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पिथौरागढ़


'पिथौरागढ़' - 28 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • भारत के कड़े विरोध के बाद पीछे हटा नेपाल- नए नक्‍शे पर फिलहाल लगाई रोक

    भारत के कड़े विरोध के बाद पीछे हटा नेपाल- नए नक्‍शे पर फिलहाल लगाई रोक

    भारत और नेपाल, दोनों कालापानी को अपनी सीमा का अभिन्न हिस्सा बताते हैं. भारत उसे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का हिस्सा बताता है, वहीं नेपाल इसे धारचुला जिले का हिस्सा बताता है. गयावली ने कहा कि भूमि प्रबंधन मंत्रालय जल्द ही नेपाल का आधिकारिक मानचित्र सार्वजनिक करेगा.  

  • नेपाल से सीमा विवाद पर भारत का करारा जवाब, 'दिखावटी' नक्शे से किया दावा स्वीकार नहीं

    नेपाल से सीमा विवाद पर भारत का करारा जवाब, 'दिखावटी' नक्शे से किया दावा स्वीकार नहीं

    लिपुलेख दर्रा नेपाल और भारत के बीच विवादित सीमा, कालापानी के पास एक दूरस्थ पश्चिमी स्थान है. भारत और नेपाल, दोनों कालापानी को अपनी सीमा का अभिन्न हिस्सा बताते हैं. भारत उसे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का हिस्सा बताता है, वहीं नेपाल इसे धारचुला जिले का हिस्सा बताता है.

  • नेपाली PM ने भारत के खिलाफ उगला जहर, कहा, 'चीन-इतालवी वायरस से ज्यादा खतरनाक...'

    नेपाली PM ने भारत के खिलाफ उगला जहर, कहा, 'चीन-इतालवी वायरस से ज्यादा खतरनाक...'

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से जाने वाली यह सड़क पूरी तरह से भारतीय सीमा के अंदर है. यह वही सड़क है जिसका उपयोग कैलाश मानसरोवर यात्री पहले से करते आ रहे हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा, "वर्तमान परियोजना के तहत, एक ही सड़क को तीर्थयात्रियों, स्थानीय लोगों और व्यापारियों की सुविधा और सुविधा के लिए अनुकूल बनाया गया है।"

  • नए नक्शे को मंज़ूरी देकर नेपाल ने भारत के साथ खड़ा किया विवाद, नेपाली PM बोले - 'लिपुलेख-कालापानी' को करेंगे हासिल

    नए नक्शे को मंज़ूरी देकर नेपाल ने भारत के साथ खड़ा किया विवाद, नेपाली PM बोले - 'लिपुलेख-कालापानी' को करेंगे हासिल

    लिपुलेख दर्रा नेपाल और भारत के बीच विवादित सीमा, कालापानी के पास एक दूरस्थ पश्चिमी स्थान है. भारत और नेपाल, दोनों कालापानी को अपनी सीमा का अभिन्न हिस्सा बताते हैं. भारत उसे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का हिस्सा बताता है, वहीं नेपाल इसे धारचुला जिले का हिस्सा बताता है.

  • श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर, कैलाश मानसरोवर यात्रा की दूरी 10 किलोमीटर हुई कम

    श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर, कैलाश मानसरोवर यात्रा की दूरी 10 किलोमीटर हुई कम

    कैलाश मानसरोवर यात्रा अब दस किलोमीटर छोटी हो गई है. उत्तराखंड के धारचूला से चीन सीमा के  लिपुलेख तक सड़क मार्ग को 10 किलोमीटर तक काट दिया गया है और अब से यह आसान और बहुत सुखद यात्रा होगी. पहले पूरी यात्रा 2-3 सप्ताह में पूरी हो जाती थी लेकिन अब श्रद्धालु एक सप्ताह के भीतर ही पूरी कर लेंगे. धारचूला से लिपुलेख तक जाने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क का उद्घाटन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने किया था, जिन्होंने पिथौरागढ़ से गुंजी तक वाहनों के काफिले को कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रवाना किया था. 

  • कैलाश मानसरोवार यात्रा पर संशय, तैयार‍ियों के लिए नहीं बचा समय

    कैलाश मानसरोवार यात्रा पर संशय, तैयार‍ियों के लिए नहीं बचा समय

    KMVN के अलावा पिथौरागढ़ जिला प्रशासन और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस भी मानसरोवर यात्रा की तैयारियों में शामिल रहते हैं लेकिन इस बार किसी भी एजेंसी को अब तक विदेश मंत्रालय से इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं और अब तक अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है.

  • पिथौरागढ़ जाना हुआ आसान, अब हिंडन हवाई अड्डे से नियमित उड़ान शुरू 

    पिथौरागढ़ जाना हुआ आसान, अब हिंडन हवाई अड्डे से नियमित उड़ान शुरू 

    इसे लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली से पिथौरागढ़ तक सड़क मार्ग से जाने में काफी समय लगता था जो मंहगा भी था. उन्होंने कहा कि हवाई सेवा के शुरू होने से लोगों के समय की बचत होने के साथ ही वहां आर्थिक दृष्टि से भी लोगों को फायदा होगा.  रावत ने कहा कि पिथौरागढ़ का सीमांत जिला होने के कारण यह हवाई सेवा सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के आपदा की दृष्टि से संवेदनशील होने व गंभीर मरीजों को कम समय में हायर सेंटर तक पहुंचाने के अलावा कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों को भी इस हवाई सेवा से लाभ मिलेगा.

  • बेहतर लाइब्रेरी और शिक्षकों की मांग को लेकर पिथौरागढ़ के छात्रों का अनोखा आंदोलन...

    बेहतर लाइब्रेरी और शिक्षकों की मांग को लेकर पिथौरागढ़ के छात्रों का अनोखा आंदोलन...

    कुछ दिन पहले दिल्ली के नज़फ़गढ़ से एक छात्र ने लिखा था कि उसके गांव में लाइब्रेरी नहीं है. लाइब्रेरी जाने के लिए उसे दिल्ली में ही 40 किलोमीटर का सफ़र करना पड़ता है. शायद वह पहला मौका था या पहला दर्शक था जिसने लाइब्रेरी के लिए हमें पत्र लिखा था. पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से छात्रों के मैसेज आ रहे थे कि वे लाइब्रेरी और किताबों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. ऐसा कब सुना है आपने कि छात्र अपने कॉलेज की कबाड़ हो चुकी लाइब्रेरी को बेहतर करने के लिए आंदोलन कर रहे हों. ज़ाहिर है इस पर ध्यान जाना ही चाहिए.

  • गूगल ने अपना डूडल नैन सिंह रावत को समर्पित किया, जानें कौन है यह शख्‍स

    गूगल ने अपना डूडल नैन सिंह रावत को समर्पित किया, जानें कौन है यह शख्‍स

    मशहूर सर्च इंजन गूगल ने अपना डूडल खास कारनामा करने के बावजूद लगभग गुमनामी के अंधेरे में खोए 'पर्वतारोही' नैन सिंह रावत का समर्पित किया है. नैन सिंह रावत का जन्म पिथौरागढ़ जिले के मिलम गांव में 21 अक्‍टूबर 1830 को हुआ था. उनको बिना किसी आधुनिक उपकरण के पूरे तिब्बत का नक्शा तैयार करने का श्रेय जाता है.

  • क्‍या आप जानते हैं, क्‍यों फटते हैं बादल? जानें 5 बातें...

    क्‍या आप जानते हैं, क्‍यों फटते हैं बादल? जानें 5 बातें...

    पिथौरागढ़ के मालपा में बादल फटने की घटना के चलते चार लोगों की मौत हो गई है और सात लोग लापता हैं. मालपा में शिव मंदिर के पास यह घटना घटी. इसके चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा रोक दी गई है.

  • पिथौरागढ़ में बादल फटा, 7 लोगों की मौत- कैलाश मानसरोवर यात्रा रुकी

    पिथौरागढ़ में बादल फटा, 7 लोगों की मौत- कैलाश मानसरोवर यात्रा रुकी

    उत्‍तराखंड में पिथौरागढ़ के मालपा के निकट बादल फटने से अचानक आई बाढ़ की वजह से 11 लोग लापता हो गए. इनमें से अब तक सात लोगों के शव बरामद हो गए हैं, जबकि सेना के कई जवान भी लापता हैं.

  • उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, बादल फटने से कई मकान मिट्टी में दबे

    उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, बादल फटने से कई मकान मिट्टी में दबे

    पिथौरागढ़ जिले में बंगापानी इलाके में बादल फटने के कारण एक पुल ढह गया और करीब आधा दर्जन घर मिट्टी में मिल गए. बारिश में दो दर्जन मवेशी बह गए.

  • सुप्रीम कोर्ट ने उतराखंड के कुछ हिस्सों में हाईवे पर शराब की दुकानों की इजाजत दी

    सुप्रीम कोर्ट ने उतराखंड के कुछ हिस्सों में हाईवे पर शराब की दुकानों की इजाजत दी

    सुप्रीम कोर्ट ने उतराखंड के कुछ हिस्सों में हाईवे पर शराब की दुकानों की इजाजत दे दी है. राज्‍य में उतरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल की चार तहसील और देहरादून की कुछ तहसील हैं जहां हाईवे पर शराब की दुकानों की इजाजत दी गई है.

  • उत्‍तराखंड: कार पर पहाड़ से अचानक आ गिरा बड़ा पत्थर, पांच लोगों की मौत, दो अन्‍य घायल

    उत्‍तराखंड: कार पर पहाड़ से अचानक आ गिरा बड़ा पत्थर, पांच लोगों की मौत, दो अन्‍य घायल

    धारचुला क्षेत्र में एक कार पर पहाड़ से एक बोल्डर गिरने से उसमें यात्रा कर रहे एक नेपाली परिवार के तीन सदस्यों समेत पांच व्यक्तियों की मृत्यु हो गई. घटना में दो अन्य लोग घायल भी हुए हैं.

  • उत्तराखंड के चार जिलों में अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी

    उत्तराखंड के चार जिलों में अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी

    पिथौरागढ़, नैनीताल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में मंगलवार शाम से अगले 48 घंटों में भारी बारिश और तूफान तथा 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों में तूफान और ओला वृष्टि के मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार ने परामर्श जारी किया है.

  • पिथौरागढ़ के 'अन संग हीरो' पंडित गिरीश चंद जोशी की अनोखी कहानी...

    पिथौरागढ़ के 'अन संग हीरो' पंडित गिरीश चंद जोशी की अनोखी कहानी...

    दिल्ली से करीब 525 किलोमीटर दूर पहाड़ में बसा शहर पिथौरागढ़. यहां एक ऐसे शख्स हैं जो कई सालों से बच्चों के लिए काम कर रहे हैं. 55 साल के पंडित गिरीश चंद जोशी जो जादरदेवल में रहते हैं. जूनियर हाईस्कूल नैनीपातल में सहायक शिक्षक हैं जो इंग्लिश, हिंदी और संस्कृत पढ़ाते हैं. 2005 से समाज सेवा ही अब इनका जीवन है. करीब दस हज़ार बच्‍चों की मदद कर चुके हैं जिसमें अपनी जिंदगी की सारी बचत भी लगा चुके हैं. GPF में दस लाख था वो भी खर्च हो चुका है.

  • उत्तराखंड के चमोली में एक और लाश मिली, मरने वालों की संख्या 21 पहुंची

    उत्तराखंड के चमोली में एक और लाश मिली, मरने वालों की संख्या 21 पहुंची

    उत्तराखंड में मलबे से और एक शव बरामद होने के साथ ही एक जुलाई को पिथौरागढ़ और चमोली जिलों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढकर 21 हो गई है।

  • उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही : 29 लोगों की मौत, कई लापता, तलाश जारी

    उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही : 29 लोगों की मौत, कई लापता, तलाश जारी

    उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और बादल फटने की वजह से अब तक राज्य में 29 लोगों की मौत की ख़बर है और कई लोग लापता हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। बाढ़ से निपटने के लिए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में सेना की दो टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं।

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