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उपग्रह


'उपग्रह' - 224 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • इसरो ने आपदा प्रबंधन और नेट कनेक्टिविटी के लिए लॉन्च किया सैटेलाइट

    इसरो ने आपदा प्रबंधन और नेट कनेक्टिविटी के लिए लॉन्च किया सैटेलाइट

    आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) को एसएचएआर भी कहा जाता है. सीएमएस-01, इसरो का 42 वां संचार उपग्रह है और इसे भारत की मुख्य भूमि, अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप को कवर करने वाले फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम के विस्तारित सी बैंड में सेवाएं मुहैया करने के लिए तैयार किया गया है.

  • भारत ने PSLV-C49 से किया रडार इमेजिंग सैटेलाइट का प्रक्षेपण

    भारत ने PSLV-C49 से किया रडार इमेजिंग सैटेलाइट का प्रक्षेपण

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शनिवार शाम को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C49 प्रक्षेपण यान से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (EOS-01) और साथ ही नौ अंतर्राष्ट्रीय उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च किए हैं.

  • ISRO के पूर्व प्रमुख ने कहा- भारत को अपनी अंतरिक्ष संपत्तियां बढ़ानी चाहिए

    ISRO के पूर्व प्रमुख ने कहा- भारत को अपनी अंतरिक्ष संपत्तियां बढ़ानी चाहिए

    चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच वरिष्ठ अंतरिक्ष वैज्ञानिक जी माधव नायर ने शुक्रवार को कहा कि बदलते वक्त के साथ कदम मिलाने के लिए भारत को अंतरिक्ष में अपनी संपत्तियां बढ़ाने के साथ ही क्षेत्र का कवरेज भी बढ़ाना चाहिए.

  • सीमा पर चीन की गतिविधियों पर संसद में हो चर्चा: कांग्रेस

    सीमा पर चीन की गतिविधियों पर संसद में हो चर्चा: कांग्रेस

    कांग्रेस ने रविवार को दावा किया कि उपग्रह द्वारा ली गई तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने नाकू ला और डोका ला में पूर्वी सीमाओं पर मिसाइल तैनात कर दी हैं जिससे भारत की सुरक्षा को खतरा है. पार्टी ने मांग की कि सरकार को इस मुद्दे पर राष्ट्र को विश्वास में लेना चाहिए.

  • रूस ने बनाई दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन Sputnik V, राष्ट्रपति पुतिन की बेटी को लगाया गया टीका

    रूस ने बनाई दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन Sputnik V, राष्ट्रपति पुतिन की बेटी को लगाया गया टीका

    रूस ने इस वैक्सीन का नाम स्पुतनिक-5 (Sputnik V) रखा है कि जो उसके एक उपग्रह का भी नाम है. दावा है कि इस टीके से Covid-19 के खिलाफ स्थाय़ी इम्यूनिटी विकसित की जा सकती है. वीडियो कांफ्रेंसिंग में रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि आज सुबह दुनिया में पहली बार कोरोना वायरस (Cornavirus) का टीका तैयार कर लिया गया है.

  • मुंबई में हो सकती है रुक-रुककर बारिश, 9-10 जुलाई को बिहार-पूर्वी UP समेत अन्य जगहों पर भारी बारिश के आसार

    मुंबई में हो सकती है रुक-रुककर बारिश, 9-10 जुलाई को बिहार-पूर्वी UP समेत अन्य जगहों पर भारी बारिश के आसार

    मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी केएस होसलीकर ने ट्वीट में कहा, "हालिया उपग्रह चित्रों में मुंबई और दक्षिण कोंकण तट पर "घने बादल" दिखाए पड़ रहे हैं. मुंबई और उसके आसपास इलाकों में रुक-रुक भारी बारिश हो सकती है.

  • 25 मार्च का इतिहास: आज ही के दिन भारतीय भाषा में छपा था पहला विज्ञापन

    25 मार्च का इतिहास: आज ही के दिन भारतीय भाषा में छपा था पहला विज्ञापन

    आजकल अगर अखबारों को देखें तो उनमें हर तरफ विज्ञापनों की भरमार रहती है और यह विज्ञापन अखबार मालिकों के लिए राजस्व का एक बड़ा जरिया होते हैं. अब सवाल यह पैदा होता है कि पहला विज्ञापन कब और कहां प्रकाशित हुआ होगा. भारत में वह 25 अप्रैल 1788 का दिन था जब कलकत्ता गजट में भारतीय भाषा में पहला विज्ञापन प्रकाशित हुआ.

  • आज का इतिहास: देश और दुनिया के इतिहास में 5 जनवरी की तारीख में दर्ज हैं ये घटनाएं

    आज का इतिहास: देश और दुनिया के इतिहास में 5 जनवरी की तारीख में दर्ज हैं ये घटनाएं

    5 जनवरी के इतिहास में कई घटनाएं दर्ज हैं. 1671 में आज ही के दिन छत्रपति शिवाजी महाराज ने मुगलों से सल्हर क्षेत्र को अपने कब्जे में किया. इसके अलावा पांच जनवरी के दिन का अन्तरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में एक खास स्थान है. दरअसल पहला एकदिवसीय अन्तरराष्ट्रीय मैच पांच जनवरी 1971 को इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था. 

  • भारत का निगरानी सैटेलाइट RISAT-2BR1 आज होगा लॉन्च

    भारत का निगरानी सैटेलाइट RISAT-2BR1 आज होगा लॉन्च

    भारत के नया निगरानी उपग्रह रीसेट-2बीआर1 बुधवार को 3 बजकर 25 मिनट पर लॉन्च हो जाएगा. इसके लिए मंगलवार 4:40 बजे से उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है.

  • ISRO ने भारत के ‘कार्टोसैट-3’ और अमेरिका के 13 अन्य छोटे उपग्रहों को किया लॉन्च

    ISRO ने भारत के ‘कार्टोसैट-3’ और अमेरिका के 13 अन्य छोटे उपग्रहों को किया लॉन्च

    ISRO Launch Today: यह कार्टोसैट श्रृंखला का नौवां उपग्रह है जिसे यहां से 120 किलोमीटर दूर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के द्वितीय लांच पैड से प्रक्षेपित किया गया.

  • चांद पर अंधेरा छाने के साथ ही Chandrayaan-2 के लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क की संभावना लगभग खत्म

    चांद पर अंधेरा छाने के साथ ही Chandrayaan-2 के लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क की संभावना लगभग खत्म

    शनिवार तड़के से चांद पर रात शुरू हो जाएगी और अंधकार छाने के साथ ही ‘चंद्रयान-2’ (Chandrayaan-2 ) के लैंडर ‘विक्रम’ से सपंर्क की सभी संभावनाएं अब लगभग खत्म हो गई हैं. लैंडर का जीवनकाल एक चंद्र दिवस यानी कि धरती के 14 दिन के बराबर है. सात सितंबर को तड़के ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ में असफल रहने पर चांद पर गिरे लैंडर का जीवनकाल 21 सितंबर को खत्म हो जाएगा क्योंकि सात सितंबर से लेकर 21 सितंबर तक चांद का एक दिन पूरा होने के बाद शनिवार तड़के पृथ्वी के इस प्राकृतिक उपग्रह को रात अपने आगोश में ले लेगी.

  • मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन

    मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन

    चंद्रमा की सतह को छूने से चंद मिनट पहले लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने के बाद इसरो के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में सुरक्षित है. अधिकारी ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में पूरी तरह ठीक एवं सुरक्षित है और सामान्य तरीके से काम कर रहा है.’’ 2379 किलोग्राम ऑर्बिटर के मिशन का जीवन काल एक साल है. उल्लेखनीय है कि 3,840 किलोग्राम वजनी चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को जीएसएलवी एमके-3 एम1 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था. चंद्रयान-2 ने धरती की कक्षा छोड़कर चंद्रमा की तरफ अपनी यात्रा 14 अगस्त को इसरो द्वारा ‘ट्रांस लूनर इन्सर्शन’ नाम की प्रक्रिया को अंजाम दिये जाने के बाद शुरू की थी. यह प्रक्रिया अंतरिक्ष यान को ‘लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्ट्री’ में पहुंचाने के लिये अपनाई गई. अंतरिक्ष यान 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया था. चंद्रयान-2 के ‘ऑर्बिटर’ में चंद्रमा की सतह का मानचित्रण करने और पृथ्वी के इकलौते उपग्रह के बाह्य परिमंडल का अध्ययन करने के लिए आठ वैज्ञानिक उपकरण हैं. इसरो ने दो सितंबर को ऑर्बिटर से लैंडर को अलग करने में सफलता पाई थी, लेकिन शनिवार तड़के विक्रम का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था. इसरो ने कहा है कि वह आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है.

  • चांद की धरती में छिपा हो सकता है खज़ाना, रिसर्च में हुआ ये खुलासा

    चांद की धरती में छिपा हो सकता है खज़ाना, रिसर्च में हुआ ये खुलासा

    धरती और चांद पर मूल्यवान धातु की मौजूदगी के संबंध में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, पृथ्वी के इकलौते उपग्रह के गर्भ में मूल्यवान धातुओं का बड़ा भंडार छुपा हो सकता है.

  • चंद्रयान 2 से क्या मिलेगा भारत को, क्या होंगे तीन सबसे बड़े फायदे...

    चंद्रयान 2 से क्या मिलेगा भारत को, क्या होंगे तीन सबसे बड़े फायदे...

    पृथ्वी के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा, यानी चांद पर भारत अपना दूसरा महत्वाकांक्षी मिशन 'चंद्रयान-2' आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट लॉन्चर - GSLV Mk III - के ज़रिये प्रक्षेपित कर दिया गया है. 'चंद्रयान-2' चांद पर पानी की मौजूदगी तलाशने के अलावा भविष्य में यहां मनुष्य के रहने की संभावना भी तलाशेगा.

  • चीन 2025 तक अंतरिक्ष में सौ उपग्रह भेजने की तैयारी में

    चीन 2025 तक अंतरिक्ष में सौ उपग्रह भेजने की तैयारी में

    चीन साल 2025 तक अंतरिक्ष में करीब सौ उपग्रह प्रक्षेपित करने की योजना बना रहा है. ये उपग्रह अंतरिक्ष की कक्षा में पहले से मौजूद सौ से अधिक उपग्रहों के अतिरिक्त होंगे. चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है.

  • चंद्रयान 2 की तस्वीरें सामने आईं, अगले हफ्ते श्रीहरिकोटा से होगा प्रक्षेपण

    चंद्रयान 2 की तस्वीरें सामने आईं, अगले हफ्ते श्रीहरिकोटा से होगा प्रक्षेपण

    चंद्रयान 2 सैटेलाइट की पहली तस्वीर सामने आ गई है. यह पृथ्वी से चंद्रमा की ओर श्रीहरिकोटा से 15 जुलाई को लगभग आधी रात को रवाना होगा. इसका वजन 3.8 टन है और यह एक हजार करोड़ का मिशन है. जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट इसे लेकर अंतरिक्ष में जाएगा. प्रक्षेपण के बाद उपग्रह 'चंद्रयान 2' को कई हफ्ते लगेंगे, और फिर वह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा.

  • 'चंद्रयान 2' की पहली झलक: आठ हाथियों के वज़न वाला 'चंद्रयान-2' उतरेगा चांद के अनदेखे हिस्से पर

    'चंद्रयान 2' की पहली झलक: आठ हाथियों के वज़न वाला 'चंद्रयान-2' उतरेगा चांद के अनदेखे हिस्से पर

    अपनी पृथ्वी के चंद्रमा की ओर भारत का दूसरा मिशन 'चंद्रयान 2' श्रीहरिकोटा से 15 जुलाई को लगभग आधी रात को रवाना होगा. इस वक्त ISRO 3.8 टन वज़न वाले उपग्रह को अंतिम रूप दे रहा है, जिस पर देश का 600 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च हुआ है. प्रक्षेपण के बाद उपग्रह 'चंद्रयान 2' को कई हफ्ते लगेंगे, और फिर वह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा. गौरतलब है कि यह चंद्रमा का वह हिस्सा है, जहां आज तक दुनिया का कोई भी अंतरिक्ष यान नहीं उतरा है. NDTV के साइंस एडिटर पल्लव बागला से खास बातचीत में ISRO के असिस्टेंट साइंटिफिक सेक्रेटरी विवेक सिंह ने कहा कि यह भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी का अब तक का सबसे जटिल मिशन है, जिस पर 1,000 करोड़ रुपये से कम खर्च हुआ है.

  • NEWS FLASH: छत्तीसगढ़: स्ट्रॉन्ग रूम में तैनात CRPF जवान का दिल का दौड़ा पड़ने से निधन

    NEWS FLASH: छत्तीसगढ़: स्ट्रॉन्ग रूम में तैनात CRPF जवान का दिल का दौड़ा पड़ने से निधन

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