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जीएसटी का असर


'जीएसटी का असर' - 54 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • कोरोना और लॉकडाउन का असर सरकारों की कमाई पर, करीब आधा ही हुआ जीएसटी कलेक्शन

    कोरोना और लॉकडाउन का असर सरकारों की कमाई पर, करीब आधा ही हुआ जीएसटी कलेक्शन

    कोरोना और इसकी वजह से हुए लॉकडाउन का सीधा असर सरकारों की कमाई पर पड़ा है. बीते तीन महीनों का जीएसटी कलेक्शन क़रीब-क़रीब आधा रह गया है. बीते साल के मुकाबले बस 59 फ़ीसदी.  साल 2020-21 की पहली तिमाही में जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े पेश करते हुए सरकार के सामने बस यही राहत रही कि जून में जीएसटी कलेक्शन कुछ हद तक पटरी पर लौटता दिख रहा है. जून में 90,917 करोड़ रुपये जीएसटी से आए. ये बीत साल जून के मुक़ाबले बस 9 फ़ीसदी कम है.

  • लॉकडाउन के दौरान जीएसटी कलेक्शन औसत का 45 प्रतिशत तक ही हो पाया है : वित्त मंत्री

    लॉकडाउन के दौरान जीएसटी कलेक्शन औसत का 45 प्रतिशत तक ही हो पाया है : वित्त मंत्री

    कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान सरकार का जीएसटी कलेक्शन औसत का 45 प्रतिशत तक ही हो पाया है. कोरोना संकट के दौरान पहले जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये महत्वूर्ण बात कही.  जीएसटी काउंसिल ने आर्थिक संकट के इस दौर में छोटे करदाताओं को कई तरह की राहत देने का फैसला किया है. देश में बढ़ते कोरोना संकट के बीच पहली बार वित्त मंत्री ने माना कि लॉकडाऊन के दौरान जीएसटी कलेक्शन घट कर औसत का 45 फीसदी तक ही हो पाया है. मौका था जीएसटी काउंसिल की बैठक का जिसमें कोरोना संकट से भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर की समीक्षा की गयी.

  • स्टाफ की सैलरी के लिए केजरीवाल सरकार ने मांगी मदद तो बरसे कुमार विश्वास, बोले- दिल्ली को मौत का कुआं बनाकर अब...

    स्टाफ की सैलरी के लिए केजरीवाल सरकार ने मांगी मदद तो बरसे कुमार विश्वास, बोले- दिल्ली को मौत का कुआं बनाकर अब...

    सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लॉकडाउन के कारण पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है. दिल्ली पर भी इसका काफी असर हुआ है. दिल्ली सरकार ने अपने न्यूनतम खर्च की समीक्षा की है. इसके अनुसार केवल सैलरी तथा ऑफिस खर्च पर न्यूनतम 3500 करोड़ का मासिक खर्च है. विगत दो माह में जीएसटी से मात्र 500 करोड़ मासिक का संग्रह हुआ है. जीएसटी तथा अन्य स्रोत मिलाकर प्रथम तिमाही में कुल 1735 करोड़ रुपये मात्र का संग्रह हुआ है.

  • Lockdown: उद्योगों ने सरकार से 15 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग की

    Lockdown: उद्योगों ने सरकार से 15 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग की

    Coronavirus: लॉकडाउन (Lockdown) की मार झेल रहे उद्योग संघ एसोचेम ने भारत सरकार से 200 बिलियन डॉलर यानी 15 लाख करोड़ से ज्यादा के राहत पैकेज की मांग की है. उधर अमेरिका और यूरोप में बढ़ते संकट का सबसे बुरा असर एक्सपोर्टरों पर पड़ा है जो अब जीएसटी समेत सभी टैक्सों पर छह महीने की राहत की मांग कर रहे हैं.

  • अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    देश की अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कोशिशें जारी हैं. पिछले 2 महीने में वित्तमंत्री की ओर से देश को मंदी की ओर जाने से रोकने के लिए कई ऐलान किए गए हैं. आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कारपोरेट टैक्स घटाकर 30 फीसदी से 25.2 फीसदी कर दिया है. उनके इस ऐलान के बाद शेयर बाजार में तगड़ा उछाल आया और सेंसेक्स 1600 अंकों तक पहुंच गया है. गौरतलब है कि इस तिमाही में देश की विकास दर 5 फीसदी पर पहुंच गई है. इसके बाद से मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए जीएसटी को वजह बताया. इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार को कुछ कदम उठाने की सलाह दी. मंदी का सबसे कारण घरेलू बाजार में मांग की कमी है जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित है. इसका सबसे ज्यादा असर ऑटो सेक्टर पर दिखाई दे रहा है. वहीं मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि के हालात भी ठीक नहीं है. सरकार इससे निपटने के लिए पिछले दो महीने में कई बड़े ऐलान कर चुकी है और कई फैसले भी वापस भी लिए हैं जो बजट के दौरान किए गए थे. हालांकि उसकी ओर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी का असर भारत पर बताया जा रहा है. इससे पहले जो ऐलान किए गए थे उसका स्वागत भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने भी किया है और उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.

  • संकट से जूझ रहे ऑटोमोबाइल सेक्टर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से की यह मांग

    संकट से जूझ रहे ऑटोमोबाइल सेक्टर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से की यह मांग

    उद्योग संघ एसोचैम ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा है की टू-व्हीलर्स पर जीएसटी घटाकर 5% कर देना चाहिए.  उन्होंने कहा कि इस साल अगस्त में पिछले साल के मुकाबले पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री करीब 30% घट गयी है. पिछले महीने वित्त मंत्री ने जो राहत का ऐलान किया उसका असर ज़मीन पर नहीं दिख रहा है लिहाजा सरकार को जीएसटी रेट 28% से घटाकर 18% करना चाहिए जिससे गाड़ियों पर कुल खर्च घटे और मांग बढे.

  • पतंजलि उत्पादों की बिक्री में आई 10 फीसदी की गिरावट

    पतंजलि उत्पादों की बिक्री में आई 10 फीसदी की गिरावट

    तीन साल पहले तक बाबा रामदेव का कारोबार जहां बुलंदियों पर था वहीं अब इसकी हालत खस्ता होते हुए नजर आ रही है. हाल ही में आई रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2017-18 में उनकी कंपनी पतंजलि के उत्पादों की बिक्री में 10 फीसदी की कमी आई है.

  • घर खरीदने का सपना होगा साकार, जीएसटी की दरों में गिरावट

    घर खरीदने का सपना होगा साकार, जीएसटी की दरों में गिरावट

    आवासीय परियोजनाओं के लिए जीएसटी की ये दरें एक अप्रैल, 2019 से लागू होंगी. इस समय निर्माणाधीन या ऐसे तैयार मकान जिनके लिए काम पूरा होने का प्रमाणपत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) नहीं मिला हो, उन पर खरीदारों को 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी देना पड़ता है. लेकिन वर्तमान व्यवस्था में मकान निर्माताओं को इनपुट (निर्माण सामग्री) पर चुकाये गए कर पर छूट का लाभ भी मिलता है.

  • NDTV से बोले रघुराम राजन, जीएसटी और नोटबंदी से देश को नुकसान हुआ

    NDTV से बोले रघुराम राजन, जीएसटी और नोटबंदी से देश को नुकसान हुआ

    रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का कहना है कि रिज़र्व बैंक जैसी संस्थाओं में सरकार का दखल देसी और विदेशी निवेश पर असर डाल सकता है. एनडीटीवी के एग्जीक्यूटिव को. चेयरपर्सन प्रणय रॉय के साथ एक इंटरव्यू में रघुराम राजन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने तीन सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, किसानों की बदहाली, पावर सेक्टर और बैंकिंग सिस्टम में संकट. रघुराम राजन का ये भी कहना है कि नोटबंदी एक ख़राब विचार था.

  • जीएसटी, नोटबंदी समेत इन कारणों से राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में डूबी BJP की लुटिया

    जीएसटी, नोटबंदी समेत इन कारणों से राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में डूबी BJP की लुटिया

    जाहिर सी बात है कि बीजेपी भी उन कमियों की तलाश में होगी, जिसकी वजह से उसे इतनी ब़ड़ी हार मिली और एक ही झटके में तीन बड़े राज्य उसके हाथ से चले गए. इसके अलावा, अब सबके मन में हार-जीत के कारणों को जानने की इच्छा होगी. आखिर क्या वजह रही कि बिना गठबंधन के भी कांग्रेस ने इन राज्यों में जीत दर्ज की है. पिछले एक साल से अब तक क्या बदला है..क्या वो फैक्टर्स हैं जिन्होंने बीजेपी को नुकसान पहुंचाया, तो चलिए जानते हैं...

  • नोटबंदी-जीएसटी से लघु उद्योगों के कर्ज और निर्यात में गिरावट, इस साल दिखा सुधार

    नोटबंदी-जीएसटी से लघु उद्योगों के कर्ज और निर्यात में गिरावट, इस साल दिखा सुधार

    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अध्ययन में पता चला है कि नवंबर 2016 में की गयी नोटबंदी से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को दिये जाने वाले कर्ज में गिरावट आई. हालांकि, जीएसटी का कर्ज पर ज्यादा बड़ा असर नहीं हुआ लेकिन अनुपालन की पेचीदगियों के चलते इससे निर्यात प्रभावित हुआ है.

  • ट्रक चालकों की हड़ताल जारी, तीन दिनों से रहा है मिला-जुला असर

    ट्रक चालकों की हड़ताल जारी, तीन दिनों से रहा है मिला-जुला असर

    ट्रक चालकों की देशव्यापी अनिश्चिकालीन हड़ताल चौथे दिन भी जारी है. अभी तक तीन दिनों में हड़ताल का मिला-जुला असर दिखा है. ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने डीजल को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर इस हड़ताल का आह्वान किया है. 

  • IOCL के चेयरमैन ने कहा, सभी पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स GST के अंतर्गत लाने का समर्थन

    IOCL के चेयरमैन ने कहा, सभी पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स GST के अंतर्गत लाने का समर्थन

    देश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं और यह दाम पिछले पांच सालों में  सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गया है. मोदी सरकार की इस बात के लिए काफी आलोचना हो रही है. लोगों को इस बात का डर है कि डीजल के बढ़ते दाम का असर सीधा उनकी जेब पर हो सकता है. महंगाई दर बढ़ने की आशंका के मद्देनजर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर हो गई है. विपक्षी दलों के नेता लगातार सोशल मीडिया के जरिये सरकार पर हमले कर रहे हैं पीएम नरेंद्र मोदी उनकी कही बातें भी याद करा रहे हैं. 

  • Budget 2018 : चुनाव, सुस्त अर्थव्यवस्था, खेती का बिगड़ा हाल और बेरोजगारी, कई उम्मीदें और चुनौतियां हैं मोदी सरकार के सामने, 10 बड़ी बातें

    Budget 2018 : चुनाव, सुस्त अर्थव्यवस्था, खेती का बिगड़ा हाल और बेरोजगारी, कई उम्मीदें और चुनौतियां हैं मोदी सरकार के सामने, 10 बड़ी बातें

    वित्त मंत्री अरुण जेटली आज 11 बजे आम बजट पेश करेंगे. यह मोदी सरकार का आखिरी पूर्णकालिक बजट होगा क्योंकि 2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं. इस लिहाज से यह बजट काफी उम्मीदों भरा है. वहीं देश में नई कर प्रणाली सेवा एवं वस्तु कर यानी जीएसटी लागू होने के बाद भी यह पहला बजट होगा इसका असर भी इस बार साफ दिखाई देगा. आपको बता दें कि बजट सत्र का पहला भाग 29 जनवरी से शुरू होकर 9 फरवरी तक चलेगा इसके बाद दूसरा भाग 5 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगा. इससे पहले सोमवार को सदन में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था अब ठीक हो रही है और साल 2018-19 में देश की विकास दर यानी जीडीपी 7-7.5 फीसदी तक होने का अनुमान लगाया गया है. लेकिन कच्चे तेल की बढ़ची कीमत सरकार के लिए परेशानी की वजह बन सकती है. वहीं इस बार के बजट के बारे में चर्चा करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस बार के बजट में कृषि क्षेत्र के लिए पहली प्राथमिकता में होगा.

  • Budget 2018 : राष्ट्रपति का अभिभाषण आज, क्या बजट में दिखेगा 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव का असर, 10 बड़ी बातें

    Budget 2018 : राष्ट्रपति का अभिभाषण आज, क्या  बजट में दिखेगा 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव का असर, 10 बड़ी बातें

    संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बाद सत्र शुरू हो जाएगा. 1 फरवरी को वित्तमंत्री अरुण जेटली की ओर से संसद में पेश किया जाने वाला मौजूदा सरकार का अंतिम पूर्ण बजट शायद पहले चार बजट से अलग होगा, क्योंकि इसपर पिछले साल लागू की गई वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली का असर रहेगा. अगले साल 2019 की पहली छमाही में ही आम चुनाव है. इस लिहाज से बीजेपी की मौजूदा सरकार के लिए यह अंतिम पूर्ण बजट है.

  • मीडियम कार, मेहंदी का कोन और हीरा हुआ सस्‍ता, पढ़ें इन 8 जरूरी चीजों पर GST का असर

    मीडियम कार, मेहंदी का कोन और हीरा हुआ सस्‍ता, पढ़ें इन 8 जरूरी चीजों पर GST का असर

    वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने गुरुवार को आम लोगों को राहत देते हुए 29 वस्तुओं पर जीएसटी दर घटाकर शून्य फीसदी कर दिया है. इनमें से ज्यादा हैंडीक्राफ्ट की चीजें शामिल हैं. वहीं जीएसटी रिटर्न भरने के लिए फार्म को आसान बनाने को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका. इसके साथ ही 49 अन्य वस्तुओं पर जीएसटी दर कम करने का फैसला लिया गया है. जीएसटी काउंसिल के फैसले से आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर क्‍या असर पड़ा है जानें...

  • गुजरात चुनाव : 'जनेऊधारण' से लेकर 'नीच' वाले बयानों का कितना रहा असर, सूरत में क्या इसीलिए साफ हो गई कांग्रेस

    गुजरात चुनाव : 'जनेऊधारण' से लेकर 'नीच' वाले बयानों का कितना रहा असर, सूरत में क्या इसीलिए साफ हो गई कांग्रेस

    गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान कई मुद्दे ऐसे रहे जो पूरे चुनाव का एजेंडा बन गए थे. विकास के मुद्दे पर शुरू हुआ चुनाव प्रचार जातिवादी समीकरणों से होते हुए 'जनेऊजाल; और 'नीच' जैसे बयानों के बीच फंस गया.

  • अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा को नोटबंदी, जीएसटी का असर गुजरात चुनाव के नतीजों में दिखेगा

    अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा को नोटबंदी, जीएसटी का असर गुजरात चुनाव के नतीजों में दिखेगा

    समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि नोटबंदी और जीएसटी के चलते व्यापारियों पर काफी बुरा असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि किसान विरोधी और व्यापारी विरोधी नीतियों के कारण भाजपा का ग्राफ नीचे आता जा रहा है.

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