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किसानों की स्थिति


'किसानों की स्थिति' - 39 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • ऑटो के बाद अब टेक्सटाइल सेक्टर में मंदी की मार, बड़ी तादाद में गईं नौकरियां

    ऑटो के बाद अब टेक्सटाइल सेक्टर में मंदी की मार, बड़ी तादाद में गईं नौकरियां

    अंग्रेज़ी समाचारपत्र 'इंडियन एक्सप्रेस' में मंगलवार को आधे पेज का एक बड़ा-सा विज्ञापन छपा है, जिसमें नौकरियां खत्म होने के बाद फैक्टरी से बाहर आते लोगों का स्केच बनाया गया है. इसके नीचे बारीक आकार में लिखा है कि देश की एक-तिहाई धागा मिलें बंद हो चुकी हैं, और जो चल रही हैं, वे भारी घाटे में हैं. उनकी स्थिति ऐसी भी नहीं है कि वे भारतीय कपास ख़रीद सकें, सो, कपास की आगामी फ़सल का कोई ख़रीदार नहीं होगा. अनुमान है, 80,000 करोड़ रुपये का कपास उगने जा रहे है, सो, इसका असर कपास के किसानों पर भी होगा."

  • सूखे से निपटने की तैयारी में जुटी झारखंड सरकार

    सूखे से निपटने की तैयारी में जुटी झारखंड सरकार

    मानसून की वर्तमान स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को सहायता पहुंचाने के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने तत्काल बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों से बात कर उनकी जरूरत के अनुसार उन्हें सहायता पहुंचाने की रणनीति एक सप्ताह के भीतर पूरी कर लें. उन्होंने सभी उपायुक्तों को इस मसले पर अलर्ट करते हुए हर जिले में दलहन और तिलहन के बीज, खाद आदि की उपलब्धता भरपूर रहे, इसकी व्यवस्था करने को कहा.

  • राहुल गांधी ने किसानों की स्थिति को बताया ‘दयनीय', राजनाथ बोले- लंबे समय तक सरकार चलाने वाले जिम्मेदार

    राहुल गांधी ने किसानों की स्थिति को बताया ‘दयनीय', राजनाथ बोले- लंबे समय तक सरकार चलाने वाले जिम्मेदार

    लोकसभा में शून्यकाल के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने किसानों का मुद्दा उठाया और कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड में कर्ज की अदायगी नहीं कर पाने के कारण बुधवार को एक किसान ने खुदकुशी कर ली. केरल में पिछले डेढ़ साल में 18 किसान खुदकुशी कर चुके हैं.

  • ...जब रवीश कुमार से बातचीत के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- वरुण गांधी के दिमाग में 'गोबर' भरा है

    ...जब रवीश कुमार से बातचीत के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- वरुण गांधी के दिमाग में 'गोबर' भरा है

    रवीश कुमार के इस सवाल के जवाब में अखिलेश यादव (Akhilesh yadav) ने कहा कि पढ़े लिखे लोग के दिमाग में गोबर भरा हो तो मैं क्या कर सकता हूं. वैसे तो वरुण गांधी (Varun Gandhi) ने किसानों की स्थिति ठीक करने के लिए बहुत मोटी किताब लिखी है.

  • प्रियंका गांधी ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर युवाओं से की अपील, कही यह बात...

    प्रियंका गांधी ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर युवाओं से की अपील, कही यह बात...

    उन्होंने (Priyanka Gandhi Vadra) युवाओं से अपील करते हुए इस चुनाव में बुनियादी मुद्दों पर ध्यान केंद्रीत करने की भी बात कही है. बता दें कि कांग्रेस जारी किए गए मेनिफेस्टो में गरीबों को न्यूनतम आय योजना (न्याय) के तहत सालाना 72 हजार रुपये देने और किसानों की स्थिति सुधारने के लिए अलग बजट के प्रावधान जैसे कई अहम वादे किए गए हैं.

  • कैसी है किसानों की स्थिति और उनके परिवारों का हाल, 2013 के बाद सरकार ने नहीं किया कोई सर्वे

    कैसी है किसानों की स्थिति और उनके परिवारों का हाल, 2013 के बाद सरकार ने नहीं किया कोई सर्वे

    किसानों की स्थिति को लेकर देश में जारी बहस के बीच पिछले पांच वर्षो में कृषि परिवारों की आय में वृद्धि का कोई तुलनात्मक अनुमान उपलब्ध नहीं है.

  • मध्य प्रदेश में 5 रुपये, 13 रुपये की हुई कर्जमाफी, किसान ने कहा- इतने की तो हम 'बीड़ी' पी जाते हैं

    मध्य प्रदेश में 5 रुपये, 13 रुपये की हुई कर्जमाफी, किसान ने कहा- इतने की तो हम 'बीड़ी' पी जाते हैं

    मध्यप्रदेश में जय किसान ऋण मुक्ति योजना के तहत किसान कर्जमाफी के फॉर्म भरने लगे हैं, लेकिन जो सूची सरकारी दफ्तरों में चिपकाई जा रही है उससे किसान खासे परेशान हैं.

  • 1984 दंगा: सज्जन कुमार की सजा के फैसले पर राहुल गांधी का बयान, कहा- मैं पहले भी साफ कर चुका हूं कि...

    1984 दंगा: सज्जन कुमार की सजा के फैसले पर राहुल गांधी का बयान, कहा- मैं पहले भी साफ कर चुका हूं कि...

    किसानों के मामले पर प्रेस कांफ्रेंस करने पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि दंगों पर अपनी स्थिति मैं पहले भी साफ कर चुका हूं. यह प्रेस कांफ्रेंस किसानों के कर्ज माफी के संबंध में है.

  • दफ्तर संभालते ही कमलनाथ ने राहुल गांधी के कर्ज माफी के वायदे पर किया दस्तखत, 5 खास बातें... 

    दफ्तर संभालते ही कमलनाथ ने राहुल गांधी के कर्ज माफी के वायदे पर किया दस्तखत, 5 खास बातें... 

    कमलनाथ (Kamal Nath) मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं. पद और गोपनियता की शपथ (Kamal Nath Oath Ceremony) लेने के तुरंत बाद ही उन्होंने अपने वादे के मुताबिक किसानों के कर्ज़ माफ (Loan Waiver) करने वाली फाइल पर दस्तखत कर दिए. बता दें कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शपथ लेने से पहले ही कहा कि था कि वे 10 दिनों से पहले ही किसानों का कर्ज माफ करेंगे. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दस्तखत के बाद किसानों के दो लाख रुपये तक के ऋण माफ हो गए. मध्यप्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा कर्जमाफी की फाइल पर हस्ताक्षर करने के बाद इस संबंध में आदेश जारी कर दिये गए हैं. उन्होंने कहा, 'सोमवार शाम जारी आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश शासन एतद् द्वारा निर्णय लिया जाता है कि मध्यप्रदेश राज्य में स्थित राष्ट्रीयकृत तथा सहकारी बैंकों में अल्पकालीन फसल ऋण के रूप में शासन द्वारा पात्रता अनुसार पात्र पाए गए किसानों के दो लाख रुपये की सीमा तक का 31 मार्च 2018 की स्थिति में बकाया फसल ऋण माफ किया जाता है.'

  • शपथ से पहले NDTV से बोले कमलनाथ- दस दिनों से पहले ही माफ होगा किसानों का कर्ज

    शपथ से पहले NDTV से बोले कमलनाथ- दस दिनों से पहले ही माफ होगा किसानों का कर्ज

    उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर भी अपना जवाब दिया. उन्होंने कहा, 'कांग्रेस चुनाव से पहले गुटों में बंटी थी. यह स्वभाविक है कि किसी भी राजनीतिक दल में कोई किसी का करीबी रहता है तो कोई किसी और का करीबी. ऐसा आमतौर पर हमारे परिवारों में भी देखने को मिलता है. लेकिन कांग्रेस में किसी तरह की कोई तनाव की स्थिति नहीं थी. पिछले सात महीनों में मुझे लगा कि कांग्रेस में ऐसी कोई गुटबाजी नहीं थी कि तनाव की स्थिति हो. सबने मिलकर काम किया और अच्छा काम किया है.'

  • सरकार बनने से पहले ही किसानों की कर्ज माफी की तैयारियां शुरू, राहुल ने किया था 10 दिनों में माफ करने का वादा

    सरकार बनने से पहले ही किसानों की कर्ज माफी की तैयारियां शुरू, राहुल ने किया था 10 दिनों में माफ करने का वादा

    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा अपने जन घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई है. इस घोषणा की पूर्ति के लिए किसानों की ऋण माफी योजना तैयार किया जाना है. अधिकारियों से कहा गया है कि उनके अधीन कार्यरत बैंकों द्वारा किसानों को वितरित कृषि ऋण अवशेष की जानकारी 30 नवंबर की स्थिति के अनुसार उपलब्ध कराएं.

  • मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 : आखिर ऐसा क्या है कि मध्य प्रदेश में 'मामा' शिवराज हारते ही नहीं?

    मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 : आखिर ऐसा क्या है कि मध्य प्रदेश में 'मामा' शिवराज हारते ही नहीं?

    मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान  लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी अगुवाई में बीजेपी कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे रही है. हालांकि बीच-बीच में कांग्रेस को रुझानों में बहुमत भी मिला है. मध्य प्रदेश में करीब 15 सालों से सत्ता में काबिज बीजेपी के मुख्य शिवराज सरकार दावा था कि उसके शासन की वजह प्रदेश में किसानों की स्थिति में बड़ा परिवर्तन आया है और अब यहां उन्नत खेती की जा रही है

  • शिवराज सिंह चौहान की 'ताजपोशी' में कहीं बड़ा रोड़ा न बन जाए यह बात...

    शिवराज सिंह चौहान की 'ताजपोशी' में कहीं बड़ा रोड़ा न बन जाए यह बात...

    कर्ज माफी का यह वादा मालवा-निमाड़ अंचल ही नहीं, पूरे सूबे में कांग्रेस के लिए 'मास्‍टर स्‍ट्रोक' साबित हो सकता है. कृषि के लिहाज से मध्‍यप्रदेश, देश का अग्रणी राज्‍य हैं और यह वादा किसानों को लुभा रहा है. मालवा-निमाड़ अंचल के अलावा ग्‍वालियर-चंबल क्षेत्र में भी कांग्रेस अपने प्रदर्शन को बेहतर कर सकती है. इस क्षेत्र के ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को कांग्रेस के बहुमत हासिल करने की स्थिति में मुख्‍यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है.

  • मध्य प्रदेश के मंदसौर में बोले पीएम मोदी, हमें तो अभी सिर्फ 4 साल हुए, पांच दशक का पाप धोने के लिए थोड़ा तो समय चाहिए

    मध्य प्रदेश के मंदसौर में बोले पीएम मोदी, हमें तो अभी सिर्फ 4 साल हुए, पांच दशक का पाप धोने के लिए थोड़ा तो समय चाहिए

    मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 5-6 दशक के पाप को ठीक करने के लिए थोड़ा समय भी तो चाहिए. मुझे तो अभी सिर्फ 4 साल मिले हैं. उनसे आधा समय भी मिल जाए तो स्थिति बदल जाएगी. पीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश के किसान अपना लोहा मनवा रहे हैं. आज देश में एमपी कृषि के क्षेत्र में अव्वल है.

  • मध्य प्रदेश चुनाव: बसपा से हाथ न मिला 2013 की गलती कांग्रेस ने फिर दोहराई? ऐसे समझें आंकड़ों का खेल

    मध्य प्रदेश चुनाव: बसपा से हाथ न मिला 2013 की गलती कांग्रेस ने फिर दोहराई? ऐसे समझें आंकड़ों का खेल

    कांग्रेस राज्य में पिछले तीन बार से सत्ता में काबिज भाजपा का किला ध्वस्त करने की कोशिश में लगी हैं, वहीं शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर बहुमत पाने के लिए जोर-शोर से लगे हुए हैं. कांग्रेस का कहना कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर है, क्योंकि शिवराज सरकार नई नौकरियां पैदा करने, किसानों की स्थिति में सुधार करने और बेहतर कानून व्यवस्था बनाने में नाकाम रही है. वहीं भाजपा का दावा है कि वह दोबारा बहुमत हासिल करेगी. इन विधानसभा चुनाव को लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है. इनसे पार्टियों की ताकत का अंदाजा लग जाएगा.

  • मध्यप्रदेश में किसानों की स्थिति पर बोले सीएम शिवराज, अब हालात बदल चुके हैं, किसान आज दुखी नहीं

    मध्यप्रदेश में किसानों की स्थिति पर बोले सीएम शिवराज, अब हालात बदल चुके हैं, किसान आज दुखी नहीं

    एनडीटीवी के प्रणव राय से बातचीत में शिवराज सिंह ने कहा कि हमनें जब राज्य के लिए काम करना शुरू किया था उस समय यहां की स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन मैंने अपने शासनकाल में राज्य को आज बहुत आगे तक पहुंचा दिया है. हालांकि शिवराज सिंह के दावों के बीच कांग्रेस ने मध्यप्रदेश की मौजूदा सरकार पर हमला करते हुए इसे सबसे भ्रष्ट सरकार बताया.कांग्रेस ने कहा कि राज्य में फिलहाल शिवराज सरकार के खिलाफ हवा बह रही है.

  • पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

    पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

    पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की भूख हड़ताल आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई और उन्होंने अपने समुदाय के सदस्यों के लिए आरक्षण तथा गुजरात के किसानों के लिए ऋण माफी की अपनी मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने का संकल्प लिया. पटेल के आंदोलन को आज अधिक समर्थन मिला. उन्होंने भाजपा सरकार पर बरसते हुए आरोप लगाया कि गुजरात की मौजूदा स्थिति 'ब्रिटिश राज से भी बदतर' है.

  • क्या सरकार को किसानों की वाकई फिक्र है?

    क्या सरकार को किसानों की वाकई फिक्र है?

    न्यूज चैनलों पर नेताओं के भाषणों का अतिक्रमण हो गया है. उनके भाषण झूठ से भरे होते हैं, उन्माद फैलाने वाले होते हैं, मुद्दों से भटकाने वाले होते हैं. इतिहास तो गलत होता ही है. दूसरी तरफ आम जनता अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर लाचार खड़ी है कि कोई उसे आवाज़ दे दे. मध्य प्रदेश में सिपाही की परीक्षा देने वाले छात्र अब गिड़गिड़ाने की स्थिति में आ गए हैं. रो रहे हैं कि कोई उनकी बात सामने रख दे.