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जस्टिस रंजन गोगोई


'जस्टिस रंजन गोगोई' - 115 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • अयोध्या केस पर फैसले का इंतजार, असदुद्दीन ओवैसी बोले- मुझे नहीं पता क्या फैसला आएगा, लेकिन मैं चाहता हूं कि...

    अयोध्या केस पर फैसले का इंतजार, असदुद्दीन ओवैसी बोले- मुझे नहीं पता क्या फैसला आएगा, लेकिन मैं चाहता हूं कि...

    अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के ज़मीन केस पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई बुधवार को पूरी हो चुकी है. इस पर 17 नंवबर से पहले फ़ैसला सुनाया जा सकता है. धान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई में 5 जजों की संविधान पीठ इस मामले ने लगातार 40 दिन तक सुनवाई की है. इस बेंच में CJI रंजन गोगाई के अलावा जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस  एसए नज़ीर शामिल हैं. अयोध्या मसले पर फैसले से पहले देश अलग-अलग जगहों के नेता अपनी राय दे रहे हैं.

  • CJI ने असम में NRC के को-ऑडिनेटर का तुरंत प्रभाव से मध्य प्रदेश किया ट्रांसफर, कही यह बात...

    CJI ने असम में NRC के को-ऑडिनेटर का तुरंत प्रभाव से मध्य प्रदेश किया ट्रांसफर, कही यह बात...

    खास बात यह है कि CJI रंजन गोगोई ने हाजेला को ट्रांसफर कर मध्य प्रदेश भेज दिया है. कोर्ट के इस आदेश पर सरकार के वकील अटॉर्नी जरलन केके वेणुगोपाल ने जब कोर्ट से पूछा कि क्या इस ट्रांसफर की कोई वजह है तो चीफ जस्टिस ने सख्त लहजे में जवाब देते हुए कहा कि हां, इसकी वजह है. बता दें कि हाजेला 1995 बैच के असम और मेघालय काडर आईएएस अधिकारी हैं. 

  • CJI रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार को लिखी चिट्ठी, नए चीफ जस्टिस के लिए एसए बोबडे का नाम किया प्रस्तावित

    CJI रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार को लिखी चिट्ठी, नए चीफ जस्टिस के लिए एसए बोबडे का नाम किया प्रस्तावित

    CJI ने चिट्ठी लिख कर यह जानकारी केंद्र को दी. वर्तमान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं. साल 1956 में जन्मे एसए बोबडे ने बीए एलएबी की डिग्री नागपुर से हासिल की है. 1978 में वह बार काउंसिल के सदस्य बने और बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में प्रैक्टिस करने लगे. साल 2010 में उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज बनाया गया. साल 2012 मे वह मध्य प्रदेश के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने. साल 2013 में उनको सुप्रीम कोर्ट में जज बने. वह 23 अप्रैल 2021 को रिटायर हो जाएंगे.

  • Ayodhya Case: जौनपुर के रहने वाले हैं जस्टिस अशोक भूषण, जानिए संविधान पीठ में शामिल जजों के बारे में

    Ayodhya Case: जौनपुर के रहने वाले हैं  जस्टिस अशोक भूषण, जानिए संविधान पीठ में शामिल जजों के बारे में

    अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के ज़मीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई बुधवार को पूरी हो चुकी है. इस पर 17 नंवबर से पहले फ़ैसला सुनाया जा सकता है क्योंकि इसी तारीख को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई में 5 जजों की संविधान पीठ इस मामले ने लगातार 40 दिन तक सुनवाई की है. इस बेंच में CJI रंजन गोगाई  के अलावा जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस  एसए नज़ीर शामिल हैं. यह संविधान पीठ इलाहाबाद हाइकोर्ट के 2010 में दिए गए उस फ़ैसले को  चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर रही थी.

  • Ayodhya Case : सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा 16 अक्टूबर को खत्म हो सकती है सुनवाई

    Ayodhya Case : सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा 16 अक्टूबर को खत्म हो सकती है सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सोमवार को अयोध्या केस (Ayodhya Case) की सुनवाई करते हुए कहा है कि इस केस की सुनवाई बुधवार को भी खत्म हो सकती है. यानी कि 17 अक्टूबर की जगह 16 अक्टूबर को ही अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले की सुनवाई पूरी हो सकती है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने चार अक्टूबर को अयोध्या केस (Ayodhya Case) में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले की 37 वें दिन की सुनवाई के दौरान कहा था कि 17 अक्टूबर तक इस मामले की सुनवाई पूरी होगी.

  • Ayodhya Case: मुस्लिम पक्ष का सवाल- कुछ अंश दूसरे धर्म के मिलें तो क्या 450 साल पुरानी मस्जिद अवैध हो जाएगी?

    Ayodhya Case: मुस्लिम पक्ष का सवाल- कुछ अंश दूसरे धर्म के मिलें तो क्या 450 साल पुरानी मस्जिद अवैध हो जाएगी?

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में 38वें दिन की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्षकारों के वकील राजीव धवन ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले में जस्टिस खान और जस्टिस शर्मा की राय एक-दूसरे से अलग थी. जस्टिस खान ने कहा था कि मस्जिद बनाने के लिए किसी स्ट्रक्चर को ध्वस्त नहीं किया गया था. जबकि जस्टिस शर्मा की राय इससे अलग थी. धवन ने कहा जिलानी ने सही कहा था कि 1885 से पहले के किसी भी दस्तावेज़ को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए. सन 1885 से पहले के जो दस्तावेज़ हिन्दू पक्ष के पास हैं वह सिर्फ विदेशी यात्रियों की किताब, स्कंद पुराण और दूसरी किताबें हैं.

  • केंद्र ने चीफ जस्टिस की सुरक्षा समीक्षा की, चिंता जताते हुए कहा- कोई भी CJI को माला पहना सकता है और...

    केंद्र ने चीफ जस्टिस की सुरक्षा समीक्षा की, चिंता जताते हुए कहा- कोई भी CJI को माला पहना सकता है और...

    भारत के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की सुरक्षा, सिक्योरिटी एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई है. इस मामले पर गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और इंटेलीजेंस ब्यूरो ने एक मीटिंग के दौरान चर्चा की. एएनआई के मुताबिक मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि सीजेआई की सुरक्षा बहुत कमजोर है. दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी सिक्योरिटी आईडी शुक्ला के आधिकारिक पत्र में लिखा है, 'चर्चा के दौरान यह मुद्दा उठाया गया था कि दिल्ली पुलिस के सुरक्षा इंतजाम बहुत कमजोर हैं क्योंकि कोई भी शख्स सीजेआई को माला पहना सकता है और उनके साथ सेल्फी ले सकता है. इस तरह की चीजों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसे फौरन रोकना होगा.'

  • Ayodhya Case : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की मियाद घटाई, अब सिर्फ चार दिन और होगी बहस

    Ayodhya Case : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की मियाद घटाई, अब सिर्फ चार दिन और होगी बहस

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने शुक्रवार को अयोध्या केस (Ayodhya Case) में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले की 37 वें दिन की सुनवाई करते हुए कहा कि 17 अक्टूबर तक इस मामले की सुनवाई पूरी होगी. उन्होंने अयोध्या के इस मामले से संबंधित ने सभी पक्षों से कहा कि 17 अक्टूबर तक बहस पूरी करें. पहले सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी पक्षों को 18 अक्टूबर तक बहस पूरी करने के लिए कहा था. इस केस में 14 अक्टूबर को मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन बहस जारी रखेंगे. बाकी सब पक्षकार 15-16 को दलीलें देंगे और 17 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होगी. यानी अब सिर्फ चार दिन ही सुनवाई होनी है.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- मस्जिद तो मीर बाकी ने बनवाई...

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- मस्जिद तो मीर बाकी ने बनवाई...

    अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहे प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि पीठ शनिवार को सुनवाई नहीं करेगी. आज इस केस की लगातार 37वें दिन सुनवाई हुई. मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत मिली अपरिहार्य शक्तियों के तहत दोनों ही पक्षों कि गतिविधियों को ध्यान में रखकर इस मामले का निपटारा करे. उन्होंने कहा कि इस मामले में मस्जिद पर जबरन कब्जा किया गया. लोगों को धर्म के नाम पर उकसाया गया, रथयात्रा निकाली गई, लंबित मामले में दबाव बनाया गया.  धवन ने कहा कि मस्जिद ध्वस्त की गई और उस समय मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह ने एक दिन कि जेल अवमानना के चलते काटी थी. अदालत से गुजारिश है कि तमाम घटनाओं को ध्यान में रखे.

  • भीमा-कोरेगांव हिंसा मामला : प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई सहित 3 जजों ने अब तक खुद को सुनवाई से अलग किया

    भीमा-कोरेगांव हिंसा मामला :  प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई सहित 3 जजों ने अब तक खुद को सुनवाई से अलग किया

    भीमा कोरेगांव हिंसा मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक 3 सुप्रीम कोर्ट के जजों ने सुनवाई से खुद को अलग किया है. प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस बीआर गवई, और जस्टिस रविन्द्र भट्ट ने खुद को सुनवाई से अलग किया था. जस्टिस गवई जिस तीन जजों की बेंच में शामिल थे, उसने इसलिए इनकार किया कि यह बेंच आगे भी चलने वाली है. 

  • गर्भ में बेटियों को कब तक मारता रहेगा यह देश?

    गर्भ में बेटियों को कब तक मारता रहेगा यह देश?

    सुप्रीम कोर्ट से आ रही इस खबर को नोट किया जाना चाहिए. बल्कि ये खबरें चिन्ता में डालने वाली हैं. भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी गौतम नवलखा ने सुप्रीम कोर्ट में अपने खिलाफ एफआईआर रद्द करने की याचिका लगाई थी. इस याचिका पर सुनवाई से तीन बेंच और पांच जजों ने अलग कर लिया है. इनमें चीफ जस्टिस रंजन गोगोई भी शामिल हैं. आज पांचवे जज जस्टिस रवींद भट्ट ने भी इस मामले से किनारा कर लिया. जब यह मामला तीन जजों की बेंच जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस बीआर गवई के सामने आया तो तीनों जजों ने सुनवाई से अलग कर लिया.

  • Ayodhya Case : निर्मोही अखाड़े ने कहा- अब सुनवाई 'टी-20' जैसी हो गई, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई लताड़

    Ayodhya Case : निर्मोही अखाड़े ने कहा- अब सुनवाई 'टी-20' जैसी हो गई, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई लताड़

    अयोध्या केस (Ayodhya Case) में सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद पर गुरुवार को 36वें दिन सुनवाई हुई. कोर्ट में निर्मोही अखाड़े की ओर से सुशील जैन ने कहा कि अब यह सुनवाई 20-20 जैसी हो गई है. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आपको हमने साढ़े चार दिन दिए. यहां आपको जवाब देना है तो अब आप इसे 20-20 कह रहे हैं? तो क्या आपकी पिछली बहस टेस्ट मैच थी? सुशील जैन ने कहा कि हमारा दावा आंतरिक अहाते को लेकर है, क्योंकि बाहर तो हमारा अधिकार और कब्ज़ा था ही. हमने बाहर के पजेशन के लिए अर्ज़ी नहीं लगाई है क्योंकि वह तो पहले से ही हमारे पास था.

  • मद्रास हाईकोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की होगी सीबीआई जांच

    मद्रास हाईकोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की होगी सीबीआई जांच

    मद्रास हाईकोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस वीके ताहिलरमानी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सीबीआई को जांच करने के लिए हरी झंडी दिखा दी. सीजेआई ने कहा है कि कानून के मुताबिक एजेंसी जांच आगे बढ़ा सकती है. आईबी की रिपोर्ट के आधार पर जांच होगी.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने रुख बदला, कहा- ASI की रिपोर्ट की प्रमाणिकता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने रुख बदला, कहा- ASI की रिपोर्ट की प्रमाणिकता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता

    अयोध्या केस में गुरुवार को 32 वें दिन की सुनवाई हुई. राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले में भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ASI) रिपोर्ट पर मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश मीनाक्षी अरोड़ा ने बुधवार को सवाल उठाया था. लेकिन आज मुस्लिम पक्षकारों के लिए ही पेश राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कल की दलीलें निरर्थक थीं. रिपोर्ट की प्रमाणिकता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता. एएसआई की रिपोर्ट की प्रामाणिकता संदेह में नहीं है. दरअसल मीनाक्षी अरोड़ा ने बुधवार को कहा था कि एएसआई की रिपोर्ट पर कोई साइन नहीं थे. हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि रिपोर्ट के साथ फार्वडिंग लेटर था.

  • Ayodhya Case : सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई की रिपोर्ट पर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति पर सवाल उठाए

    Ayodhya Case : सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई की रिपोर्ट पर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति पर सवाल उठाए

    अयोध्या केस (Ayodhya Case) में बुधवार को 31 वें दिन की सुनवाई हुई. अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्षकारों पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए. भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट पर आपत्ति उठाने वाली दलील पर संविधान पीठ ने कहा कि आपकी दलीलें जोरदार नहीं हैं. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि ASI की रिपोर्ट को लेकर जो आपत्ति आप यहां उठा रहे हैं आपने ट्रायल के दौरान तो ये बातें कही नहीं. इस मुद्दे पर आपकी दलीलें भी जोरदार और ठोस नहीं हैं. क्योंकि कोर्ट ऐसे मुद्दे पर जब विशेषज्ञों की कोई कमेटी बनाती है तो उसमें कोई भी कमी या गलती हो तो या तो कोर्ट उस बारे में बताए, या फिर पक्षकार बताएं. तभी विशेषज्ञ उसका जवाब दे सकते थे. इस रिपोर्ट को लेकर उस समय ऐसा कुछ नहीं हुआ था.

  • TOP 5 NEWS: फारूक अब्दुल्ला की हिरासत पर SC ने केंद्र से मांगा जवाब, चिन्मयानंद पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

    TOP 5 NEWS: फारूक अब्दुल्ला की हिरासत पर SC ने केंद्र से मांगा जवाब, चिन्मयानंद पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

    जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की हिरासत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक सप्ताह का नोटिस देकर जवाब देने के लिए कहा गया है

  • जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर बोले CJI रंजन गोगोई - जरूरत पड़ी तो खुद जाऊंगा J&K हाईकोर्ट

    जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर बोले CJI रंजन गोगोई - जरूरत पड़ी तो खुद जाऊंगा J&K हाईकोर्ट

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया कि एक भी गोली नहीं चलाई गई है, कुछ स्थानीय बैन लगे हुए हैं. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से हालात सामान्य करने के लिए कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि कश्मीर में अगर तथा-कथित बंद है तो उससे जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय निपट सकता है. 

  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जिसे जो करना है करे; 31 अगस्त तक NRC का प्रकाशन हो जाए

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जिसे जो करना है करे; 31 अगस्त तक NRC का प्रकाशन हो जाए

    राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने असम के एनआरसी संयोजक प्रतीक हजेला से डिटेल मांगे. हजेला ने कहा कि हमें कुछ गड़बड़ियां मिली थीं. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि हमें मालूम है कि हमारे आदेशों पर हर पल सभी बहस और आलोचना करते रहे. जिसको जो करना है करे लेकिन हम 31 अगस्त तक एनआरसी का प्रकाशन चाहते हैं.