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जीडीपी वृद्धि दर


'जीडीपी वृद्धि दर' - 146 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट वित्त वर्ष 2019-20 में 7.6 प्रतिशत रहेगी : UN

    भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट वित्त वर्ष 2019-20 में  7.6 प्रतिशत रहेगी : UN

    संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएं (डब्ल्यूईएसपी) 2019 रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2020-21 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहेगी.

  • गुजरात, बिहार और हरियाणा में नौकरी देने वाले क्षेत्रों में रही तेजी : रिपोर्ट

    गुजरात, बिहार और हरियाणा में नौकरी देने वाले क्षेत्रों में रही तेजी : रिपोर्ट

    वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर से अधिक तेजी से वृद्धि करने वाले 12 बड़े राज्य इसका फायदा रोजगार सृजन में नहीं उठा सके हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार इन राज्यों की जीडीपी में वृद्धि मुख्यत: ऐसे क्षेत्रों में हुई है जिनमें रोजगार के कम अवसर होते हैं.

  • ऊंची आर्थिक वृद्धि दर के बाद भी रोजगार सृजन में राष्ट्रीय औसत से पीछे रहे 12 बड़े राज्य: रिपोर्ट

    ऊंची आर्थिक वृद्धि दर के बाद भी रोजगार सृजन में राष्ट्रीय औसत से पीछे रहे 12 बड़े राज्य: रिपोर्ट

    एक रिपोर्ट के अनुसार इन राज्यों की जीडीपी में वृद्धि मुख्यत: ऐसे क्षेत्रों में हुई है जिनमें रोजगार के कम अवसर होते हैं. क्रिसिल की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आयी है जब सेंटर फोर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी ने सिर्फ 2018 में ही 1.10 करोड़ नौकरियां समाप्त होने की बात कही है.

  • इस साल GDP ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान, पिछले साल 6.7 फीसदी की थी रफ्तार

    इस साल GDP ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान, पिछले साल 6.7 फीसदी की थी रफ्तार

    केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने सोमवार को यह कहा है. इससे पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही थी.

  • तीन तिमाही में सबसे कम रही जीडीपी वृद्धि दर, दूसरी तिमाही के वृद्धि दर को वित्त मंत्रालय ने बताया निराशाजनक

    तीन तिमाही में सबसे कम रही जीडीपी वृद्धि दर, दूसरी तिमाही के वृद्धि दर को वित्त मंत्रालय ने बताया निराशाजनक

    आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने शुक्रवार को कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर का आंकड़ा ‘निराशाजनक लगता’ है लेकिन चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही का आंकड़ा काफी बेहतर है.

  • अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर, पहली तिमाही में 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी जीडीपी

    अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर, पहली तिमाही में 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी जीडीपी

    देश की विकास दर में बड़ा उछाल आया है. शुक्रवार को जारी आंकड़े के मुताबिक अप्रैल से जून की पहली तिमाही में 8.2% विकास दर दर्ज की गई है. पिछले साल इस तिमाही में विकास दर 5.6% थी.

  • मनमोहन सिंह सरकार में ज़्यादा थी विकास दर, मोदी सरकार ने फजीहत के बाद हटाया डाटा

    मनमोहन सिंह सरकार में ज़्यादा थी विकास दर, मोदी सरकार ने फजीहत के बाद हटाया डाटा

    एक आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान भारत ने सर्वाधिक विकास दर हासिल की थी, जिसे सरकार की वेबसाइट पर जारी किया गया. मगर अब फजीहत की वजह से केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की वेबसाइट से इसे हटा लिया गया है. देश के सकल आर्थिक उत्पाद (जीडीपी) की पीछे की श्रृंखला के आंकड़ों को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि ‘ये पक्के अनुमान नहीं है’ तथा आधिकारिक आंकड़े बाद में जारी किए जाएंगे. 

  • पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने कहा UPA के समय अर्थव्यवस्था बेहतर थी, भाजपा ने दिया यह जवाब...

    पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने कहा UPA के समय अर्थव्यवस्था बेहतर थी, भाजपा ने दिया यह जवाब...

    पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने दावा किया कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए-1 और यूपीए-2 सरकारों के समय देश ने किसी एक दशक में सबसे ऊंची आर्थिक वृद्धि दर्ज की. साथ ही उन्होंने मौजूदा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक नहीं तीन-तीन वित्त मंत्री अर्थव्यवस्था संभाल रहे हैं. चिदंबरम ने सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा हाल में जारी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के वृद्धि दर के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यूपीए-1 सरकार के दौरान औसत वृद्धि दर 8.87 प्रतिशत थी. इस दौरान 2006-07 में वृद्धि 10.08 प्रतिशत तक गई. यूपीए- 2 के दौरान औसत वृद्धि दर 7.39 प्रतिशत रही. इसके जवाब में भाजपा ने कहा कि संप्रग सरकार के समय महंगाई और चालू खाते का घाटा बहुत ऊंचा हो गया था. मोदी सरकार ने आकर स्थिति को सुधारा.

  • भारत अब भी सबसे तेज अर्थव्‍यवस्‍था, चौथी तिमाही में जीडीपी दर बढ़कर 7.7 फीसदी

    भारत अब भी सबसे तेज अर्थव्‍यवस्‍था, चौथी तिमाही में जीडीपी दर बढ़कर 7.7 फीसदी

    गुरुवार को उपचुनाव के नतीजों से भले ही बीजेपी के मिशन 2019 को धक्का लगा हो, लेकिन शाम होते होते सरकार के लिए अच्छी खबर आयी. 2017-18 की चौथी तिमाही में जीडीपी विकास दर बढ़कर 7.7% हो गयी है.

  • चौथी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान : फिक्की

    चौथी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान : फिक्की

    देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी - मार्च) के दौरान 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है. उद्योग मंडल फिक्की ने यह बात कही. पूरे वित्त वर्ष 2017-18 में जीडीपी की वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) चौथी तिमाही के जीडीपी आंकड़े 31 मई को जारी करने वाला है. 

  • वित्त वर्ष 2018-19 में आर्थिक वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान: केयर रेटिंग्स

    वित्त वर्ष 2018-19 में आर्थिक वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान: केयर रेटिंग्स

    उद्योग एवं कृषि क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 7.5 प्रतिशत रह सकती है. जीडीपी वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष में 6.6 प्रतिशत थी. 

  • देश की जीडीपी 2017-18 की चौथी तिमाही में 7.4% पर पहुंचने की उम्मीद: इक्रा

    देश की जीडीपी 2017-18 की चौथी तिमाही में 7.4% पर पहुंचने की उम्मीद: इक्रा

    कंपनियों के बेहतर लाभ और रबी की अच्छी फसल से 2017-18 की जनवरी - मार्च तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि सुधरकर 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है , जो कि तीसरी तिमाही के 7.2 प्रतिशत से अधिक है. रेटिंग एजेंसी इक्रा ने यह अनुमान जताया. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) 2017-18 की चौथी तिमाही के लिए जीडीपी अनुमान और वित्त वर्ष 2017-18 के लिए अस्थायी वार्षिक अनुमान 31 मई को जारी करेगा. 

  • RBI ने CSO पर उठाए सवाल, कहा - जीडीपी वृद्धि का अग्रिम आकलन कम किया

    RBI ने CSO पर उठाए सवाल, कहा - जीडीपी वृद्धि का अग्रिम आकलन कम किया

    केन्द्रीय साख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने पिछले 14 साल में से 12 सालों के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अग्रिम अनुमान उस साल की वास्तविक वृद्धि दर के मुकाबले कम लगाया. केवल दो साल ही इस तरह का मौका आया जब अग्रिम अनुमान वर्ष की जीडीपी वृद्धि दर से ज्यादा रहा. रिजर्व बैंक के एक शोध पत्र में यह कहा गया है.

  • CSO ने जीडीपी वृद्धि का अग्रिम आकलन कम किया : RBI

    CSO ने जीडीपी वृद्धि का अग्रिम आकलन कम किया : RBI

    केन्द्रीय साख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने पिछले 14 साल में से 12 सालों के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अग्रिम अनुमान उस साल की वास्तविक वृद्धि दर के मुकाबले कम लगाया. केवल दो साल ही इस तरह का मौका आया जब अग्रिम अनुमान वर्ष की जीडीपी वृद्धि दर से ज्यादा रहा. रिजर्व बैंक के एक शोध पत्र में यह कहा गया है.

  • चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान : रिपोर्ट

    चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान : रिपोर्ट

    भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2018-19 में बढ़कर 7.3 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है. फिच समूह की कंपनी बीएमआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्माण, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों की गतिविधियां बढ़ने से वृद्धि दर में सुधार होगा.

  • इस साल पहली छमाही में भारत की औसत वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहेगी : रिपोर्ट

    इस साल पहली छमाही में भारत की औसत वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहेगी : रिपोर्ट

    भारतीय अर्थव्यवस्था में चक्रीय सुधार दिखने की उम्मीद है. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेश और उपभोग में सुधार से इस साल की पहली छमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की औसत वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहेगी. जापान की वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी नोमूरा के अनुसार शुद्ध निर्यात की स्थिति खराब होने के बीच निवेश और उपभोग मांग में बढ़ोतरी से मुख्य रूप से वृद्धि दर को रफ्तार मिलेगी.

  • 2018 और 2019 में चीन से ज्यादा होगी भारत की विकास दर: IMF

    2018 और 2019 में चीन से ज्यादा होगी भारत की विकास दर: IMF

    अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष का अनुमान है कि 2018 में भारत की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहेगी, जो 2019 में बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो जाएगी. वहीं इन दो वर्षों के दौरान चीन की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर क्रमश: 6.6 और 6.4 प्रतिशत रहेगी.

  • IMF का अनुमान, 2018 और 2019 में चीन से ज्यादा होगी भारत की विकास दर

    IMF का अनुमान, 2018 और 2019 में चीन से ज्यादा होगी भारत की विकास दर

    एक बार फिर भारत विकास दर में चीन से आगे निकलने वाला है. ऐसा अनुमान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने लगाया है. अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष का अनुमान है कि 2018 में भारत की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहेगी, जो 2019 में बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो जाएगी. वहीं इन दो वर्षों के दौरान चीन की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर क्रमश: 6.6 और 6.4 प्रतिशत रहेगी.