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निर्भया कांड के चार साल


'निर्भया कांड के चार साल' - 5 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • निर्भया कांड के चार साल बाद भी देश में नहीं बदले सूरते हाल

    निर्भया कांड के चार साल बाद भी देश में नहीं बदले सूरते हाल

    16 दिसंबर 2012 को दिल्‍ली में हुए निर्भया कांड को आज चार साल हो चुके हैं. इस जघन्‍य वारदात के बाद हुए तमाम विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने निर्भया एक्‍ट भी बनाया ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. निर्भया फंड भी बनाया गया ताकि पीड़ितों को कुछ राहत पहुंचाई जा सके. लेकिन आज उस घटना के चार साल बाद भी देश में सूरतेहाल नहीं बदले हैं.

  • निर्भया कांड की बरसी पर याद आते सवाल...

    निर्भया कांड की बरसी पर याद आते सवाल...

    निर्भया कांड की चौथी बरसी पर एक बार फिर पलटकर देखने का मौका है. उस वीभत्स, भयानक और घिनौने अपराध ने देश को इतना झकझोर दिया था. कानून तो तब भी हमारे पास पर्याप्त थे लेकिन उस मामले के बाद हमने अलग से कानून बनाने की कवायद भी की थी. कुछ ऐसी संजीदगी जताई गई थी जैसे आगे से महिलाओं पर जोरजुल्म पर रोक लग जाएगी. लेकिन रोज खबरें मिलती हैं कि महिलाओं के प्रति अपराध और अत्याचार की स्थिति आज भी ठीक नहीं है.

  • निर्भया कांड - तीन माह में कानून में बदलाव पर अदालत चार साल में नहीं बदली

    निर्भया कांड - तीन माह में कानून में बदलाव पर अदालत चार साल में नहीं बदली

    निर्भया कांड के तुरंत बाद हमने मुख्य न्यायाधीश से मिलकर निवेदन किया कि सुप्रीम कोर्ट के 35 से अधिक फैसलों का केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रभावी पालन नहीं होता जो राष्ट्रीय समस्या है. निर्भया के बाद उपजे सोशल मीडिया के आंदोलन से कानून और सरकार तो बदल गए पर चार साल बाद भी व्यवस्था जस की तस क्यों है?

  • सिर्फ लंबे-चौड़े भाषण, मगर महिलाएं सुरक्षित होंगी कब? : निर्भया के पिता बद्रीनाथ का सवाल

    सिर्फ लंबे-चौड़े भाषण, मगर महिलाएं सुरक्षित होंगी कब? : निर्भया के पिता बद्रीनाथ का सवाल

    16 दिसंबर 2014... इस तारीख को देश के इतिहास में कभी भुलाया नहीं जा सकता. चार साल पहले आज ही के दिन घटित इस घटना ने न सिर्फ देश, बल्कि दुनिया को भी हिलाकर रख दिया.

  • निर्भया केस : जब लोगों के सब्र का पैमाना छलक गया और सियासत बदल गई

    निर्भया केस : जब लोगों के सब्र का पैमाना छलक गया और सियासत बदल गई

    चार साल पहले 16 दिसंबर, 2012 को दक्षिण दिल्‍ली के मुनीरका इलाके में एक लड़की अपने दोस्‍त के साथ बस स्‍टैंड पर सवारी का इंतजार कर रही थी. एक बस आकर रुकी. वे सवारी बस समझकर उस पर चढ़ गए.