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दलित वोट


'दलित वोट' - 40 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • वजूद बचाने के लिए फिर एक हो सकता है मुलायम का कुनबा

    वजूद बचाने के लिए फिर एक हो सकता है मुलायम का कुनबा

    अखिलेश ने 2017 में यादव और उच्च जाति का वोट लेने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया, लेकिन वहां सफलता नहीं मिली. इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा ने सारे गिले शिकवे भुलाकर बसपा के साथ यादव और दलित के नाम पर गठबंधन किया. अखिलेश का यह प्रयोग भी सफल नहीं हुआ. मुलायम सिंह यादव 2017 में कांग्रेस और 2019 में बसपा से गठबंधन के विरोधी रहे हैं, लेकिन अखिलेश ने उनके सुझावों को दरकिनार कर दिया.

  • राजस्थान में BSP के विधायकों का कांग्रेस में शामिल होना प्रियंका गांधी की इस रणनीति का हिस्सा?

    राजस्थान में BSP के विधायकों का कांग्रेस में शामिल होना प्रियंका गांधी की इस रणनीति का हिस्सा?

    ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस ने अब पूरी तरह से महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) के प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है. लोकसभा चुनाव में भले ही पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन प्रियंका गांधी के पूर्वांचल का मोर्चा संभालते ही उनकी टीम ने दलित राजनीति पर फोकस करना शुरू कर दिया था. दलित और सवर्णों में कभी ब्राह्मण पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय कांग्रेस का कोर वोट बैंक हुआ करते थे.

  • Results 2019: ...तो इन वजहों से यूपी में फेल हो गया सपा-बसपा गठबंधन

    Results 2019: ...तो इन वजहों से यूपी में फेल हो गया सपा-बसपा गठबंधन

    लोकसभा चुनावों में सपा-बसपा गठबंधन यूपी में फेल हो गया. सपा को सिर्फ 5 सीटें मिलीं और बसपा को 10, जबकि यूपी में दलित, ओबीसी और मुस्लिम वोट करीब 78 फीसदी हैं लेकिन करीब 37 फीसद दलित और पिछड़ा वोट बीजेपी में चला गया.

  • Elections 2019: CM योगी के मंत्री ओपी राजभर ने कहा, SP-BSP गठबंधन को मिलेगी पूर्वांचल में भारी जीत, पूरे UP से उसके खाते में जाएंगी 55-60 सीटें

    Elections 2019: CM योगी के मंत्री ओपी राजभर ने कहा, SP-BSP गठबंधन को मिलेगी पूर्वांचल में भारी जीत, पूरे UP से उसके खाते में जाएंगी 55-60 सीटें

    भाजपा से अलग हुए राजभर ने दावा किया कि प्रदेश से भाजपा को सिर्फ 15 सीटें मिलेंगी. सपा-बसपा गठबंधन को 55 से 60 सीटें हासिल होंगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के खाते में ढाई सीट ही आएगी. इससे पहले भी ओमप्रकाश राजभर ने भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि इस बार दिल्ली की कुर्सी पर एक दलित की बेटी बैठेगी. उन्होंने कहा, 'हम भाजपा को वोट नहीं दिलाएंगे. मैं एक घोसी की सीट मांग रहा था, लेकिन हमें नहीं दी गई. देश के चुनाव में हम उनके साथ नहीं हैं.'

  • वो 8 बातें जिनकी वजह से मायावती और कांग्रेस के बीच शुरू हो सकती है तगड़ी जंग, किस ओर जाएंगे दलित

    वो 8 बातें जिनकी वजह से मायावती और कांग्रेस के बीच शुरू हो सकती है तगड़ी जंग, किस ओर जाएंगे दलित

    ऐसा लग रहा है कि देश में दलित वोटों को लेकर कांग्रेस और बीएसपी के बीच बड़ी जंग होने वाली है जो इस लोकसभा चुनाव से शुरू होगी और उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा तक चरम पर पहुंच जाएगी. इंदिरा गांधी के समय कभी दलित, सवर्णों में ब्राह्णण कांग्रेस का कोर वोट बैंक हुआ करते थे. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में क्षत्रपों के बजाए अपने दम पर खड़े होने की कोशिश कर रही है यही वजह है कि लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भले ही प्रियंका गांधी को महासचिव बनाकर पूर्वांचल की जिम्मेदारी दी है लेकिन एक कार्यकर्ता से बातचीत में उन्होंने जब पूछा कि चुनाव की तैयारी कैसे चल रही है तो कार्यकर्ता का जवाब था कि सब ठीक है, तो प्रियंका ने दोबारा कहा, 'इस चुनाव की नहीं, 2022 की.' उनका इशारा साफ था कि वह उत्तर प्रदेश में दूर की रणनीति बनाकर आई हैं. और हो सकता है कि कांग्रेस विधानसभा का चुनाव प्रियंका के ही चेहरे पर लड़े. महागठबंधन में जगह न मिलने के बाद कांग्रेस ने भी सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया. बीते दो-तीन महीने में कई ऐसी बातें रही हैं जो बीएसपी सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस के बीच सीधे टकराव की वजह बन सकती हैं.

  • क्या बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष फंस सकते हैं चंदौली के जातीय चक्रव्यूह में? राजभर का नहीं साथ; सपा-बसपा साथ-साथ

    क्या बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष फंस सकते हैं चंदौली के जातीय चक्रव्यूह में? राजभर का नहीं साथ; सपा-बसपा साथ-साथ

    चंदौली यादव बाहुल्य क्षेत्र है जिनकी संख्या तकरीबन दो लाख पचहत्तर हज़ार के आसपास है. उसके बाद दलित बिरादरी है जो कि करीब दो लाख साठ हज़ार के आसपास है. फिर पिछड़ी जाति में मौर्या हैं जिनकी संख्या एक लाख पचहत्तर हज़ार के आसपास है. ब्राह्मण, राजपूत, मुस्लिम, राजभर भी तकरीबन एक लाख से कुछ अधिक हैं.

  • भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर 'रावण' का यू-टर्न, वाराणसी से PM मोदी के खिलाफ नहीं लड़ेंगे चुनाव, यह है कारण...

    भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर 'रावण' का यू-टर्न, वाराणसी से PM मोदी के खिलाफ नहीं लड़ेंगे चुनाव, यह है कारण...

    भीम आर्मी (Bhim Army) प्रमुख चंद्रशेखर आजाद 'रावण' (Chandrashekhar Ravan) ने अपने उस बयान से यू-टर्न ले लिया है, जिसमें उन्होंने वाराणसी से पीएम मोदी (PM Modi) के खिलाफ चुनाव लड़ने की बात कही थी. चंद्रशेखर 'रावण' (Chandrashekhar Ravan News) ने कहा कि भाजपा को हराने के लिए दलित वोट संगठित रहना चाहिए और उनका संगठन सपा-बसपा गठबंधन का समर्थन करेगा. बता दें कि चंद्रशेखर के इस यू-टर्न से कुछ ही दिन पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने उन्हें भाजपा का एजेंट बताते हुए उन पर दलित वोट बांटने का आरोप लगाया था.

  • BSP-SP-RLD की संयुक्त रैली में दिखे चंद्रशेखर आजाद के पोस्टर्स, मायावती ने बताया था BJP की B टीम

    BSP-SP-RLD की संयुक्त रैली में दिखे चंद्रशेखर आजाद के पोस्टर्स, मायावती ने बताया था BJP की B टीम

    मायावती ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर पर दलित वोट बांटकर भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया था. साथ ही उन्होंने भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए एकजुट रहने की अपील भी की थी.

  • लोकसभा चुनाव : क्या मायावती बन पाएंगी इस बार देश की पहली दलित प्रधानमंत्री?

    लोकसभा चुनाव : क्या मायावती बन पाएंगी इस बार देश की पहली दलित प्रधानमंत्री?

    बीएसपी सुप्रीमो मायावती खुद को पीएम पद का उम्मीदवार मानती हैं. उनका कहना है कि अगर केंद्र में सरकार चलाने का मौका मिला तो वह उत्तर प्रदेश की तर्ज पर देश का विकास करेंगी. यह बात उन्होंने विशाखापत्तनम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही है. लेकिन इन सब के बीच एक बात जानकर हैरानी होगी की अब पहले चरण का मतदान होने में सिर्फ 5 ही दिन बचे हैं और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती की एक भी रैली राज्य में नहीं हुई हैं. उन्होंने अब तक चार रैलियों को संबोधित किया है जिनमें ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना हैं.

  • बीजेपी ने जासूसी के लिए चंद्रशेखर को बीएसपी में भेजने की कोशिश की थी, अब दलित वोटों को बांटने के लिए वाराणसी से लड़वा रही है : मायावती

    बीजेपी ने जासूसी के लिए चंद्रशेखर को बीएसपी में भेजने की कोशिश की थी, अब दलित वोटों को बांटने के लिए वाराणसी से लड़वा रही है : मायावती

    बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है. उन्होंने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर पर दलित वोट बांटकर भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है

  • प्रियंका गांधी वाड्रा के 'प्लान-20' से BSP सुप्रीमो मायावती को उत्तर प्रदेश में पहुंच सकता है तगड़ा नुकसान, 10 बड़ी बातें

    प्रियंका गांधी वाड्रा के 'प्लान-20' से BSP सुप्रीमो मायावती को उत्तर प्रदेश में पहुंच सकता है तगड़ा नुकसान, 10 बड़ी बातें

    प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की उत्तर प्रदेश के दलित समुदाय में ज्यादा से ज्यादा पहुंच सुनिश्चित करने एवं उन्हें कांग्रेस के पक्ष में लामबंद करने के लिए पार्टी ने 35 सदस्यीय ''टीम यूपी'' बनाई है. पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग की ओर बनाई गई इस टीम ने कुछ दिनों पहले ही प्रियंका और सिंधिया के समक्ष अपना ''ब्लूप्रिंट'' रखा और जल्द ही वह उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर उतरने जा रही है. कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नितिन राउत ने कहा कि टीम यूपी मुख्य रूप से उन सीटों पर ध्यान देगी जहां दलित मतदाताओं की संख्या 20 फीसदी या इससे अधिक है.उन्होंने कहा, ''पिछले दिनों हमने प्रियंका गांधी और सिंधिया दोनों को ब्लूप्रिंट सौंप दिया. हम जल्द ही जमीनी स्तर पर काम शुरू कर देंगे.'' प्लान से ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस अपने कोर वोट बैंक को फिर से वापस पाने की कोशिश करेगी जो कभी इंदिरा गांधी के समय कांग्रेस के साथ था लेकिन अब इस पर मायावती का कब्जा है. अगर कांग्रेस का इस प्लान में कामयाबी पाती है तो निश्चित तौर पर बीएसपी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है.

  • अब गठबंधन में भविष्य तलाशने लगी आम आदमी पार्टी की राजनीति

    अब गठबंधन में भविष्य तलाशने लगी आम आदमी पार्टी की राजनीति

    कभी देश की सभी राजनीतिक पार्टियों को बेकार और नकारा बताकर जन्म लेने वाली और राजनीति बदलने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) आज पूरी तरह से गठबंधन की राजनीति के सहारे अपना भविष्य तलाशती नजर आ रही है.

  • योगी सरकार के मंत्री बोले- बुलंदशहर हिंसा BJP की साजिश, 2019 में वोट बैंक के चक्कर में करवा रही

    योगी सरकार के मंत्री बोले- बुलंदशहर हिंसा BJP की साजिश, 2019 में वोट बैंक के चक्कर में करवा रही

    उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शनिवार को कहा कि बहराइच से भाजपा सांसद सावित्रीबाई फुले का इस्तीफा देना बहुत सही निर्णय है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में सांसदों और विधायकों की सुनी नहीं जा रही है. ऐसे में उन्होंने जो निर्णय लिया है वह बिल्कुल ठीक है. बता दें कि बीते दिनों दलित नेता सावित्रीबाई फुले बीजेपी से इस्तीफा दिया था और यह आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी समाज को बांटने की कोशिश कर रही है.  

  • बसपा प्रमुख मायावती ने किया बीजेपी पर हमला, कहा- देवताओं को जाति में बांटने वालों से जनता सावधान रहे

    बसपा प्रमुख मायावती ने किया बीजेपी पर हमला, कहा- देवताओं को जाति में बांटने वालों से जनता सावधान रहे

    उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भगवान हनुमान को दलित समुदाय का बताने वाले कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा था कि वोट और चुनावी स्वार्थ की राजनीति में भाजपा के वरिष्ठ नेतागण इतना गिर गये हैं कि अब वे हिन्दू देवी-देवताओं और आस्थाओं को भी नहीं बख्श रहे हैं.

  • अब बीजेपी की इलाहाबाद में भगवान राम के साथ निषाद राज की मूर्ति लगाने की योजना

    अब बीजेपी की इलाहाबाद में भगवान राम के साथ निषाद राज की मूर्ति लगाने की योजना

    अयोध्या में भगवान राम की सबसे बड़ी मूर्ति लगाने के अलावा बीजेपी सरकार अब प्रयाग में गंगा के किनारे निषाद राज को गले लगाए हुए भगवान राम की मूर्ति लगाएगी. यूपी में निषाद वोट 14 फीसदी हैं. निषाद राज के साथ अब शबरी की भी मूर्ति लगाने की मांग उठी है, जिन्हें रामचरित मानस में नीची जाति का बताया गया है. यूपी में अनुसूचित जाति का वोट भी 21 फीसदी है. बीजेपी ने आज से उनका विशेष सम्मेलन शुरू किया है.

  • भाजपा के 'दलित प्रेम' से सतर्क हुई बसपा, 2019 से पहले काट ढूंढने के लिए उठाया यह कदम

    भाजपा के 'दलित प्रेम' से सतर्क हुई बसपा, 2019 से पहले काट ढूंढने के लिए उठाया यह कदम

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश इस बार मायावती के एजेंडे में सबसे ऊपर होगा, क्योंकि भाजपा की ध्रुवीकरण चाल और उसके बढ़ते दलित प्रेम से वह पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. बसपा प्रमुख ने भाजपा के इस एजेंडे की धार को भांपने के लिए ही पार्टी पदाधिकारियों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ग्राउंड रिपोर्ट पेश करने को कहा है.

  • चुनाव समीप आते ही कांग्रेस-बीजेपी को दलित वोटों की फिक्र सताने लगी

    चुनाव समीप आते ही कांग्रेस-बीजेपी को दलित वोटों की फिक्र सताने लगी

    विधानसभा चुनाव आते ही, कांग्रेस-बीजेपी दोनों को दलित वोटों की फिक्र सताने लगी है. दलित वोटरों में किसकी कितनी पैठ है ये भी आंका जाने लगा है. जहां कांग्रेस जिताऊ उम्मीदवार का वजन देखने के साथ जाति धर्म के आधार पर सर्वे करवा रही है, वहीं बीजेपी दलित वोटरों पर नजर रखने हर बूथ पर जाति प्रमुखों की तैनाती कर रही है.

  • क्यों IITians को बनानी पड़ी बहुजन आज़ाद पार्टी, पढ़ें खास बातचीत

    क्यों IITians को बनानी पड़ी बहुजन आज़ाद पार्टी, पढ़ें खास बातचीत

    पिछले कुछ दिनों से बहुजन आजाद पार्टी की चर्चा काफी जोरशोर से है. ऐसा कहा जा रहा है कि 50 IITian  ने अपनी नौकरी छोड़ कर पार्टी बनाई है, जिसका मुख्य मकसद है दलितों के लिए काम करना. पार्टी के जरिए ये लोग दलितों की समस्या का समाधान करना चाहते हैं. 2020 में बिहार में होने वाले विधान सभा चुनाव चुनाव में यह लोग अपना किस्मत आज़माना चाहते हैं. सोशल मीडिया पर इस पार्टी की काफी चर्चा है. कुछ लोग इस पार्टी की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग आलोचना करने में लग गए हैं. कुछ लोगों का कहना है कि इस पार्टी के पीछे आरएसएस का हाथ है, क्योंकि बिहार विधान सभा चुनाव में आरएसएस दलित वोट का विभाजन करना चाहता है.

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