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कुपोषण से मौत


'कुपोषण से मौत' - 19 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • हजारों करोड़ खर्च होने के बावजूद हर 1000 में से 47 बच्चों की हो रही कुपोषण से मौत

    हजारों करोड़ खर्च होने के बावजूद हर 1000 में से 47 बच्चों की हो रही कुपोषण से मौत

    मध्यप्रदेश में हजारों करोड़ खर्च होने के बाद भी कुपोषण हर 1000 में से 47 बच्चों को लील लेता है. ये आंकड़े हैं सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम यानी एसआरएस के 2019 के बुलेटिन से. अभी सुर्खियों में बिहार में बच्चों की मौत है दिमागी बुखार लेकिन क्या सच में सिर्फ एक वजह है, या पूरी व्यवस्था बच्चों के प्रति उदासीन है. पोषण आहार, ये स्कीम-वो स्कीम के नाम पर करोड़ों खर्चने का दावा है फिर भी क्यों बढ़ रहे हैं बाल मृत्यु दर के आंकड़े?

  • मुजफ्फरपुर में 100 से ज़्यादा बच्चों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

    मुजफ्फरपुर में 100 से ज़्यादा बच्चों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

    मुजफ्फरपुर ज़िले में मौत से जुड़े जो कारण सामने आ रहे हैं वो एक ऐसा विषय है अगर 100 बच्चों की मौत न हो तो आपका यही मीडिया उस पर तीस सेकेंड की भी ख़बर न दिखाए. मीडिया ही नहीं आप भी नहीं देखना चाहेंगे. ज़ाहिर है आप भी रात के 9 बजे कुपोषण पर चर्चा नहीं देखना चाहेंगे क्योंकि आप तो मानते हैं कि वो दिखाया जाए जिससे लगे कि कुछ हो रहा है. कुपोषण वगैरह तो चलता ही रहता है.

  • Top 5 News: रिहाई के बाद भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर का BJP पर हमला, हरियाणा में गैंगरेप

    Top 5 News: रिहाई के बाद भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर का BJP पर हमला, हरियाणा में गैंगरेप

    मधेपुरा में एक महादलित परिवार को मृतक को दफनाने के लिए दो गज जमीन तक नहीं मिली और गांव के दबंग जमींदारों की दबंगई की वजह से महादलित परिवार को अपने ही छोटे से घर में मृतक को दफनाने पर मजबूर किया गया. वहीं, हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले 19 वर्षीय युवती का कथित रूप से अपहरण करके उसके साथ कथित गैंगरेप करने का मामला सामने आया है. इस मामले में 12 लोगों पर गैंगरेप का आरोप है. इसके अलावा, पिछले साल जून महीने से रासुका के मामले में जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक को उत्तर प्रदेश पुलिस ने अब रिहा कर दिया है. उधर, यूपी के कुशीनगर जिले में एक हफ़्ते के अंदर एक मां और उसके दो बच्चों की भूख और कुपोषण से मौत हो गई है. ऐसा गांववालों का दावा है. वहीं, मनमर्जियां (Manmarziya) यानी अपने धुन में सवार बिना किसी परवाह के अपनी ही मन की करता जाए. फिल्म की कहानी की शुरुआत भी कुछ इसी अंदाज में होती है.​

  • उत्‍तर प्रदेश: एक हफ्ते मां और उसके दो बच्‍चों की भूख से मौत! सरकार ने कहा- फूड प्वॉइजनिंग थी वजह

    उत्‍तर प्रदेश: एक हफ्ते मां और उसके दो बच्‍चों की भूख से मौत! सरकार ने कहा- फूड प्वॉइजनिंग थी वजह

    सरकार का कहना है कि उनकी मौत फूड प्वॉइजनिंग से हुई है. यूपी देश के सबसे ज्यादा कुपोषित राज्यों में से एक है और पहले भी यहां भूख से मौतों की ख़बरें आती रही हैं. आपको बता दे कि ये मौतें तब हुई है जब यूपी सरकार 'राष्‍ट्रीय पोषण माह' मना रही है. 

  • इस राज्य में रोज भूख से होती है 92 बच्चों की मौत!

    इस राज्य में रोज भूख से होती है 92 बच्चों की मौत!

    प्राकृतिक रूप से संपन्न मध्य प्रदेश में रोजाना दर्जनों बच्चों की मौत कुपोषण से होना गंभीर चिता का विषय है.

  • Exclusive : डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने माना भुखमरी से मौत के लिए हमारी सरकार जिम्मेदार

    Exclusive : डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने माना भुखमरी से मौत के लिए हमारी सरकार जिम्मेदार

    दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने स्वीकार किया है कि राजधानी के मंडावली में भुखमरी से तीन बच्चियों की मौत के लिए सरकार जिम्मेदार है. उन्होंने NDTV इंडिया से खास बातचीत में कहा कि सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती.

  • जो भूख से मरीं, सिर्फ दिल्ली की नहीं, देश की नागरिक थीं

    जो भूख से मरीं, सिर्फ दिल्ली की नहीं, देश की नागरिक थीं

    जिस दिन देश की राजधानी दिल्ली में तीन बच्चियों की भूख से मौत की ख़बर पढ़ी, ठीक उसी दिन अख़बार में एक और ख़बर थी कि अकेले मध्य प्रदेश में 55 लाख टन गेहूं सरप्लस है.

  • भुखमरी से मौत - अब कौन है दिल्ली का 'बॉस', जवाब दे...

    भुखमरी से मौत - अब कौन है दिल्ली का 'बॉस', जवाब दे...

    दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के चुनाव क्षेत्र मंडावली में भूख से तीन बच्चियों की मौत के बाद AAP, BJP और कांग्रेसी नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है. बच्चियों की मौत से गरीबी, अवसाद, बेरोज़गारी, क़र्ज़, अशिक्षा, जनसंख्या, नशा, अस्वच्छता जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर सभी सरकारों की गवर्नेन्स पर विफलता उजागर होती है.

  • NDTV Exclusive : दिल्ली में तीन मासूम बच्चियां आठ दिन तक भूखी रहीं, कुपोषण से मौत!

    NDTV Exclusive : दिल्ली में तीन मासूम बच्चियां आठ दिन तक भूखी रहीं, कुपोषण से मौत!

    देश की राजधानी में तीन मासूम बच्चियों की भुखमरी के कारण मौत हो गई है. यह एक ऐसी दर्दनाक घटना है जिसके बारे में सुनकर हर किसी का सर शर्म से झुक जाए. तीन सगी बहनों की मौत इसलिए हो गई क्योंकि उन्हें कई दिनों से खाना नहीं मिला था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के हिसाब से उनकी मौत कुपोषण और भुखमरी से हुई है.

  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बच्चों की मौत पर झारखंड सरकार से रिपोर्ट मांगी

    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बच्चों की मौत पर झारखंड सरकार से रिपोर्ट मांगी

    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कालेज अस्पताल में एक महीने में 52 बच्चों की मौत के मामले में झारखंड सरकार से 6 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है.  झारखंड के मुख्य सचिव को जारी हुए नोटिस के मुताबिक आयोग ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर ये पहल की है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 52 बच्चों की मौत 30 दिन के भीतर हुई.  अस्पताल के सुपरिटेंडेंट ने मौतों की वजह कुपोषण बताई है.

  • क्योंकि मासूम मुद्दा नहीं! महिला एवं बाल विकास विभाग के 67 फीसदी पद खाली, बजट में कटौती

    क्योंकि मासूम मुद्दा नहीं! महिला एवं बाल विकास विभाग के 67 फीसदी पद खाली, बजट में कटौती

    महाराष्ट्र में महिला और बाल विकास के काम करने वाली सरकारी और समाजसेवी संस्थाओं में समन्वय की जिम्मेदारी है महिला एवं बाल विकास आयुक्तालय की, लेकिन इस दफ्तर में अफसरों के 67 फीसदी पद खाली पड़े हैं. यहां तक कि आयुक्त और सचिव तक का पद एक ही अधिकारी के पास है. यह जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मिली है. महाराष्ट्र सरकार समेकित बाल विकास योजना यानी आईसीडीएस के बजट में भी 31 फीसदी की कटौती कर चुकी है. यह सब तब हो रहा है जब राज्य में हजारों बच्चों की कुपोषण से मौत हो चुकी है.

  • बजट में कहा तो... पर क्या टीबी को हराना आसान है?

    बजट में कहा तो... पर क्या टीबी को हराना आसान है?

    आंगन में बैठी इन महिलाओं को गौर से देखिए. इनके माथे पर बिंदी नहीं है. मांग में सिंदूर भी नहीं. ये सभी विधवा हैं. पति को खोने के बाद अब ये लाचार सी जिंदगी जी रही हैं. यह महिलाएं मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के पोहरी ब्लॉक के एक ही गांव जाखनौद के एक मोहल्ले में रहती हैं. इन सभी के पति टीबी के कारण मौत का असमय ही शिकार हो गए. इस जिले में गांव-गांव की ऐसी ही कहानी है, जहां आपको मोहल्ले के मोहल्ले टीबी से पीड़ित मिलेंगे. शिवपुरी ही क्यों, तकरीबन 17 हजार साल पुरानी टीबी की यह बीमारी चुपचाप देश के गांव-गांव में फैल रही है. शिवपुरी जिले के बारे में तो कहा जाता है कि इस जिले में रहने वाले बच्चे कुपोषण से असमय मरते हैं और सहरिया आदिवासी टीबी से.

  • महाराष्ट्र सरकार ने पालघर जिले के लिए ‘विशिष्ट आगंतुक’ कार खरीदी

    महाराष्ट्र सरकार ने पालघर जिले के लिए ‘विशिष्ट आगंतुक’ कार खरीदी

    मुंबई से सटा पालघर जिला अभी हाल ही में कुपोषण से छोटे बच्चों की मौत की वजह से सुर्खियों में आया था. आदिवासी बच्चों को पोषक आहार में कमी से लेकर आंगनवाडी सेविकाओं को समय से वेतन तक ना मिलने का खुलासा हुआ था, लेकिन राज्य सरकार को चिंता है पालकमंत्री और दूसरे राज्य अतिथियों के लिए कार की, जिसके लिए 40 लाख की रकम मंजूर भी हो चुकी है.

  • कुपोषण से मौत पर महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार, कहा- बच्चे मर रहे हैं आपको फिक्र नहीं

    कुपोषण से मौत पर महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार, कहा- बच्चे मर रहे हैं आपको फिक्र नहीं

    महाराष्ट्र में इस साल कुपोषण की वजह से बच्चों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बच्चों की मौत से आपको कोई फर्क नहीं पड़ रहा. राज्य सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही, तो आप (वकील) भी सरकार से कोई इंस्ट्रक्शन नहीं ले रहे.'

  • मानवाधिकार आयोग का 116 बच्चों की मौत पर मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस

    मानवाधिकार आयोग का 116 बच्चों की मौत पर मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस

    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मध्य प्रदेश में पिछले पांच महीनों में शेओपुर जिले में कुपोषण संबंधी बीमारियों के कारण 116 बच्चों की मौत संबंधी खबरों पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है.

  • कुपोषण से मौतों को लेकर NHRC का महाराष्ट्र सरकार को नोटिस

    कुपोषण से मौतों को लेकर NHRC का महाराष्ट्र सरकार को नोटिस

    कुपोषण से महाराष्ट्र में जारी मौतों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस भेजा है. आयोग ने हालात पर राज्य सरकार को 4 दिन में खुलासा करने को कहा है.

  • कुपोषण से बच्चे की मौत के बाद पालघर जिले के मोखाडा में तनाव, धारा 144 लागू

    कुपोषण से बच्चे की मौत के बाद पालघर जिले के मोखाडा में तनाव, धारा 144 लागू

    मुंबई से सटे पालघर जिले के आदिवासी इलाके मोखाडा तहसील में कुपोषण की वजह से बच्चे की मृत्यु ने इलाके को फिर से खबरों में ला दिया है.

  • मंत्री पंकजा मुंडे के पालघर दौरे से पहले लागू की गई धारा 144 विवादों में

    मंत्री पंकजा मुंडे के पालघर दौरे से पहले लागू की गई धारा 144 विवादों में

    महाराष्ट्र की ग्रामीण विकास मंत्री पंकजा मुंडे के पालघर दौरे से पहले धारा 144 लागू करने का फैसला विवाद शुरू कर गया है. पंकजा मुंडे बुधवार को पालघर ज़िले में बढ़ते कुपोषण के प्रभाव की रोकथाम के लिए दौरा कर रही हैं.

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