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एम्स बनेगा


'एम्स बनेगा' - 4 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • बिहार : जेपी नड्डा ने दोहराया, दरभंगा में ही बनेगा राज्य का दूसरा एम्स

    बिहार : जेपी नड्डा ने दोहराया, दरभंगा में ही बनेगा राज्य का दूसरा एम्स

    भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा मंगलवार को एक दिवसीय पटना दौरे पर आए. इस दौरान जहां उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को सबसे बड़ा दल बनाने की अपील की वहीं उन्होंने दोहराया कि राज्य में दूसरा AIIMS दरभंगा में ही बनेगा.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग: बिहार में बच्चों की मौत पर रिपोर्टिंग करती टीवी पत्रकारिता को टेटेनस हो गया

    रवीश कुमार का ब्लॉग: बिहार में बच्चों की मौत पर रिपोर्टिंग करती टीवी पत्रकारिता को टेटेनस हो गया

    आम तौर पर तीन बेड पर एक डॉक्टर होना चाहिए. अगर 1500 बेड की बात कर रहे हैं तो करीब 200-300 डॉक्टर तो चाहिए ही नहीं. बेड बनाकर फोटो खींचाना है या मरीज़ों का उपचार भी करना है. जिस मेडिकल कालेज की बात कर गए हैं वहां मेडिकल की पढ़ाई की मात्र 100 सीट है. 2014 में हर्षवर्धन 250 सीट करने की बात कर गए थे. यहां सीट दे देंगे तो प्राइवेट मेडिकल कालेजों के लिए शिकार कहां से मिलेंगे. गेम समझिए. इसलिए नीतीश कुमार की घोषणा शर्मनाक और मज़ाक है. अस्पताल बनेगा उसकी घोषणा पर मत जाइये. देश में बहुत से अस्पताल बन कर तैयार हैं मगर चल नहीं रहे हैं. गली-गली में खुलने वाले एम्स की भी ऐसी ही हालत है.

  • पंजाब के बठिंडा में बनेगा नया एम्स, कैबिनेट ने दी मंजूरी

    पंजाब के बठिंडा में बनेगा नया एम्स, कैबिनेट ने दी मंजूरी

    कैबिनेट ने एक अहम फैसले में पंजाब के बठिंडा में एक नया एम्स सेटअप करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। नया एम्स प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बनाया जाएगा।

  • बाड़मेर : दिहाड़ी मजदूर का बेटा एम्स में पढ़कर बनेगा डॉक्टर, अथक मेहनत से मिली कामयाबी

    बाड़मेर : दिहाड़ी मजदूर का बेटा एम्स में पढ़कर बनेगा डॉक्टर, अथक मेहनत से मिली कामयाबी

    गरीबी के बीच मेहनत और कामयाबी की एक कहानी बाड़मेर में सामने आई है। यहां एक दिहाड़ी मजदूर का बेटा डॉक्टर बनने जा रहा है। पाबुलाल की एक कच्ची झोपड़ी है। पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। पाबुलाल गांव की चौपाल में बैठकर लालटेन के सहारे पढ़ता रहा। उसने गांव से ही दसवीं पास की और उसकी लगन ने उसे एम्स तक पहुंचा दिया।