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जीडीपी विकास दर


'जीडीपी विकास दर' - 124 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • IMF की नजर अब नागरिकता कानून और NRC के खिलाफ प्रदर्शनों पर भी, 7 बड़ी बातें

    IMF की नजर अब नागरिकता कानून और NRC के खिलाफ प्रदर्शनों पर भी, 7 बड़ी बातें

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा है कि अर्थव्यवस्था की जीडीपी में अगर भारतीय अर्थव्यवस्था की भागीदारी की बात करें तो ये काफ़ी अहम है. अगर भारतीय जीडीपी में गिरावट आती है तो इसका असर पूरी दुनिया के आर्थिक विकास पर भी पड़ेगा. इसलिए हमनें ग्लोबल ग्रोथ के अनुमान को भी 0.1 फीसदी कम किया है. जिसका अधिकांश हिस्सा भारत के ग्रोथ रेट में कमी की वजह से है. उन्होंने कहा कि साल 2020 में भारत की विकास दर का अनुमान 4.8% कर दिया है. ये तीन महीने में 1.3% की कटौती है. यही नहीं, आइएमएफ़ ने अगले तीन साल के लिए भारत की विकास दर में कटौती कर दी है. ये भी कहा जा रहा है कि दुनिया भर में जो आर्थिक सुस्ती के आंकड़े हैं, उनमें सबसे बड़ा हिस्सा भारत का है. NDTV से खास बातचीत में उन्होंने एक अहम बात कही है. उन्होंने कहा कि कई देशों में सामाजिक उथल पुथल का असर भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में पड़ रहा है और भारत में चल रहे इस समय CAA और एनआरसी के खिलाफ आंदोलन पर इसका कितना असर हो रहा है इस पर किए गए सवाल पर भी उन्होंने जवाब दिया.

  • भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार और हो सकती है मंद, मूडीज ने विकास दर का अनुमान घटाया

    भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार और हो सकती है मंद, मूडीज ने विकास दर का अनुमान घटाया

    भारतीय अर्थव्यवस्था के और सुस्त होने का अंदेशा बढ़ता जा रहा है. सोमवार को अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2019-20 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर 5.8% से घटाकर 4.9% कर दी है.

  • गिरती GDP पर बीजेपी सांसद ने रामायण और महाभारत का दिया उदाहरण, तो ऋचा चड्ढा ने यूं साधा निशाना

    गिरती GDP पर बीजेपी सांसद ने रामायण और महाभारत का दिया उदाहरण, तो ऋचा चड्ढा ने यूं साधा निशाना

    लगातार घटती आर्थिक विकास दर और GDP का मुद्दा सोमवार को लोकसभा में उठा लेकिन बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) के सदन में GDP को लेकर ऐसा बयान दिया कि सदन में जमकर हंगामा हो गया. अब उनके बयान पर बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा (Richa Chadha) का रिएक्शन आया है.

  • बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा, 'जीडीपी रामायण, महाभारत या बाइबल की तरह सत्य नहीं'

    बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा, 'जीडीपी रामायण, महाभारत या बाइबल की तरह सत्य नहीं'

    लगातार घटती आर्थिक विकास दर और GDP का मुद्दा सोमवार को लोकसभा में उठा लेकिन गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के सदन में GDP को लेकर दिये गए बयान पर हंगामा हो गया.

  • भारत की आर्थिक विकास दर रहेगी 5.1 प्रतिशत के करीब, क्रिसिल का अनुमान

    भारत की आर्थिक विकास दर रहेगी 5.1 प्रतिशत के करीब, क्रिसिल का अनुमान

    रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति (MPCC) की मौद्रिक नीति समीक्षा के लिये 3-5 दिसंबर को बैठक होगी. क्रिसिल का यह अनुमान जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा के 4.7 प्रतिशत अनुमान के बाद सबसे कम है. रेटिंग एजेंसी ने जीडीपी वृद्धि का आंकड़ा आने के कुछ दिन बाद ही यह अनुमान जताया है.

  • प्रियंका गांधी का निशाना, मोदी सरकार ने अपनी नाकामी की वजह से अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया

    प्रियंका गांधी का निशाना, मोदी सरकार ने अपनी नाकामी की वजह से अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया

    जीडीपी के ताजा आंकड़ों को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार ने अपनी नाकामी के चलते अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया.

  • अर्थव्यवस्था का बुरा हाल, गिरती विकास दर बढ़ती मुश्किलें

    अर्थव्यवस्था का बुरा हाल, गिरती विकास दर बढ़ती मुश्किलें

    इस साल जीडीपी की दूसरी तिमाही के आंकड़े आ गए हैं. जीडीपी दर पिछली तिमाही से भी घट गई है. 5 प्रतिशत से घट कर 4.5 प्रतिशत पर आ गई है. पिछली 26 तिमाही में यह सबसे खराब प्रदर्शन है. इसके पहले 2012-13 की मार्च तिमाही में जीडीपी 4.3 प्रतिशत हो गई थी. उस वक्त यानी 2012-13 में जीडीपी एक दशक में सबसे कम थी.

  • World Bank के बाद IMF ने भी विकास दर के अनुमान में की कटौती, 6.1 फीसदी रहने का अनुमान

    World Bank के बाद IMF ने भी विकास दर के अनुमान में की कटौती, 6.1 फीसदी रहने का अनुमान

    आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को झटका लग सकता है. वर्ल्ड बैंक (World Bank) के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी विकास दर अनुमान में कटौती की है. IMF ने भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर का अनुमान 2019 के लिए मंगलवार को घटाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया है.

  • देश आर्थिक मंदी की ओर, सरकार राजनीतिक बदले का एजेंडा छोड़े और अर्थव्यवस्था संभाले : मनमोहन सिंह

    देश आर्थिक मंदी की ओर, सरकार राजनीतिक बदले का एजेंडा छोड़े और अर्थव्यवस्था संभाले : मनमोहन सिंह

    पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन  सिंह ने देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही में जीडीपी का 5 फीसदी पर आना दिखाता है कि अर्थव्यवस्था एक गहरी मंदी की ओर जा रही है. उन्होंने कहा कि भारत के पास तेजी से विकास दर की संभावना है लेकिन मोदी सरकार के कुप्रंधन की वजह से मंदी आई है. उन्होंने कहा कि यह परेशान करने वाला है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ रेट 0.6 फीसदी पर लड़खड़ा रही है. इससे साफ जाहिर होता है कि हमारी अर्थव्यवस्था अभी तक नोटबंदी और हड़बड़ी में लागू किए गए जीएसटी से उबर नहीं पाई है. 

  • प्रियंका गांधी ने कहा- न जीडीपी ग्रोथ है और न रुपए की मजबूती, बीजेपी सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर की

    प्रियंका गांधी ने कहा- न जीडीपी ग्रोथ है और न रुपए की मजबूती, बीजेपी सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर की

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आर्थिक विकास दर (जीडीपी ग्रोथ रेट) के पिछले सात साल के अपने न्यूनतम स्तर पर चले जाने को लेकर शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भोंपू बजाने वाली भाजपा सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर कर दी. उन्होंने यह सवाल भी किया, 'अर्थव्यवस्था को नष्ट करने' का जिम्मेदार कौन है?

  • क्या मीडिया 5 प्रतिशत जीडीपी की सच्चाई छिपा रहा है?

    क्या मीडिया 5 प्रतिशत जीडीपी की सच्चाई छिपा रहा है?

    सड़क पर बेरोज़गारों की फौज पुकार रही है कि काम नहीं है, दुकानदारों की फौज कह रही है कि मांग रही है और उद्योग जगत की फौज पुकार रही है कि न पूंजी है, न मांग है और न काम है. नेशनल स्टैस्टिकल ऑफिस के आंकड़ों ने बता दिया कि स्थिति बेहद ख़राब है. छह साल में भारत की जीडीपी इतना नीचे नहीं आई थी. तिमाही के हिसाब से 25 तिमाही में यह सबसे ख़राब रिपोर्ट है.

  • GDP दर पहली तिमाही में 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर पहुंची, 6 वर्षों में सबसे निचला स्‍तर

    GDP दर पहली तिमाही में 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर पहुंची, 6 वर्षों में सबसे निचला स्‍तर

    देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में धीमी पड़कर 5 प्रतिशत रही. एक साल पहले इसी तिमाही में वृद्धि दर आठ प्रतिशत थी. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जीडीपी दर पहली तिमाही में 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर पहुंच गई. जो 6 साल में इसका सबसे निचला स्‍तर है. 

  • ऑटोमोबाइल सेक्‍टर में संकट गहराया, 10 लाख नौकरियों पर मंडराया खतरा

    ऑटोमोबाइल सेक्‍टर में संकट गहराया, 10 लाख नौकरियों पर मंडराया खतरा

    ऑटो सेक्टर अपने सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रहा है. हर तरह की गाड़ियों की बिक्री घटी है. लगातार आठवें महीने गाड़ियों की बिक्री गिरी है. अब पहली बार सियाम- यानी सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटमोबाइल मैन्युफ़ैक्चरर्स ने आधिकारिक तौर पर माना है कि करीब साढ़े तीन लाख अस्थायी और कैजुअल नौकरियां जा चुकी हैं. यही नहीं, दस लाख लोगों की नौकरी ख़तरे में है.

  • अर्थव्यवस्था की रफ़्तार में आई गिरावट से निपटने के लिए उद्योगों ने मांगा एक लाख करोड़ का पैकेज

    अर्थव्यवस्था की रफ़्तार में आई गिरावट से निपटने के लिए उद्योगों ने मांगा एक लाख करोड़ का पैकेज

    अर्थव्यवस्था की रफ़्तार में आई गिरावट देखते हुए उद्योग संघ एसोचैम ने स्टिमुलस पैकेज की मांग की है. उधर पीएम की आर्थिक सलाहकार काउंसिल के अध्यक्ष बिबेक देबराय ने सरकार के सामने इकोनॉमिक रिवाइवल के लिए एक नया रोडमैप पेश किया है.

  • बेरोज़गारी के मुद्दे का हल कब तक निकलेगा?

    बेरोज़गारी के मुद्दे का हल कब तक निकलेगा?

    बरोज़गारी का सवाल अजीब होता है. न चुनाव में होता है और न चुनाव के बाद होता है. सरकारी सेक्टर की नौकरियों की परीक्षाओं का हाल विकराल है. मध्यप्रेश, बिहार, यूपी से रोज़ किसी न किसी परीक्षा के नौजवानों के मेसेज आते रहते हैं. इनकी संख्या लाखों में है फिर भी सरकारों को फर्क नहीं पड़ता. किसी परीक्षा में इंतज़ार की अवधि सात महीने है तो किसी परीक्षा में 3 साल.

  • PM की आर्थिक सलाहकार परिषद ने पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम के शोध-पत्र को खारिज किया

    PM की आर्थिक सलाहकार परिषद ने पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम के शोध-पत्र को खारिज किया

    प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम के शोध-पत्र को खारिज कर दिया. शोध-पत्र में दावा किया गया है कि 2011-12 के बाद की जीडीपी विकास दर के आंकड़ों को ज्यादा करके आंका गया है. बिबेक देबराय की अध्यक्षता में पीएमईएसी ने सुब्रह्मण्यम के शोध-पत्र में कई खामियां बताईं. सुब्रह्मण्यम ने अपने शोध-पत्र 'इंडियाज जीडीपी मिस-एस्टिमेशन : लाइकलीहुड, मैग्निट्यूड्स, मेकेनिज्म्स एंड इंप्लीकेशंस' में दावा किया है कि 2011-12 से लेकर 2016-17 के बीच भारत की जीडीपी विकास दर का आंकलन सालाना 2.5 फीसदी अधिक किया गया है.

  • GDP के आकड़ों पर पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन के लेख के बाद सरकार की तरफ से आया यह Reaction

    GDP के आकड़ों पर पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन के लेख के बाद सरकार की तरफ से आया यह Reaction

    सरकार ने मंगलवार को पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन (Arvind Subramanian) के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि जीडीपी (GDP) के आंकड़े बढ़ा-चढ़ा कर पेश किए गए थे. सरकार की तरफ से बयान जारी कर कहा गया कि देश के सकल आर्थिक वृद्धि दर अनुमान की गणना में उचित तरीके अपनाए गए. सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि देश के आर्थिक विकास का अनुमान 'स्वीकृत प्रक्रियाओं, कार्यप्रणाली और उपलब्ध आंकड़ों' पर आधारित है.

  • सांख्यिकी सचिव ने माना कि जीडीपी में गिरावट चिंताजनक

    सांख्यिकी सचिव ने माना कि जीडीपी में गिरावट चिंताजनक

    प्रधानमंत्री जब अपनी पहली कैबिनेट बैठक कर रहे थे, तभी सांख्यिकी मंत्रालय ने बताया कि विकास दर गिर गई है.आंकड़ों के मुताबिक ये पांच साल की सबसे कम विकास दर है.

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