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कुपोषण


'कुपोषण' - 59 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • मध्य प्रदेश के खेल मंत्री ने कहा- आंगनबाड़ी केंद्रों पर जबरन नहीं थोपा जायेगा अंडे परोसने का फैसला

    मध्य प्रदेश के खेल मंत्री ने कहा- आंगनबाड़ी केंद्रों पर जबरन नहीं थोपा जायेगा अंडे परोसने का फैसला

    मध्यप्रदेश के खेल और युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार कुपोषण के कलंक को मिटाना चाहती है. लेकिन सूबे के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को अंडे परोसने के विचाराधीन प्रस्ताव को फैसले के रूप में जबरन नहीं थोपा जाएगा.

  • नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान से भी पिछड़ गया भारत, भुखमरी के मामले में 117 मुल्कों में 102वें स्थान पर पहुंचा

    नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान से भी पिछड़ गया भारत, भुखमरी के मामले में 117 मुल्कों में 102वें स्थान पर पहुंचा

    भूख और कुपोषण पर नजर रखने वाले जीएचआई की वेबसाइट में बुधवार को बताया गया कि बेलारूस, यूक्रेन, तुर्की, क्यूबा और कुवैत समेत 17 देश पांच से कम जीएचआई अंक के साथ शीर्ष स्थान पर रहे. आयरलैंड की एजेंसी ‘कन्सर्न वर्ल्डवाइड’ और जर्मनी के संगठन ‘वेल्ट हंगर हिल्फे’ द्वारा संयुक्त रूप से तैयार रिपोर्ट में भारत में भरपेट भोजन नहीं मिलने के कारण उत्पन्न भूख के स्तर को ‘‘गंभीर’’ बताया गया है. 

  • दुखद! दुनिया का हर तीसरा बच्चा है कुपोषण का शिकार

    दुखद! दुनिया का हर तीसरा बच्चा है कुपोषण का शिकार

    आम धारणा के विपरीत, ज्यादातर कमजोर बच्चे आपातकाल का सामना कर रहे देशों की तुलना में एशिया में ज्यादा थे.

  • दिग्विजय सिंह बोले- BJP और बजरंग दल वाले ISI से ले रहे हैं पैसे, मुस्लिमों से ज्यादा गैर-मुस्लिम कर रहे हैं पाकिस्तान के लिए जासूसी

    दिग्विजय सिंह बोले- BJP और बजरंग दल वाले ISI से ले रहे हैं पैसे, मुस्लिमों से ज्यादा गैर-मुस्लिम कर रहे हैं पाकिस्तान के लिए जासूसी

    देश की अर्थव्यवस्था खराब हो रही है और सरकार भी कह रही है कि देश की जीडीपी गिर रही है. हालत ऐसे हैं कि रिजर्व बैंक से रुपये लेने पड़ रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री मोदी को फिट इंडिया की चिंता है. उन्होंने कहा कि फिट इंडिया होना चाहिए, लेकिन यहां कुपोषण है, गरीबी, मंहगाई, अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी का हल चाहिए.

  • World Breastfeeding Week: ब्रेस्‍टफीड या पम्पिंग.. क्‍या है ज्‍यादा बेहतर?

    World Breastfeeding Week: ब्रेस्‍टफीड या पम्पिंग.. क्‍या है ज्‍यादा बेहतर?

    मां का दूध छह (Breastfeeding) महीने तक के नवजात शिशु में प्रतिरक्षा प्रणाली का विकास करता है, इससे इंफेक्‍शन, कुपोषण, एलर्जी और अन्य जटिलताओं का खतरा कम हो जाता है. हालांकि, इस पहलू में एक महत्वपूर्ण चुनौती यह है कि स्तनपान कराने वाली माताओं को अक्सर पर्याप्त मातृत्व अवकाश नहीं मिलता है. इसलिए, उन्‍हें खुद को ब्रेस्‍टफीड को स्टोर करने और बाद में बच्चे को पिलाने के लिए मजबूर होना पड़ता है.

  • पाकिस्तान में 50 प्रतिशत से अधिक परिवारों के पास नहीं है दो वक्त का भी खाना - सर्वे

    पाकिस्तान में 50 प्रतिशत से अधिक परिवारों के पास नहीं है दो वक्त का भी खाना - सर्वे

    पाकिस्तान में आधे से अधिक परिवार गरीबी के कारण दो वक्त की रोटी का जुगाड़ नहीं कर पा रहे हैं. इससे बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं.

  • पीएम मोदी ने 32 महिला सांसदों से की मुलाकात, कहा- सबको एक-दूसरे के बारे में पता होना चाहिए

    पीएम मोदी ने 32 महिला सांसदों से की मुलाकात, कहा- सबको एक-दूसरे के बारे में पता होना चाहिए

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बीजेपी की महिला सांसदों से गरीब बस्तियों में बच्चों के कुपोषण को दूर करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया. अपने घर पर करीब बत्तीस महिला सांसदों से पीएम मोदी ने मुलाकात की. पीएम मोदी ने सभी महिला सांसदों से अपना विस्तार से परिचय देने को कहा.

  • हजारों करोड़ खर्च होने के बावजूद हर 1000 में से 47 बच्चों की हो रही कुपोषण से मौत

    हजारों करोड़ खर्च होने के बावजूद हर 1000 में से 47 बच्चों की हो रही कुपोषण से मौत

    मध्यप्रदेश में हजारों करोड़ खर्च होने के बाद भी कुपोषण हर 1000 में से 47 बच्चों को लील लेता है. ये आंकड़े हैं सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम यानी एसआरएस के 2019 के बुलेटिन से. अभी सुर्खियों में बिहार में बच्चों की मौत है दिमागी बुखार लेकिन क्या सच में सिर्फ एक वजह है, या पूरी व्यवस्था बच्चों के प्रति उदासीन है. पोषण आहार, ये स्कीम-वो स्कीम के नाम पर करोड़ों खर्चने का दावा है फिर भी क्यों बढ़ रहे हैं बाल मृत्यु दर के आंकड़े?

  • मुजफ्फरपुर में 100 से ज़्यादा बच्चों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

    मुजफ्फरपुर में 100 से ज़्यादा बच्चों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

    मुजफ्फरपुर ज़िले में मौत से जुड़े जो कारण सामने आ रहे हैं वो एक ऐसा विषय है अगर 100 बच्चों की मौत न हो तो आपका यही मीडिया उस पर तीस सेकेंड की भी ख़बर न दिखाए. मीडिया ही नहीं आप भी नहीं देखना चाहेंगे. ज़ाहिर है आप भी रात के 9 बजे कुपोषण पर चर्चा नहीं देखना चाहेंगे क्योंकि आप तो मानते हैं कि वो दिखाया जाए जिससे लगे कि कुछ हो रहा है. कुपोषण वगैरह तो चलता ही रहता है.

  • वित्त मंत्री ने बजट में पेश किया विजन-30, जानें- अगले दस साल में कौनसे दस काम करेगी सरकार

    वित्त मंत्री ने बजट में पेश किया विजन-30, जानें- अगले दस साल में कौनसे दस काम करेगी सरकार

    वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को संसद में अंतरिम बजट 2019-20 पेश किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के अहम मुद्दों को ध्यान में रखते हुए अगले एक दशक के लिए एक विजन पेश किया है. उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे, जहां गरीबी, कुपोषण, गंदगी और निरक्षरता बीते समय की बातें होंगी. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत एक आधुनिक, प्रौधोगिक से संचालित, उच्च विकास के साथ एक समान और पारदर्शी समाज होगा. परिकल्पना-30 में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि अगले दस साल में कौनसे दस काम करेगी सरकार...

  • Top 5 News: रिहाई के बाद भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर का BJP पर हमला, हरियाणा में गैंगरेप

    Top 5 News: रिहाई के बाद भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर का BJP पर हमला, हरियाणा में गैंगरेप

    मधेपुरा में एक महादलित परिवार को मृतक को दफनाने के लिए दो गज जमीन तक नहीं मिली और गांव के दबंग जमींदारों की दबंगई की वजह से महादलित परिवार को अपने ही छोटे से घर में मृतक को दफनाने पर मजबूर किया गया. वहीं, हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले 19 वर्षीय युवती का कथित रूप से अपहरण करके उसके साथ कथित गैंगरेप करने का मामला सामने आया है. इस मामले में 12 लोगों पर गैंगरेप का आरोप है. इसके अलावा, पिछले साल जून महीने से रासुका के मामले में जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक को उत्तर प्रदेश पुलिस ने अब रिहा कर दिया है. उधर, यूपी के कुशीनगर जिले में एक हफ़्ते के अंदर एक मां और उसके दो बच्चों की भूख और कुपोषण से मौत हो गई है. ऐसा गांववालों का दावा है. वहीं, मनमर्जियां (Manmarziya) यानी अपने धुन में सवार बिना किसी परवाह के अपनी ही मन की करता जाए. फिल्म की कहानी की शुरुआत भी कुछ इसी अंदाज में होती है.​

  • उत्‍तर प्रदेश: एक हफ्ते मां और उसके दो बच्‍चों की भूख से मौत! सरकार ने कहा- फूड प्वॉइजनिंग थी वजह

    उत्‍तर प्रदेश: एक हफ्ते मां और उसके दो बच्‍चों की भूख से मौत! सरकार ने कहा- फूड प्वॉइजनिंग थी वजह

    सरकार का कहना है कि उनकी मौत फूड प्वॉइजनिंग से हुई है. यूपी देश के सबसे ज्यादा कुपोषित राज्यों में से एक है और पहले भी यहां भूख से मौतों की ख़बरें आती रही हैं. आपको बता दे कि ये मौतें तब हुई है जब यूपी सरकार 'राष्‍ट्रीय पोषण माह' मना रही है. 

  • इस राज्य में रोज भूख से होती है 92 बच्चों की मौत!

    इस राज्य में रोज भूख से होती है 92 बच्चों की मौत!

    प्राकृतिक रूप से संपन्न मध्य प्रदेश में रोजाना दर्जनों बच्चों की मौत कुपोषण से होना गंभीर चिता का विषय है.

  • कुपोषण खत्म करने के लिए आंकड़े जोड़ना अहम: विशेषज्ञ

    कुपोषण खत्म करने के लिए आंकड़े जोड़ना अहम: विशेषज्ञ

    इसके लिए जिला और खंड स्तर पर काम करना होगा और सही तरीके से आंकड़ों का संकलन कर उसके अनुसार रणनीति बनानी होगी.

  • देश में कुपोषण को खत्म करने में आंकड़े निभाएंगे अहम रोल

    देश में कुपोषण को खत्म करने में आंकड़े निभाएंगे अहम रोल

    इसके लिए जिला और खंड स्तर पर काम करना होगा और सही तरीके से आंकड़ों का संकलन कर उसके अनुसार रणनीति बनानी होगी.

  • Exclusive : डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने माना भुखमरी से मौत के लिए हमारी सरकार जिम्मेदार

    Exclusive : डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने माना भुखमरी से मौत के लिए हमारी सरकार जिम्मेदार

    दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने स्वीकार किया है कि राजधानी के मंडावली में भुखमरी से तीन बच्चियों की मौत के लिए सरकार जिम्मेदार है. उन्होंने NDTV इंडिया से खास बातचीत में कहा कि सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती.

  • जो भूख से मरीं, सिर्फ दिल्ली की नहीं, देश की नागरिक थीं

    जो भूख से मरीं, सिर्फ दिल्ली की नहीं, देश की नागरिक थीं

    जिस दिन देश की राजधानी दिल्ली में तीन बच्चियों की भूख से मौत की ख़बर पढ़ी, ठीक उसी दिन अख़बार में एक और ख़बर थी कि अकेले मध्य प्रदेश में 55 लाख टन गेहूं सरप्लस है.

  • भुखमरी से मौत - अब कौन है दिल्ली का 'बॉस', जवाब दे...

    भुखमरी से मौत - अब कौन है दिल्ली का 'बॉस', जवाब दे...

    दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के चुनाव क्षेत्र मंडावली में भूख से तीन बच्चियों की मौत के बाद AAP, BJP और कांग्रेसी नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है. बच्चियों की मौत से गरीबी, अवसाद, बेरोज़गारी, क़र्ज़, अशिक्षा, जनसंख्या, नशा, अस्वच्छता जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर सभी सरकारों की गवर्नेन्स पर विफलता उजागर होती है.