखा 'हवा में उड़ने' का, शादी की शर्त से निकलकर वह बन गई आईएएस

    सपना देखा 'हवा में उड़ने' का, शादी की शर्त से निकलकर वह बन गई आईएएस

    हैदराबाद में मैकेनिकल इंजीनियर की नौकरी छोड़कर वह हरियाणा के अपने घर आ गई और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में ऐसी जुटी कि कोई छह महीने तक उसने घर का गेट तक नहीं देखा. इस बीच एक दूसरी परीक्षा भी वह दे रही थी.

  • पहले स्टूडेंट मूवमेंट में सक्रिय रहे सैयद रियाज़ अहमद बने IAS अफसर

    पहले स्टूडेंट मूवमेंट में सक्रिय रहे सैयद रियाज़ अहमद बने IAS अफसर

    हर जीवन की कहानी एक सी नहीं होती, लेकिन किसी मोड़ पर कुछ ऐसा होता है जिससे पूरी कहानी बदल जाती है. हम बात कर रहे हैं इस बार की सिविल परीक्षा में 261 रैंक लाकर आईएएस बनने वाले सैयद रियाज़ अहमद की. उन्होंने एनडीटीवी से अपनी बातचीत के दौरान कुछ ऐसे अनछुए पहलुओं की बात की जो न सिर्फ आने वाली पीढ़ी को संघर्ष की सीख देते हैं बल्कि कामयाबी का एक रास्ता भी दिखाते हैं.

  • Exclusive: IAS परीक्षा में कामयाबी का परचम लहराने वाले शुभम की पूरी कहानी

    Exclusive: IAS परीक्षा में कामयाबी का परचम लहराने वाले शुभम की पूरी कहानी

    शुभम ने पांचवी कक्षा में आईएएस बनने का जो सपना देखा था वो कामयाबी तीसरी कोशिश में हासिल हुई. इस बार की सिविल सर्विसेज एग्जाम में छठे स्थान पर आए शुभम गुप्ता का कहना है कि सपने वे नहीं होते जिन्हें आप आंखे बंद कर देखते हैं, बल्कि सपने वे होते हैं जो खुली आंखों से देखे जाते हैं. शुभम को कलेक्टर बनने का सपना उनके पिता ने दिखाया था जब वे महज पांचवी क्लास में पढ़ते थे और उन्होंने भी इस सपने को साकार करने में अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी, भले ही इसके लिए उन्हें तीन कोशिशें करनी पड़ीं. अपने पहले प्रयास में वे कामयाब नहीं हो सके जबकि दूसरी बार उनका चुनाव इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विसेज (IAAS) के लिए किया गया लेकिन शुभम को तो आईएएस ही बनना था लिहाजा मेहनत जारी रही और इसबार आखिरकार मंजिल मिल ही गई.

  • Exclusive: Bihar Board मैट्रिक में किसान के बेटे Sawan Raj Bharti ने किया टॉप, कहा- IAS बनकर करना चाहता हूं देश की सेवा

    Exclusive: Bihar Board मैट्रिक में किसान के बेटे Sawan Raj Bharti ने किया टॉप, कहा- IAS बनकर करना चाहता हूं देश की सेवा

    बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट (Bihar Board 10th Result) जारी हो गया है. इस साल बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा में सिमुलतला आवासीय विद्यालय जमुई (Simultala Awasiya Vidyalaya) के सावन राज भारती (Savan Raj Bharti) ने मैट्रिक परीक्षा में टॉप किया है. सावन राज भारती ने 97.2 फीसदी अंक हासिल कर अपने जिले बांका के साथ पूरे बिहार का नाम रोशन किया है. सावन राज भारती ने कुल 486 अंक हासिल किए हैं.  सावन के पिता किसान हैं और माता गृहणी हैं. सावन ने NDTV से बातचीत में कहा, ''मैं आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहता हूं.

  • Exclusive : UPSC सिविल सर्विसेज के पांचवें प्रयास में जुनैद को मिली तीसरी रैंक, सफलता की कहानी, उन्हीं की जुबानी

    Exclusive : UPSC सिविल सर्विसेज के पांचवें प्रयास में जुनैद को मिली तीसरी रैंक, सफलता की कहानी, उन्हीं की जुबानी

    UPSC Results 2019: जुनैद अहमद इस साल की सिविल सेवा परीक्षा में तीसरे स्थान पर रहे हैं. जुनैद को पांचवीं कोशिश में यह सफलता हाथ लगी है.

  • UPSC Result 2018: दिल्ली के ट्रेनी SDM से मिलिए, पत्नी के सब्जेक्ट से UPSC सिविल सर्विसेज में मारी बाजी

    UPSC Result 2018: दिल्ली के ट्रेनी SDM से मिलिए, पत्नी के सब्जेक्ट से  UPSC सिविल सर्विसेज में मारी बाजी

    UPSC Result 2018: संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सर्विसेज 2018 परीक्षा में 340 वीं रैंक पाने वाले प्रतीक बायल (Prateek Bayal) की सफलता में जानिए पत्नी का क्या रहा रोल?

  • UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में कितने अंक लाकर आईएएस अफसर बनीं बी चंद्रकला?

    UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में कितने अंक लाकर आईएएस अफसर बनीं बी चंद्रकला?

    IAS B Chandrakala: खनन घोटाले (Mining Scam) में फंसीं बी. चंद्रकला को सिविल सेवा परीक्षा(CSE 2007) में जानिए कितने अंक मिले, जिससे वह 2008 काडर की आईएएस बनीं.

  • IAS टॉपर शाह फैसल ने इस्तीफे के एक दिन बाद लोगों से की यह अपील...

    IAS टॉपर शाह फैसल ने इस्तीफे के एक दिन बाद लोगों से की यह अपील...

    IAS अफसर शाह फैसल (Shah Faesal) ने बुधवार को अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया. शाह फैसल (IAS officer Shah Faesal) ने सिविल सेवा परीक्षा (2010) में टॉप किया था और वे जम्मू-कश्मीर से थे. शाह फैसल (Shah Faesal) ने कश्मीर में कथित हत्याओं और इन मामलों में केंद्र की ओर से गंभीर प्रयास नहीं करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया.

  • IAS टॉपर शाह फैसल ने दिया इस्तीफा, इस राजनैतिक पार्टी में हो सकते हैं शामिल

    IAS टॉपर शाह फैसल ने दिया इस्तीफा, इस राजनैतिक पार्टी में हो सकते हैं शामिल

    सिविल सेवा परीक्षा (2010) में टॉप (IAS Topper Shah Faesal) करने वाले जम्मू कश्मीर के आईएएस अधिकारी (IAS) शाह फैसल (Shah Faesal) ने बुधवार को अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया. शाह फैसल ने कश्मीर में कथित हत्याओं और इन मामलों में केंद्र की ओर से गंभीर प्रयास नहीं करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया.

  • इस IAS टॉपर को हार्वर्ड में मिले 170 में से 171 नंबर, इमोशनल पोस्ट से पापा को दिया क्रेडिट

    इस IAS टॉपर को हार्वर्ड में मिले 170 में से 171 नंबर, इमोशनल पोस्ट से पापा को दिया क्रेडिट

    आईआईटी के पढ़े और 2002 आईएएस बैच के ऑफिसर अंकुर गर्ग (Ankur Garg Ias) ने 170 अंकों की परीक्षा में 171 अंक हासिल किए हैं. इससे एक बार फिर ये साबित होता है, कि इंसान चाहे तो कुछ भी कर सकता है. अंकुर (Ankur Garg) को मैक्रो इकोनॉमिक्स में 170 में से 171 अंक मिले हैं. अंकुर गर्ग ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि जब मैं स्कूल में था, तब मेरे पिता मुझसे कहते थे कि 10 में 10 अंक लाना पर्याप्त नहीं है. हमेशा 10 में से 11 अंक लाने का प्रयार करो. मैं शायद ही समझ पाता था कि ये कैसे हो सकता है. लेकिन अब स्टूडेंट लाइफ के आखिरी सफर में मुझे मैक्रो इकोनॉमिक्स कोर्स में 170 में से 171 अंक मिले हैं.

  • 'रेपिस्तान' ट्वीट को लेकर 2010 यूपीएससी टॉपर रहे नौकरशाह शाह फैसल के खिलाफ कार्रवाई

    'रेपिस्तान' ट्वीट को लेकर 2010 यूपीएससी टॉपर रहे नौकरशाह शाह फैसल के खिलाफ कार्रवाई

    तेजी से बढ़ती बलात्कार की घटनाओं के संबंध में ट्वीट करने वाले 2010 बैच के यूपीएससी परीक्षा के टॉपर शाह फैसल के खिलाफ जम्मू-कश्मीर सरकार ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है. 

  • UPPSC PCS Exam: परीक्षा के लिए आवेदन शुरू, ऐसे करें तैयारी

    UPPSC PCS Exam: परीक्षा के लिए आवेदन शुरू, ऐसे करें तैयारी

    यूपीपीएससी ने 831 पदों पर वैकेंसी के लिए नोटीफिकेशन जारी कर दिया है. लंबे समय बाद इतनी बड़ी संख्या पर भर्ती होगी. पहली बार यूपीपीएससी पीसीएस एग्जाम 2018 आईएएस की तर्ज पर नए पैटर्न के तहत होगा.

  • गांव में रहने वाले स्टूडेंट्स अब घर पर आसानी से कर पाएंगे UPSC की तैयारी

    गांव में रहने वाले स्टूडेंट्स अब घर पर आसानी से कर पाएंगे UPSC की तैयारी

    गांव में रह कर यूपीएससी की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए साधन की कमी अब बाधा नहीं बन सकती. नियोस्टेंसिल डॉट कॉम नाम का प्लेटफार्म ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा मुहैया कराता है जिसकी मदद से गांव के स्टूडेंट्स आसानी से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं.

  • तबीयत ठीक न होने पर भी नहीं मानी हार, पाया UPSC सिविल सेवा परीक्षा में चौथा स्थान

    तबीयत ठीक न होने पर भी नहीं मानी हार, पाया UPSC सिविल सेवा परीक्षा में चौथा स्थान

    अतुल प्रकाश की कहानी उस जज़्बे की है जो हारने में यकीन नहीं रखता. एक मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा हुए अतुल को उनके जीवन में उनके पिता ने बहुत प्रभावित किया है. इनके पिता अशोक राय रेलवे में इंजीनियर हैं. वे आरा के रहने वाले हैं.

  • जानिए सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी माध्यम के टॉपर अनिरुद्ध के पीछे की प्रेरणा कौन है

    जानिए सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी माध्यम के टॉपर अनिरुद्ध के पीछे की प्रेरणा कौन है

    कहते हैं हर सफल आदमी के पीछे एक महिला का हाथ होता है. इस साल सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी माध्यम से टॉपर अनिरुद्ध कुमार के बारे में ये बात शायद पूरी तरह से लागू होती है. यूं तो अनिरुद्ध सिविल सेवा परीक्षा में मिली शुरुआती असफलताओं और मिडिल क्लास वाली मुश्किलों की वजह से राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी में लग गए और उसमे सफल भी रहे, पर इस बार उनके जीवन का जब सबसे बड़ा सपना पूरा हुआ है तो उसके पीछे उनकी खुद की लगन के साथ एक प्रेरणा खड़ी थी, जो खुद एक ट्रेनी आईपीएस हैं. वो प्रेरणा कोई और नहीं, बल्कि उनकी पत्नी हैं, जो अभी हैदराबाद में सरदार बल्लवभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी में ट्रेनिंग ले रही हैं. 

  • नौकरी की परीक्षा व्यवस्था कब सुधरेगी?

    नौकरी की परीक्षा व्यवस्था कब सुधरेगी?

    नौकरी सीरीज़ का 18वां अंक आपके सामने हाज़िर है. मुझे पता है कि हर राज्य के छात्रों की बेचैनी बढ़ती जा रही है. जब आपकी चुनी हुई सरकारों ने कुछ नहीं किया जबकि उनके पास इस काम के लिए मंत्री भी हैं, आईएएस अफसर भी हैं, बहुत सारे कर्मचारी भी हैं तो मेरे साथ धीरज रखिए. मैं बहुत सीमित संसाधन में काम करता हूं. एक ही समस्या को सौ लोग भेजें यह कोई ज़रूरी नहीं है. धीरे धीरे सबका नंबर आएगा.

  • बेरोज़गारी दूर करने को लेकर सरकार की नीति क्या?

    बेरोज़गारी दूर करने को लेकर सरकार की नीति क्या?

    नौकरी सीरीज़ का 17वां अंक है. आख़िरकार भारतीय रेलवे को यह बात समझ में आ गई कि परीक्षा का शुल्क 500 रुपये रखने का कोई तुक नहीं था. अब फैसला हुआ है कि परीक्षा के बाद 400 रुपये वापस कर दिए जाएंगे. आरक्षित श्रेणी के छात्रों को भी 250 रुपये वापस कर दिए जाएंगे. जब आप आईएएस के इम्तहान का फार्म 100 रुपये में भर रहे हैं तो रेलवे के ग्रुप डी की परीक्षा का फार्म 500 रुपये में क्यों भरेंगे, बहरहाल रेलवे को यह बात समझ आ गई है.

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