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'निर्यात' - 314 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • 30 नवंबर तक बेंगलुरु के 'रोज' किस्म के प्याज का निर्यात करेगी सरकार

    30 नवंबर तक बेंगलुरु के 'रोज' किस्म के प्याज का निर्यात करेगी सरकार

    सरकार की ओर से बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर अंकुश लगाने के तमाम उपायों के बावजूद अगस्त माह से प्याज की खुदरा कीमतों में भारी वृद्धि के बीच प्याज के निर्यात पर रोक लगाई गई थी. महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्याज उत्पादक राज्यों में बाढ़ के बाद आपूर्ति बाधित होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य हिस्सों में खुदरा प्याज की कीमतें बढ़कर 50-60 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई.

  • सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा- किसी भी तरह के उभरते खतरों से निपटने के लिए...

    सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा- किसी भी तरह के उभरते खतरों से निपटने के लिए...

    रावत ने रक्षा अताशे के चौथे सम्मेलन में यहां कहा, ‘‘हम महज अपने सशस्त्र बलों को हथियारबंद करने के लिए हथियारों का निर्माण नहीं कर रहे हैं बल्कि धीरे-धीरे हम निर्यात उन्मुखी रक्षा उद्योग बन रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा रक्षा निर्यात वर्तमान में 11 हजार करोड़ रुपये वार्षिक है और 2024 तक इसके 35 हजार करोड़ तक बढ़ने की उम्मीद है.’’

  • भारत में बढ़ी कीमतों की वजह से बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने भी बंद किया प्याज खाना!

    भारत में बढ़ी कीमतों की वजह से बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने भी बंद किया प्याज खाना!

    प्‍याज का मामला अंतरराष्‍ट्रीय बनते जा रहा है. बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना अभी भारत के दौरे पर हैं. एक कार्यक्रम में प्‍याज को लेकर अपने मन की बात बोल ही दी. शेख हसीना ने कहा कि प्‍याज में थोड़ी दिक्‍कत हो गई हमारे लिए. मुझे मालूम नहीं क्‍यों आपने प्‍याज बंद कर दिया?

  • सरकार ने प्याज के निर्यात पर रोक लगाई, इस वजह से लिया फैसला

    सरकार ने प्याज के निर्यात पर रोक लगाई, इस वजह से लिया फैसला

    सरकार ने हर किस्म के प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है. प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है. वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने अधिसूचना में कहा, 'सभी किस्म के प्याज पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.' डीजीएफटी आयात और निर्यात से संबंधित मुद्दों को देखता है.

  • भारत के पेट्रोनेट ने टेल्यूरियन से 50 लाख टन एलएनजी का समझौता किया

    भारत के पेट्रोनेट ने टेल्यूरियन से 50 लाख टन एलएनजी का समझौता किया

    साल 2016 में लॉन्च एलएनजी उद्योग की प्रमुख कंपनी शेरिफ सौकी, टेल्यूरियन एलएनजी ने अप्रैल में कंपनी के प्रस्तावित ड्रिफ्टवुड एलएनजी निर्यात टर्मिनल को बनाने का परमिट प्राप्त किया था. प्रतिवर्ष 2.76 करोड़ मीट्रिक टन एलएनजी तक का उत्पादन करने के लिए ड्रिफ्टवुड एलएनजी का डिजायन बनाया गया है और इसका परमिट लिया गया है.

  • ई-सिगरेट पर बैन के लिए कांग्रेस ने की मोदी सरकार की तारीफ लेकिन पूछा ये सवाल

    ई-सिगरेट पर बैन के लिए कांग्रेस ने की मोदी सरकार की तारीफ लेकिन पूछा ये सवाल

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में ई-सिगरेट  (E-Cigarette)  पर बैन लगाने का फैसला लिया गया.

  • सरकार के हालिया कदम से अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति : फिक्की

    सरकार के हालिया कदम से अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति : फिक्की

    रियल स्टेट के क्षेत्र और निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा उठाए गए हालिया कदमों से सुस्ती के दौर से गुजर रही अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी. यह बात उद्योग संगठन फिक्की के प्रेसिडेंट प्रदीप सोमानी ने रविवार को कही। भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने वित्तमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों का स्वागत किया है.  सीतारमण ने निर्यात और आवासीय क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए शनिवार को 60,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की. 

  • मैंने ऑटोमोबाइल निर्माताओं से कहा, कभी खुशी होती है, कभी गम होता है..... यही जीवन चक्र है : नितिन गडकरी

    मैंने ऑटोमोबाइल निर्माताओं  से कहा, कभी खुशी होती है, कभी गम होता है..... यही जीवन चक्र है : नितिन गडकरी

    केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अर्थव्यवस्था में सुस्ती के दौर के बीच शनिवार को कहा कि उद्योगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि मुश्किल समय गुजर जायेगा.  गडकरी ने विदर्भ उद्योग संघ के 65वें स्थापना दिवस पर यहां कहा, 'मुझे पता है कि उद्योग काफी कठिन दौर से गुजर रहे है. हम वृद्धि दर बढ़ाना चाहते हैं.' उन्होंने कहा कि हाल ही में वह ऑटोमोबाइल निर्माताओं से मिले थे और वे कुछ चिंतित थे. उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे कहा, कभी खुशी होती है, कभी गम होता है. कभी आप सफल होते हैं और कभी आप असफल होते हैं. यही जीवन चक्र है.' वहीं दूसरी ओर  वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिये शनिवार को बाजार प्रोत्साहन के उपायों की तीसरी किस्त की घोषणा की. इसमें रीयल एस्टेट तथा निर्यात क्षेत्रों को कुल मिला कर 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय मदद देने की योजनाएं शामिल हैं.

  • अधूरे प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए 10000 करोड़ रुपये की सरकारी मदद आम्रपाली, जेपी और युनिटेक को नहीं मिलेगी, 10 बड़ी बातें

    अधूरे प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए 10000 करोड़ रुपये की सरकारी मदद आम्रपाली, जेपी और युनिटेक को नहीं मिलेगी, 10 बड़ी बातें

    वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने फिर एक प्रेस कान्फ्रेंस कर अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कुछ नए ऐलान किए हैं. इस बार ऐलान हाउसिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर से जुड़े हैं. देश भर में अटके हुए अफ़ॉर्डेबल और मिडिल क्लास हाउसिंग प्रोजेक्ट्स जो NPA या दिवालिया अदालत में नहीं हैं उनके लिए सरकार ने दस हज़ार करोड़ रूपए के फंड का एलान किया है. एक महीने में तीसरी बार वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस की है. जिसमें अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए कई अहम ऐलान किए जा चुके हैं. इस बार बार निर्यात और हाउसिंग क्षेत्र में राहत देने के लिए सरकार ने ऐलान किए हैं.

  • TOP 5 NEWS: निर्मला सीतारमण ने निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर, गृह मंत्री ने की हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की अपील

    TOP 5 NEWS: निर्मला सीतारमण ने निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर,  गृह मंत्री ने की हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की अपील

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, 'महंगाई की दर 4 फीसदी नीचे है. मुद्रास्फीति नियंत्रण में है. आज, हम कर-संबंधी सुधार उपायों, निर्यात और घर-खरीदारों पर विचार करेंगे.'

  • अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किए कई ऐलान, निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर

    अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किए कई ऐलान, निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर

    Nirmala Sitharaman Press Conference: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, महंगाई की दर 4 फीसदी नीचे है. मुद्रास्फीति नियंत्रण में है. आज, हम कर-संबंधी सुधार उपायों, निर्यात और घर-खरीदारों पर विचार करेंगे.' सीतारमण का कहना है कि अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार का स्पष्ट संकेत है. सीतारमण ने कहा, 'हम रिएल एस्टेट के लिए कदम उठाएंगे. हमारा लक्ष्य अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाना है. बैंकिंग क्षेत्र में असर दिख रहा है. 19 को बैंक अधिकारियों की बैठक है. हम निर्यात बढ़ाने के लिए कदम उठाएंगे.

  • दुनिया में आर्थिक मंदी का भारत के चमड़ा उद्योग पर बुरा असर

    दुनिया में आर्थिक मंदी का भारत के चमड़ा उद्योग पर बुरा असर

    अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में मंदी का असर भारत के चमड़ा उद्योग पर बुरी तरह पड़ा है. ख़ासकर निर्यात 60 फ़ीसदी तक घट गया है. सुनील हरजाई की कंपनी सिद्धार्थ फुटवेयर एक्सपोर्ट्स 11 अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के लिए जूते बनाती है. दुनिया भर से ऑर्डर आते हैं. लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसमें कमी आ गई है. हालत ये है कि पिछले 2-3 महीनों से उनकी 15 मशीनें बंद पड़ी हैं.

  • PM मोदी का पाक को कड़ा संदेश- आतंक का निर्यात करने वालों का असली चेहरा दुनिया के सामने लाना है

    PM मोदी का पाक को कड़ा संदेश- आतंक का निर्यात करने वालों का असली चेहरा दुनिया के सामने लाना है

    उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन को लेकर हर सरकार ने कुछ न कुछ प्रयास किया, लेकिन इच्छा के अनुरूप परिणाम नहीं मिले हैं. मोदी ने कहा, ‘‘ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सपनों को पंख लगें, यह हम सबकी जिम्मेदारी है. जो लोग अनुच्छेद 370 की वकालत कर रहे हैं उनसे देश पूछ रहा है कि अगर यह इतना महत्वपूर्ण था तो इसे आप लोगों ने स्थायी क्यों नहीं किया, अस्थायी क्यों बनाए रखा?’

  • ऑटोमोबाइल उद्योग में मंदी की मार का असर ऑटो एंसिलरी सेक्टर पर भी

    ऑटोमोबाइल उद्योग में मंदी की मार का असर ऑटो एंसिलरी सेक्टर पर भी

    दुनिया भर में ऑटोमोबाइल उद्योग में जारी सुस्ती की मार देश के ऑटो एंसिलरी सेक्टर भी पड़ा है. उद्योग संगठन की मानें तो घरेलू और वैश्विक मंदी के साथ-साथ सरकारी नीति की अनिश्चितता और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीन की आक्रामक चाल से भारत ऑटो एंसिलरी सेक्टर प्रभावित है.  ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि भारत की एंसिलरी इंडस्ट्री 57 अरब डॉलर की है जिस पर सुस्ती की जबरदस्त मार पड़ी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार से भारत में कारोबार बढ़ना चाहिए लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया. एसीएमए के प्रेसिडेंट राम वेंकटरमानी ने आईएएनएस से कहा, "भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग देश में वाहन विनिर्माताओं की बिक्री, रिप्लेसमेंट और निर्यात की तिपाई पर निर्भर है. सभी सेगमेंट पर दबाव देखा जा रहा है." उन्होंने कहा, "घरेलू ओईएम (ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चर्स) मार्केट और सभी वाहन विनिर्माता भारी दबाव में है. पिछले 10-12 महीनों से उनकी बिक्री घटती जा रही है."

  • अरविंद अब भी अड़े हैं कि जीडीपी 2.5 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है

    अरविंद अब भी अड़े हैं कि जीडीपी 2.5 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है

    आपको याद होगा कि मोदी सरकार के पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने कहा था कि 2011 से लेकर 2016 के बीच जीडीपी का डाटा सही नहीं है. जो बताया गया है वो 2.5 प्रतिशत अधिक है. उनके दावे के आधार पर कई प्रश्न उठे थे जिसका जवाब अरविंद ने दिया है. बताया है कि 2011 से 2016 के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को कई गंभीर झटके लगे हैं. निर्यात ध्वस्त हो गया, बैंक घाटे में आ गए,

  • सबकुछ काफी ठीक है बस अर्थव्यवस्था में नौकरी, सैलरी और सरकार के पास पैसे नहीं हैं...

    सबकुछ काफी ठीक है बस अर्थव्यवस्था में नौकरी, सैलरी और सरकार के पास पैसे नहीं हैं...

    जून में निर्यात का आंकड़ा 41 महीनों में सबसे कम रहा है. आयात भी 9 प्रतिशत कम हो गया है जो कि 34 महीने में सबसे कम है. सरकार मानती है कि दुनिया भर में व्यापारिक टकरावों के कारण ऐसा हुआ है. सरकार ने 2018-19 और 2019-20 के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों पर सरचार्ज लगाकर 17000 करोड़ वसूले हैं.

  • बजट 2019 : ध्यान राहत के बजाय वृद्धि पर केंद्रित, उद्योग जगत की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं

    बजट 2019 :  ध्यान राहत के बजाय वृद्धि पर केंद्रित, उद्योग जगत की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं

    उद्योग जगत ने बजट 2019 पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं. उद्योगपतियों ने कहा है कि यह बजट राहत देने वाला नहीं बल्कि आर्थिक वृद्धि पर केंद्रित है. कार्पोरेट जगत को इस बजट में कुछ हासिल नहीं हुआ है.

  • फिनटेक, स्टार्ट-अप को बजट में कर रियायत, कोष उपलब्धता, डिजटलीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

    फिनटेक, स्टार्ट-अप को बजट में कर रियायत, कोष उपलब्धता, डिजटलीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

    वित्त प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप कंपनियों को चालू वित्त वर्ष के आगामी पूर्ण बजट में कर राहत के साथ-साथ नए सुधारों की उम्मीद है. इसमें कोष तक पहुंच और डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने जैसे सुधार शामिल हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली दूसरी सरकार का यह बजट ऐसे समय आ रहा है जब देश में उपभोग मांग तेजी से नहीं बढ़ रही है, निवेश सिकुड़ रहा है जबकि निर्यात की गति सुस्त पड़ी है.